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PM Modi: आज लचित बरफुकान जयंती के समापन समारोह को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, पढ़ें पूरी खबर
Fri, 25 Nov 2022 06:33 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 25 Nov 2022 06:33 AM IST
सार
लचित बरफुकन अहोम साम्राज्य की शाही सेना के सेनापति थे, जिन्होंने 1671 में सरायघाट की लड़ाई में मुगलों को बुरी तरह पराजित किया था
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पीएम मोदी
- फोटो : PTI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 नवंबर, 2022 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सुबह 11 बजे लचित बरफुकन की 400वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले उत्सव के समापन समारोह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी हमेशा गुमनाम नायकों को उचित सम्मान देने की बात कहते रहे हैं। इसी भावना के अनुरूप देश वर्ष 2022 को लचित बरफुकन की 400वीं जयंती वर्ष के रूप में मना रहा है। इस उत्सव का उद्घाटन इस वर्ष फरवरी में भारत के तत्कालीन माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद द्वारा गुवाहाटी में किया गया था।
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लचित बरफुकन (24 नवंबर, 1622 - 25 अप्रैल, 1672) असम के अहोम साम्राज्य की शाही सेना के प्रसिद्ध सेनापति थे, जिन्होंने मुगलों को हराकर औरंगजेब के अधीन मुगलों की लगातार बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को सफलतापूर्वक रोक दिया था।
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लचित बरफुकन ने 1671 में लड़ी गई सरायघाट की लड़ाई में असमिया सैनिकों को प्रेरित किया और मुगलों को धूल चटा दी थी। लचित बरफुकन और उनकी सेना की वीरतापूर्ण लड़ाई हमारे देश के इतिहास में प्रतिरोध की सबसे प्रेरक सैन्य उपलब्धियों में से एक है।
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अमित शाह बोले- हमारे इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया
वहीं एक दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असमिया योद्धा लचित बरफुकन की 400वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि लचित बरफुकन का जीवन न केवल एक सेनापति के रूप में बल्कि एक देशभक्त के रूप में रहा। सराईघाट की लड़ाई को आज भी याद किया जाता है और याद किया जाना चाहिए। शाह ने आगे कहा, मैंने हमेशा सुना है कि हमारे इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया और गलत तरीके से लिखा गया है। यह सच हो सकता है, लेकिन अब हमें अपने गौरवशाली इतिहास के बारे में लिखने से कौन रोक सकता है?