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PM Modi Security Breach: भाजपा का आरोप- पंजाब सरकार को मालूम था कि पीएम के लिए वैकल्पिक मार्ग की जरूरत पड़ेगी, सीएम चन्नी झूठ बोल रहे
Thu, 06 Jan 2022 02:39 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 06 Jan 2022 02:39 PM IST
सार
पंजाब के फिरोजपुर में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कल हुई चूक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में जहां, एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने का फैसला लिया है वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी।
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बयान को भारतीय जनता पार्टी ने झूठा बताया है। चन्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक से साफ इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि सड़क से यात्रा का फैसला अंतिम समय में लिया गया।
अब भाजपा ने चन्नी के इस बयान पर पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'जो इंटरनल लेटर्स, मेमो और इनपुट्स पंजाब पुलिस के आला अफसरों को दिए गए थे, वो बताते हैं कि मुख्यमंत्री चन्नी झूठ बोल रहे हैं। पहले से ही अंदेशा था कि प्रधानमंत्री के दोरे के दौरान वेकल्पिक मार्ग की जरूरत पड़ेगी। यह भी अंदेशा था कि कुछ राजनीतिक लोग प्रधानमंत्री के रूट में व्यवधान डाल सकते हैं। इसे जानबूझकर इग्नोर किया गया। पंजाब सरकार को यह बताना होगा कि ये किसके कहने पर इग्नोर किया गया?'
कांग्रेस आलाकमान ने प्लान किया, पंजाब पुलिस ने साथ दिया
शहजाद ने आगे कहा, 'यह भी सामने आ चुका है कि जो रूट प्रधानमंत्री के लिए तय किया गया था, जिसके लिए डीजीपी ने क्लियरेंस दी थी, उस रूट को पंजाब पुलिस ने ही तथाकथित प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक नेताओं को लीक किया। उनके साथ पंजाब पुलिस के अफसर और कर्मचारियों के चाय पीते वीडियो भी सामने आ चुकी है। पंजाब पुलिस ने जानबूझकर उस रूट को सैनिटाइज नहीं किया। चन्नी जी ने प्रधानमंत्री का फोन उठाने से मना कर दिया। प्रोटोकॉल होने के बावजूद प्रधानमंत्री को चन्नी जी, मुख्य सचिव और डीजीपी ने न ही स्वागत किया और न ही उनके साथ गए। यह संभव है कि उन्हें बीच रास्ते में होने वाली घटना की जानकारी थी।'
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उन्होंने कहा, 'यह सारी चीजें एक ही बात की तरफ इशारा करती हैं कि यह संयोग नहीं प्रयोग था। उनकी साजिश थी। इसलिए कांग्रेस के शीर्ष नेता अलग-अलग तरह के बयान दे रहे थे। इससे साफ है कि यह साजिश कांग्रेस के आलाकमान ने रची थी। यह लोग मोदी का विरोध करते-करते अब राष्ट्र का विरोध करने लगे हैं। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने में भी अब इनको कोई हिचक नहीं है। इसका जवाब सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को देना चाहिए।
चन्नी ने क्या कहा था?
इससे पहले बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था, 'मुझे खेद है कि प्रधानमंत्री मोदी को फिरोजपुर जिले के दौरे के दौरान वापस लौटना पड़ा। हम अपने प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं। अगर प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कोई सुरक्षा में चूक हुई है तो हम जांच करेंगे। प्रधानमंत्री को कोई खतरा नहीं था।’
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री के काफिले के अचानक मार्ग परिवर्तन के बारे में राज्य सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के दौरे और उसके मार्ग व यात्रा के साधनों संबंधी विवरण भी पत्रकारों के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को प्रधानमंत्री के फिरोजपुर दौरे के बारे में विस्तृत यात्रा कार्यक्रम मिल गया था। बठिंडा एयरपोर्ट से फिरोजपुर तक पीएम को हेलीकॉप्टर से पहुंचना था, जिसके लिए राज्य सरकार ने तीन हेलीपैड बनवाए थे ताकि परिस्थितियों के अनुसार किसी भी हेलीपैड का उपयोग किया जा सके।
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अब भाजपा ने चन्नी के इस बयान पर पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'जो इंटरनल लेटर्स, मेमो और इनपुट्स पंजाब पुलिस के आला अफसरों को दिए गए थे, वो बताते हैं कि मुख्यमंत्री चन्नी झूठ बोल रहे हैं। पहले से ही अंदेशा था कि प्रधानमंत्री के दोरे के दौरान वेकल्पिक मार्ग की जरूरत पड़ेगी। यह भी अंदेशा था कि कुछ राजनीतिक लोग प्रधानमंत्री के रूट में व्यवधान डाल सकते हैं। इसे जानबूझकर इग्नोर किया गया। पंजाब सरकार को यह बताना होगा कि ये किसके कहने पर इग्नोर किया गया?'
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कांग्रेस आलाकमान ने प्लान किया, पंजाब पुलिस ने साथ दिया
शहजाद ने आगे कहा, 'यह भी सामने आ चुका है कि जो रूट प्रधानमंत्री के लिए तय किया गया था, जिसके लिए डीजीपी ने क्लियरेंस दी थी, उस रूट को पंजाब पुलिस ने ही तथाकथित प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक नेताओं को लीक किया। उनके साथ पंजाब पुलिस के अफसर और कर्मचारियों के चाय पीते वीडियो भी सामने आ चुकी है। पंजाब पुलिस ने जानबूझकर उस रूट को सैनिटाइज नहीं किया। चन्नी जी ने प्रधानमंत्री का फोन उठाने से मना कर दिया। प्रोटोकॉल होने के बावजूद प्रधानमंत्री को चन्नी जी, मुख्य सचिव और डीजीपी ने न ही स्वागत किया और न ही उनके साथ गए। यह संभव है कि उन्हें बीच रास्ते में होने वाली घटना की जानकारी थी।'
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उन्होंने कहा, 'यह सारी चीजें एक ही बात की तरफ इशारा करती हैं कि यह संयोग नहीं प्रयोग था। उनकी साजिश थी। इसलिए कांग्रेस के शीर्ष नेता अलग-अलग तरह के बयान दे रहे थे। इससे साफ है कि यह साजिश कांग्रेस के आलाकमान ने रची थी। यह लोग मोदी का विरोध करते-करते अब राष्ट्र का विरोध करने लगे हैं। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने में भी अब इनको कोई हिचक नहीं है। इसका जवाब सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को देना चाहिए।
चन्नी ने क्या कहा था?
इससे पहले बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था, 'मुझे खेद है कि प्रधानमंत्री मोदी को फिरोजपुर जिले के दौरे के दौरान वापस लौटना पड़ा। हम अपने प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं। अगर प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कोई सुरक्षा में चूक हुई है तो हम जांच करेंगे। प्रधानमंत्री को कोई खतरा नहीं था।’
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री के काफिले के अचानक मार्ग परिवर्तन के बारे में राज्य सरकार को कोई जानकारी नहीं थी। इस मौके पर उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के दौरे और उसके मार्ग व यात्रा के साधनों संबंधी विवरण भी पत्रकारों के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को प्रधानमंत्री के फिरोजपुर दौरे के बारे में विस्तृत यात्रा कार्यक्रम मिल गया था। बठिंडा एयरपोर्ट से फिरोजपुर तक पीएम को हेलीकॉप्टर से पहुंचना था, जिसके लिए राज्य सरकार ने तीन हेलीपैड बनवाए थे ताकि परिस्थितियों के अनुसार किसी भी हेलीपैड का उपयोग किया जा सके।