युवा आईपीएस अधिकारियों से पीएम मोदी का संवाद, बिहार की तनुश्री को समझाया टेक्सटाइल और टेरर में अंतर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के ट्रेनी आईपीएस अधिकारियों से संवाद किया और उन्हें अच्छा पुलिसवाला बनने की हिदायत दी। देश की सेवा में शामिल होने जा रहे इन अधिकारियों को प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेनिंग से लेकर लोकतंत्र और योग का महत्व समझाया।
Police officers think that when they join a new duty, everyone should fear them, especially area gangsters.
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Watching films like Singham they think highly of themselves, so the actual work is ignored. You should avoid this: PM Modi in his virtual address to trainee IPS officers https://t.co/LxFZAaCf6i pic.twitter.com/QKmPeNnuYU— ANI (@ANI) September 4, 2020
इस संवाद में प्रधानंमंत्री मोदी ने आईपीएस अधिकारियों को सिंघम बनने से मना किया और कहा कि प्रेम से लोगों का दिल जीतें। इसके अलावा पीएम मोदी ने बिहार की ट्रेनी आईपीएस तनुश्री को दिलचस्प ढंग से टेक्सटाइल और टेरर में क्या फर्क होता है, इसकी जानकारी दी।
तनुश्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि वो बिहार से हैं लेकिन उन्होंने गांधीनगर से टेक्सटाइल डिजाइन में स्नातक की डिग्री ली है। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि आप भी गुजरात होकर आई हैं, फिर उन्होंने पूछा कि टेक्सटाइल और टेरर...कैसे गुजारा करोगी?
इस पर जवाब देते हुए तनुश्री कहती हैं कि उन्हें काफी अच्छी ट्रेनिंग मिली हुई है। तब पीएम मोदी तनुश्री को समझाते हुए कहते हैं कि टेक्सटाइल में धागे जोड़े जाते हैं लेकिन टेरर में धागे तोड़े जाते हैं, पीएम मोदी ने कहा कि आपको अलग-अलग पहलू पर काम करना होगा।
इसके अलावा पीएम मोदी ने ट्रेनी अधिकारियों को सलाह दी कि वो फिल्में देखकर सिंघम जैसा पुलिस वाला बनने की कोशिश ना करें। कुछ पुलिस वाले मानते हैं कि पुलिस की नौकरी होने पर वो किसी पर भी रौब झाड़ सकते हैं लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है, आपको प्रेम भाव के साथ लोगों के दिलों में उतरना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप सभी अगर एक बार जनसामान्य का दिल जीत लेंगे तो उनका नजरिया आपके लिए अपने आप बदल जाएगा।