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देश के पहले सी-प्लेन में पीएम मोदी ने किया सफर, केवड़िया से साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे

Sat, 31 Oct 2020 02:07 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 31 Oct 2020 02:07 PM IST
खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की सलामी ली और जवानों को राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई। फिर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश वायरस से उबर भी रहा है और आगे भी बढ़ रह है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को लेकर कहा कि इससे किसी का भला नहीं होगा। उन्होंने सभी देश की सरकारों, पंथों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने को कहा। पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश वीर बेटों के जाने के दुख को कभी नहीं भूल सकता। प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मैंने भद्दी राजनीति सहन की। पाकिस्तान द्वारा सच स्वीकारने को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उससे इन लोगों का असली चेहरा देश के सामने आ गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने केवड़िया में सिविल सर्विसेज प्रोबेशनर्स को संबोधित किया। उन्होंने नौकरशाहों से देशहित में फैसले लेने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा की जो भी काम करिए, जिस किसी के लिए भी करिए, अपना समझ कर करिए। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को टीवी पर दिखने और अखबार में छपने जैसे रोगो से दूर रहने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने केवड़िया में सी प्लेन सेवा की शुरुआत की। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्स-

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pm modi guपीएम मोदी बोले- भारत की ताकत हमें हर विपत्ति से लड़ना और जीतना सिखाती हैjarat visit live updates sardar patel ekta diwas parade statue of unity sea plane civil services
प्रधानमंत्री मोदी ने सी पलेन सेवा की शुरुआत की - फोटो : Twitter

लाइव अपडेट

01:57 PM, 31-Oct-2020

केवड़िया से साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे पीएम मोदी

देश के पहले सी प्लेन ने अपना पहला सफर पूरा कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सी प्लेन के जरिए केवड़िया से अहमबादबाद के साबरमती रिवर फ्रंट तक यात्रा की।

12:58 PM, 31-Oct-2020

पीएम मोदी ने सी प्लेन सेवा की शुरुआत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में सी प्लेन सेवा का उद्घाटन किया। ये विमान केवड़िया से साबरमती तक जाएंगे। इसमें 30 मिनट का समय लगेगा। विमान 200 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। इसे स्पाइसजेट की स्पाइस शटल सेवा चला रही है। इसके लिए विमान मालदीव से आया है। प्रधानमंत्री ने इस विमान से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक की यात्रा की।
 
 
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12:19 PM, 31-Oct-2020

सिविल सेवा अधिकारी के लिए जरूरी है देश के सामान्य मानव से जुड़ना

  • 'दिखास' और 'छपास' ये दो रोगों से दूर रहिएगा। दिखास और छपास यानी, टीवी पर दिखना और अखबार पर छपना। ये दोनों रोग जिसे लगे, वो अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर सकता।
  • जो भी काम करिए, जिस किसी के लिए भी करिए, अपना समझ कर करिए। जब आप अपने विभाग में सामान्य जनों को अपना परिवार समझ कर काम करेंगे, तो आपको कभी थकान नहीं होगी, आप हमेशा नई ऊर्जा से भरे रहेंगे।
  • आज देश जिस मोड में काम कर रहा है, उसमें आप सभी बयूरोक्रैट्स की भूमिका मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की ही है। आपको ये सुनिश्चित करना है कि नागरिकों के जीवन में आपका दखल कैसे कम हो, सामान्य मानवी का सशक्तिकरण कैसे हो
  • एक सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप देश के सामान्य मानवी से निरंतर जुड़े रहें। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे, तो लोकतंत्र में काम करना और आसान हो जाएगा। फील्ड में लोगों से कट-ऑफ कभी मत कीजिए।
12:15 PM, 31-Oct-2020

हमें गवर्नमेंट से गवर्नेंस की तरफ बढ़ने की जरूरत

  • सरकार शीर्ष से नहीं चलती है। नीतियां जिस जनता के लिए हैं, उनका समावेश बहुत जरूरी है। जनता केवल सरकार की नीतियों की, प्रोग्राम्स की रिसीवर नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है। इसलिए हमें गवर्नमेंट से गवर्नेंस की तरफ बढ़ने की जरूरत है।
  • ये ‘आरंभ’ सिर्फ आरंभ नहीं है, एक प्रतीक भी है और एक नई परंपरा भी। ऐसे ही सरकार ने कुछ दिन पहले एक और अभियान शुरू किया है- मिशन कर्मयोगी। मिशन कर्मयोगी, कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में अपनी तरह का एक नया प्रयोग है।
  • एक सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप देश के सामान्य मानवी से निरंतर जुड़े रहें। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे, तो लोकतंत्र में काम करना और आसान हो जाएगा। फील्ड में लोगों से कट-ऑफ कभी मत कीजिए।
12:12 PM, 31-Oct-2020

