PM Modi Speech: PM मोदी बोले- गुड़ का गोबर कैसे करना है, इसमें ये माहिर; हमें अधीर बाबू के प्रति पूरी संवेदना
प्रधानमंत्री ने कहा कि पता नहीं हो सकता है 'इंडिया' से कोई फोन आया हो। कांग्रेस बार-बार उनका अपमान करती है। कभी चुनावों के नाम पर उन्हें अस्थाई रूप से उन्हें हटा देते हैं। हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
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मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी ने जवाब देते समय विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस पर निशाना साधा। अपने संबोधन के दौरान पीएम ने लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी को भी आड़े हाथों लिया। पीएम ने कहा कि अधीर बाबू को पता है कि गुड़ का गोबर कैसे करना है। ये इसमें माहिर हैं।
अधीर रंजन पर तंज- गुड़ का गोबर कैसे करना, इसमें ये माहिर हैं
लोकसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता का नाम बोलने की सूची में नाम ही नहीं था। 1999 में वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया। तब शरद पवार साहब ने नेतृत्व किया। 2003 में अटलजी की सरकार थी। सोनिया जी ने लीड ली और प्रस्ताव रखा। 2018 में खरगे जी थे, उन्होंने इसे आगे बढ़ाया, लेकिन इस बार अधीर बाबू का क्या हाल हो गया? उनकी पार्टी ने उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया, ये तो कल अमित भाई ने बहुत जिम्मेदारी के साथ कहा कि अच्छा नहीं लग रहा है। आपकी उदारता थी कि समय समाप्त हो गया था, तब भी आपने उन्हें मौका दिया, लेकिन अधीर बाबू ने गुड़ का गोबर कर दिया। गुड़ का गोबर कैसे करना है उसमें ये माहिर हैं।
पीएम ने कहा- हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि पता नहीं हो सकता है 'इंडिया' से कोई फोन आया हो। कांग्रेस बार-बार उनका अपमान करती है। कभी चुनावों के नाम पर उन्हें अस्थाई रूप से उन्हें हटा देते हैं। हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
इससे पहले, अधीर रंजन चौधरी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलते हुए पीएम मोदी की तुलना नीरव मोदी से की थी। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी तो हजारों करोड़ लूटकर चला गया, लेकिन देश में पीएम नरेंद्र मोदी अब नीरव मोदी हो गए हैं। इसके साथ ही अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 'अविश्वास प्रस्ताव की ताकत ये है कि पीएम मोदी को आज संसद में आना पड़ा। हम में से किसी ने भी अविश्वास प्रस्ताव के बारे में नहीं सोचा था। हम सिर्फ ये चाहते हैं कि पीएम मोदी संसद में आएं और मणिपुर मुद्दे पर बोलें। हम किसी और भाजपा सदस्य को नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को ही बुलाना चाहते थे।'
इसके बाद अधीर रंजन के बयान पर अमित शाह ने आपत्ति जताई और कहा कि आप इस तरह पीएम के बारे में नहीं बोल सकते। तभी विपक्ष के नेता अधीर रंजन अमित शाह से बोले कि आपको क्यों इतना गुस्सा आता है पीएम मोदी तो इतना गुस्सा नहीं करते हैं। हालांकि महाभारत में चीरहरण को लेकर दिए गए बयान के बाद संसद में काफी हंगामा हुआ।
पीएम मोदी सौ बार प्रधानमंत्री बनें हमें कोई लेना देना नहीं
आगे अधीर रंजन ने कहा कि हम ये कहना चाहते हैं कि पीएम मोदी हर चीज में कुछ न कुछ बोलते हैं, लेकिन वो मणिपुर पर चुप हैं। हमें ये बिल्कुल पसंद नहीं हैं। मणिपुर से दो सांसद हैं, उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। देश का मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री मोदी को मणिपुर के लोगों के सामने मन की बात करनी चाहिए थी।क्या ये मांग गलत थी, ये आम लोगों की मांग थी। आगे बोले कि मोदी 100 बार देश के पीएम बनें, हमें कोई लेना देना नहीं। हमें देश के लोगों से लेना देना है।