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New Parliament Building: 971 करोड़ रुपये आएगी लागत, 83 लाख में बनी थी मौजूदा इमारत, जानिए खास बातें

Thu, 10 Dec 2020 03:19 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 10 Dec 2020 03:19 PM IST
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भाारत की नई संसद (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ विदेशी राजनयिकों ने भी शिरकत की। शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं वो दिन कभी नहीं भूल सकता जब 2014 में मैं पहली बार सांसद के तौर पर संसद भवन पहुंचा था। लोकतंत्र के इस मंदिर को मैंने सिर झुकाकर प्रणाम किया था। उन्होंने कहा कि जब हम विश्वास के साथ अपने लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवगान करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब दुनिया भी कहेगी- भारत लोकतंत्र की जननी है। इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों से देशहित से बड़ा कभी कोई और हित होगा, इसका संकल्प लेने का अनुरोध किया।

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971 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनेगा नया संसद भवन
चार मंजिला नए संसद भवन का निर्माण 971 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 64500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जाएगा। नया संसद भवन भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ यानी 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा। नए संसद भवन के निर्माण का प्रस्ताव उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्रमशः राज्यसभा और लोकसभा में 5 अगस्त 2019 को किया था। प्रत्येक संसद सदस्य को नवनिर्मित श्रम शक्ति भवन में कार्यालय के लिए 40 वर्ग मीटर स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। 
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टाटा प्रोजेक्ट्स करेगी निर्माण कार्य
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि नए संसद भवन का डिजाइन अहमदाबाद के मैसर्स एचसीपी डिजाइन और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है और इसका निर्माण कार्य टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।

नए भवन को सभी आधुनिक दृश्य- श्रव्य संचार सुविधाओं और डाटा नेटवर्क प्रणालियों से सुसज्जित किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान संसद के सत्रों के आयोजन में कम से कम व्यवधान हो और पर्यावरण संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए।

लोकसभा में बैठ सकेंगे 888 सदस्य
लोकसभा सचिवालय के मुताबिक नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। संयुक्त सत्र के दौरान इसमें 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसी प्रकार, राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी।

नए संसद भवन में भारत की गौरवशाली विरासत को भी दर्शाया जाएगा। देश के कोने-कोने से आए दस्तकार और शिल्पकार अपनी कला और योगदान के माध्यम से इस भवन में सांस्कृतिक विविधता का समावेश करेंगे। नया संसद भवन अत्याधुनिक, तकनीकी सुविधाओं से युक्त और ऊर्जा कुशल होगा। 

मौजूदा संसद भवन से सटी त्रिकोणीय आकार की नई इमारत सुरक्षा सुविधाओं से लैस होगी। नई लोकसभा मौजूदा आकार से तीन गुना बड़ी होगी। राज्यसभा के आकार में भी वृद्धि की गई है। नए भवन की सज्जा में भारतीय संस्कृति, क्षेत्रीय कला, शिल्प और वास्तुकला की विविधता का समृद्ध मिलाजुला स्वरूप होगा। डिजाइन योजना में केंद्रीय संवैधानिक गैलरी को स्थान दिया गया है। आम लोग इसे देख सकेंगे।

हरित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल
नए संसद भवन के निर्माण में हरित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल होगा और पर्यावरण अनुकूल कार्यशैली को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे एवं आर्थिक पुनरूद्धार के द्वार खुलेंगे। इसमें उच्च गुणवत्ता वाली ध्वनि तथा दृश्य-श्रव्य सुविधाएं, बैठने की आरामदायक व्यवस्था, प्रभावी और समावेशी आपातकालीन निकासी की व्यवस्था होगी।

उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन होगा
इमारत उच्चतम संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन करेगी, जिसमें भूकंपीय क्षेत्र 5 की आवश्यकताओं का पालन करना भी शामिल है और इसे रखरखाव तथा संचालन में आसानी होने के लिए डिजाइन किया गया है।

लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, नया संसद भवन भारत के लोकतंत्र और भारतवासियों के गौरव का प्रतीक होगा जो न केवल देश के गौरवशाली इतिहास अपितु इसकी एकता और विविधता का भी परिचय देगा।

सर लुटियंस की निगरानी में बना था मौजूदा भवन
वर्तमान संसद भवन का निर्माण प्रसिद्ध वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और सर हरबर्ट बेकर की निगरानी में किया गया था। इसकी आधारशिला 12 फरवरी 1921 को द डयूक ऑफ कनॉट ने रखी थी। भवन का उद्घाटन भारत के तत्कालीन वायसरॉय लॉर्ड इर्विन ने 18 जनवरी 1927 को किया था।

वर्तमान संसद भवन एक वृहद वृत्ताकार भवन है जिसका व्यास 560 फीट है। इसकी परिधि एक तिहाई मील है और इसका क्षेत्रफल लगभग छह एकड़ है। इसके प्रथम तल के खुले बरामदे के किनारे पर क्रीम रंग के बालुई पत्थर के 144 स्तंभ लगे हुए हैं जिनकी ऊंचाई 27 फीट है।


छह साल में बनी थी मौजूदा इमारत
ये स्तंभ इस भवन को एक अनूठा आकर्षण और गरिमा प्रदान करते हैं। पूरा संसद भवन लाल बालुई पत्थर की सजावटी दीवार से घिरा हुआ है जिसमें लोहे के द्वार लगे हुए हैं। कुल मिलाकर इस भवन में 12 द्वार हैं। वर्तमान संसद भवन का निर्माण छह वर्ष में पूरा हुआ और निर्माण पर 83 लाख रुपये की लागत आई थी। सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली की पहली बैठक 19 जनवरी 1927 को संसद भवन में हुई थी।

सभी राज्यों की उत्कृष्ट कला और संस्कृति से परिपूर्ण होगा नया भवन : बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संसद का नया भवन सभी राज्यों की उत्कृष्ट कला, संस्कृति और विविधताओं से परिपूर्ण होगा और यह लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र भी होगा। उन्होंने कहा कि हमारी संसद लोगों के विश्वास और आकांक्षाओं का प्रतीक है। संसद भवन देश की आजादी, संविधान सभा और सैकड़ों कानूनों के बनने का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि हम आजादी के 75 साल पूरा करने जा रहे हैं। देश की जनता का सपना है कि उन्हें नया आधुनिक संसद भवन मिले। विश्वास है कि हम जल्द ही आधुनिक तकनीक युक्त, सुरक्षित पर्यावरण अनुकूल नए संसद भवन का निर्माण करेंगे जहां जनप्रतिनिधि लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं को कुशलता एवं दक्षता के साथ पूरा कर पाएंगे। 
 

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