सरदार पटेल ने एक भारत- श्रेष्ठ भारत का सपना देखा था

  • पहले के समय ट्रेनिंग में आधुनिक अप्रोच कैसे आए, इस बारे में बहुत सोचा नहीं गया। लेकिन अब देश में ह्यूमन रिसोर्स की आधुनिक ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है। बीते 2-3 वर्षों में ही सिविल सर्वेन्ट्स की ट्रेनिंग का स्वरूप बहुत बदल गया है।
  • सरदार पटेल ने एक भारत- श्रेष्ठ भारत का सपना देखा था। उनका ये सपना आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा हुआ था। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच भी जो हमें सबसे बड़ा सबक मिला है वो आत्मनिर्भरता का ही है।
  • स्टील फ्रेम का काम सिर्फ आधार देना, सिर्फ चली आ रही व्यवस्थाओं को संभालना ही नहीं होता। स्टील फ्रेम का काम देश को ये ऐहसास दिलाना भी होता है कि बड़े से बड़ा संकट हो या फिर बड़े से बड़ा बदलाव, आप एक ताकत बनकर देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।
12:08 PM, 31-Oct-2020

सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय ले, वो राष्ट्रीय संदर्भ में हों

  • एक प्रकार से सरदार पटेल ही देश की सिविल सेवा के जनक थे। 21 अप्रैल 1947 को प्रशासनिक अधिकारियों के पहले बैच को संबोधित करते हुए सरदार पटेल ने सिविल सेवा के अधिकारियों को देश का स्टील फ्रेम कहा था।
  • आपसे मेरा आग्रह है कि आज की रात सोने से पहले खुद को आधा घंटा दीजिए। अपने कर्तव्य, दायित्व, प्रण के बारे में जो आप सोच रहे हैं, उन्हें लिखकर रख लीजिएगा। ये कागज का टुकड़ा जीवन भर आपके संकल्पों को साकार करने के लिए आपके हृदय की धड़कन बनकर आपके साथ रहेगा।
  • अफसरों को सरदार साहब की सलाह थी कि देश के नागरिकों की सेवा अब आपका सर्वोच्च कर्तव्य है। मेरा भी यही आग्रह है कि सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय ले, वो राष्ट्रीय संदर्भ में हों, देश की एकता अखंडता को मजबूत करने वाले हों।
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11:59 AM, 31-Oct-2020

एक साल पहले जो स्थितियां थी और आज जो स्थितियां हैं, उनमें बहुत बड़ा फर्क है

  • आप ही वो अफसर हैं, जो उस समय भी देश सेवा में होंगे, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा। आजादी के 75 से 100 वर्ष के बीच के ये 25 साल भारत के लिए बहुत अहम है।
  • आज भारत की विकास यात्रा के जिस महत्वपूर्ण कालखंड में आप हैं, वो बहुत विशेष है। जब आपका बैच काम करना शुरू करेगा, तो वो समय होगा जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75वे वर्ष में होगा।
  • एक साल पहले जो स्थितियां थी और आज जो स्थितियां हैं, उनमें बहुत बड़ा फर्क है। मुझे विश्वास है कि संकट के इस समय में देश ने और देश की व्यवस्थाओं ने जिस तरह काम किया, उससे आपने भी बहुत कुछ सीखा होगा।
09:57 AM, 31-Oct-2020

पड़ोसी देश ने सच स्वीकार किया है

  • हमें ये हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है। आज अवसर है इस विराट और भव्य व्यक्तित्व के चरणों मे हम उसी भारत के निर्माण का संकल्प दोहराएं, जिसका सपना सरदार पटेल ने देखा था।
  • मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि, देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें। अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का।
  • पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आईं हैं, जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका उदाहरण है।
  • उस समय उन वीरों की तरफ देखते हुए मैं विवादों से दूर रहकर सारे आरोपों को झेलता रहा, भद्दी भद्दी बातों को सुनता रहा। दिल पर वीर शहीदों का गहरा घाव था।
09:52 AM, 31-Oct-2020

हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है

  • देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए। देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी।
  • आज जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी। ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की। देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे।
  • हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है। हम एक हैं तो असाधारण हैं। हमें ये भी याद रखना है कि भारत की ये एकता, ये ताकत दूसरों को खटकती भी रहती है। हमारी इस विविधता को ही वो हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं। ऐसी ताकतों को पहचानना जरूरी है, सतर्क रहने की जरूरत है।
09:49 AM, 31-Oct-2020

आतंकवाद से कभी किसी का कल्याण नहीं हो सकता

  • आतंकी पीड़ा को भारत भली-भांति जानता है। भारत ने आतंकवाद को हमेशा अपनी एकता से, अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से जवाब दिया है। आज पूरे विश्व को भी एकजुट होकर हर उस ताकत को हराना है जो आतंकवाद के साथ है, आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है।
  • आज के माहौल में दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है। शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है। आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता।
  • आज भारत की भूमि पर नजर गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत हमारे वीर जवानों में है। आज भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है। अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है। 
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