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सफलतापूर्वक पूरा हुआ प्रधानमंत्री का नौ मिनट रोशनी बंद करने का आह्वान, ग्रिड पर कोई असर नहीं
Sun, 05 Apr 2020 10:33 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 05 Apr 2020 10:33 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को रात नौ बजे से नौ मिनट के लिए देश भर में घरों के बल्ब और ट्यूबलाइट बंद होने से बिजली ग्रिड पर कोई असर नहीं पड़ा। सरकार और बिजली कंपनियों के मांग में अचानक से कमी और फिर बढ़ोतरी की स्थिति से निपटने के लिए तैयार की गई विस्तृत कार्य योजना से कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलाया दीया
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विस्तार
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान के तहत देश के नाम अपने संदेश में ‘अंधकार को चुनौती’ के रूप मे रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट तक बिजली बंद करने और दीया, टार्च या मोबाइल से रोशनी करने की अपील की थी।
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बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा, बिजली आपूर्ति में कमी (रैंप डाउन) और फिर बढ़ोतरी (रैंप अप) का काम सुचारू रूप से चला। अधिकारियों ने अच्छे तरीके से इसका प्रबंध किया। मैं और मेरे साथ वरिष्ठ अधिकारी, बिजली सचिव और पोस्को सीएमडी और नेशनल मॉनिटरिंग सेंटर से व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रखे हुए थे। मैं एनएलडीसी (नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर), आरएलडीसी (रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर) और एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) के सभी इंजीनियरों को स्थिति से बखूबी निपटने को लेकर बधाई देता हूं।
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सिंह के अनुसार करीब चार-पांच मिनट के दौरान बिजली खपत 1,17,000 मेगावाट से कम होकर 85,300 मेगावाट रही। यह संभावित 12,0000 मेगावाट की कमी से कहीं अधिक थी। उन्होंने बिजली उत्पादन कंपनियों एनटीपीसी और एनएचपीसी की सराहना की। सिंह ने कहा कि पनबिजली क्षेत्र से अच्छा योगदान मिला। मंत्रालय के अनुसार लाइट बंद होने के बाद मांग में कमी के पश्चात 110 मेगावाट की बढ़ोतरी (रैंप अप) सुचारू रही। कहीं से भी बिजली में गड़बड़ी या बंद होने की घटना नहीं हुई।
बता दें कि ऐसी आशंका जताई गई थी कि प्रधानमंत्री की अपील पर रात नौ बजे से नौ मिनट तक घरों में बल्ब, ट्यूबलाइट बंद होने से बिजल ग्रिड पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि था कि देश की ग्रिड व्यवस्था मजबूत है और इस प्रकार की आशंकाएं निराधार हैं।