फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PM Modi Shares Powerful Photo With Putin and Xi Jinping What Does This One Frame Signal Mean

ब्रिक्स की सबसे ताकतवर तस्वीर: दुनिया की 22% जीडीपी वाले तीन देश के प्रमुख एक फ्रेम में, पीएम ने साझा की फोटो

Sat, 12 Sep 2026 04:21 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 12 Sep 2026 04:21 PM IST
सार

नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के औपचारिक आगाज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक ऐतिहासिक तस्वीर साझा की है। इस खास फ्रेम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आ रहे हैं। क्या दुनिया के तीन सबसे बड़े नेताओं का यह जमावड़ा वैश्विक कूटनीति का नया रुख तय करेगा? जानिए इस शक्तिशाली तस्वीर के क्या हैं सियासी मायने...
 

विज्ञापन
PM Modi Shares Powerful Photo With Putin and Xi Jinping What Does This One Frame Signal Mean
पीएम मोदी द्वारा साझा की गईं तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के मंच से एक बेहद प्रभावशाली और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम पर एक विशेष फोटो साझा करते हुए अंतरराष्ट्रीय पटल पर मजबूत संदेश दिया है।  इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक ही फ्रेम में बेहद गर्मजोशी के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का औपचारिक आगाज हो चुका है।
विज्ञापन


दरअसल, चीन की 20.85 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी है। भारत की 4.15 ट्रिलियन डॉलर है। वहीं, रूस की 2.66 ट्रिलियन डॉलर है। अब हम इन तीनों को जोड़ लेंगे। इससे तीनों देशों की जीडीपी मिलाकर 27.66 ट्रिलियन डॉलर आई। 2026 के उपलब्ध IMF-आधारित आंकड़ों में दुनिया की कुल नाममात्र जीडीपी करीब 124.7 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर है। ऐसे में अब इसका प्रतिशत निकाल लेंगे। प्रतिशत का फॉर्मुला जब लगाते हैं तो 22.18 प्रतिशत आता है। यानी चीन, भारत और रूस की संयुक्त अर्थव्यवस्था दुनिया की कुल जीडीपी की करीब 22.2 प्रतिशत है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

ताकतवर तस्वीर के क्या मायने?

  • इस तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है क्योंकि इसमें विश्व की तीन प्रमुख परमाणु शक्तियों और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेता एक साथ खड़े हैं। यह तस्वीर दर्शाती है कि भारत वैश्विक कूटनीति के केंद्र में है और बड़े मतभेदों के बावजूद दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं को एक मेज और एक फ्रेम में लाने की क्षमता रखता है। यह तस्वीर केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की एकजुटता का खुला प्रदर्शन है।
  • यह तस्वीर साफ बताती है कि नई दिल्ली में सम्मेलन की शुरुआत पूरी मजबूती और गंभीरता के साथ हो चुकी है। रूस, चीन और भारत के शीर्ष नेतृत्व की एक साथ मौजूदगी यह साबित करती है कि ब्रिक्स मंच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद और समन्वय का सबसे बड़ा जरिया बन गया है, जहां वैश्विक एजेंडे पर गंभीर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
  • तस्वीर में दिख रही केमिस्ट्री अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों के लिए बड़ा कूटनीतिक संकेत मानी जा रही है। पुतिन, जिनपिंग और पीएम मोदी का यह साथ आना बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की उस सोच को मजबूती देता है, जिसकी वकालत ब्रिक्स के संस्थापक देश लगातार करते रहे हैं। 
  • वर्तमान दौर में जब पश्चिमी देश कई तरह के प्रतिबंधों और आर्थिक नीतियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उस दौर में दुनिया के सबसे बड़े बाजार, विशाल आबादी और सैन्य क्षमता वाले इन तीन देशों के प्रमुखों का एक फ्रेम में मुस्कुराते हुए दिखना अपने आप में एक कड़ा भू-राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

पुतिन ब्रिक्स पर क्या कहा?

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कल एक और ब्रिक्स की तारीफ तो वहीं दूसरी ओर जी-7 देशों पर कड़ हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की कुल जीडीपी का 40 प्रतिशत से अधिक उत्पादन अकेले ब्रिक्स देशों ने किया है। इसके उलट तथाकथित जी-7 समूह का योगदान सिमटकर केवल 29 प्रतिशत रह गया है। पुतिन ने तंज कसते हुए कहा था कि वे समझ नहीं पाते कि उसे जी-7 या ग्रेट-7 क्यों कहा जाता है, जबकि हकीकत इसके उलट है। 




उन्होंने विश्व अर्थव्यवस्था के विकास का आंकड़ा समझाते हुए कहा कि समान अवधि में वैश्विक आर्थिक विकास की आधी से अधिक यानी 50 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि ब्रिक्स देशों की वजह से हुई है, जबकि जी-7 समूह का योगदान इसमें केवल 18 प्रतिशत रहा है। पुतिन ने इस भारी अंतर की सीधी वजह बताते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी से अधिक आबादी बसती है, जिससे उनके पास बेहद गतिशील, विशाल और जीवंत घरेलू बाजार मौजूद हैं।

दिल्ली उतरते ही क्या बोले चीन के प्रवक्ता?

दिल्ली पहुंचते ही जिनपिंग का पारंपरिक भारतीय नृत्य और रेड कार्पेट से स्वागत किया गया। उनके आगमन पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि शनिवार शाम को शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात होगी। साथ ही प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीन भारत के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने, मतभेदों को उचित तरीके से संभालने तथा अच्छे पड़ोसी, मित्र और परस्पर सहायक भागीदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed