Ukraine Crisis: पीएम मोदी ने की पुतिन से बात, यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की
पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोभाल, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई मंत्री शामिल हुए।
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यूक्रेन पर रूस के हमले ने भारत सहित दुनियाभर में अफरातफरी मचा दी है। यूक्रेन में पढ़ने गए हजारों भारतीय छात्र वहां फंस गए हैं जिन्हें निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। यूक्रेन संकट पर गुरुवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS)की उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की।
राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के संबंध में हाल के घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। पीएम ने अपने लंबे समय से चले आ रहे विश्वास को दोहराते हुए कहा कि रूस और नाटो के बीच मतभेद केवल ईमानदार बातचीत से ही सुलझाए जा सकते हैं। पीएमओ के मुताबिक, पीएम मोदी ने पुतिन से हिंसा और तनाव को तत्काल बंद करने की अपील की। उन्होंने राजनयिक वार्ता के रास्ते पर लौटने के लिए सभी पक्षों से कोशिश करने का आह्वान किया।
पीएमओ के मुताबिक, इस दौरान पीएम ने यूक्रेन में भारतीय नागरिकों खासकर छात्रों की सुरक्षा के बारे में भारत की चिंताओं के बारे में भी पुतिन से चर्चा की। पीएम ने पुतिन से कहा कि भारत उनकी सुरक्षित निकासी और भारत लौटने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने सहमति व्यक्त की कि उनके अधिकारी और राजनयिक दल सामयिक हितों के मुद्दों पर नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।
रूसी दूतावास ने जारी किया बयान
रूसी दूतावास ने बयान जारी कर रहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। यूक्रेन के आसपास की स्थिति पर चर्चा करते हुए, पुतिन ने डोनबास की नागरिक आबादी के खिलाफ कीव के आक्रामक कार्यों के मौलिक आकलन को रेखांकित किया।
आगे रूसी दूतावास ने कहा कि भारत के प्रधान मंत्री ने स्पष्टीकरण के लिए व्लादिमीर पुतिन को धन्यवाद दिया और वर्तमान में यूक्रेन में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मांगी। रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
रूसी दूतावास ने कहा कि दिसंबर 2021 में नई दिल्ली में आयोजित रूसी-भारतीय शिखर सम्मेलन के संदर्भ में द्विपक्षीय सहयोग के कुछ मुद्दों को छुआ गया। विभिन्न स्तरों पर संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी।
हर्षवर्द्धन श्रृंगाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
इससे पहले विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि आपने रूस और यूक्रेन संकट को देखा है। आज कैबिनेट की बैठक हुई है। हमने इस स्थिति पर नजर रखी है। हमारे लिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से थोड़ी देर में बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीयों को निकालने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों से भी बात की गई है।
श्रृंगला ने बताया कि स्थिति की समीक्षा के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की एक अहम बैठक हुई। प्रधानमंत्री ने बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा है कि सरकार की प्राथमिकता यूक्रेन में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनको भारत वापस लाना है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भी पोलैंड, रोमानिया, स्लोवाकिया, हंगरी के विदेश मंत्रियों से बात करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से कहा है कि विदेश मंत्रालय यूक्रेन में हमारे नागरिकों की मदद के लिए हर संभव प्रयास करे।
श्रृंगला ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में 4000 भारतीय नागरिक यूक्रेन से भारत लौट चुके हैं। दिल्ली में एमईए कंट्रोल रूम को 980 कॉल और 850 ईमेल मिले हैं। यूक्रेन में स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। हमने करीब एक महीने पहले यूक्रेन में भारतीय नागरिकों का पंजीकरण शुरू किया था। ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर हमने पाया कि 20,000 भारतीय नागरिक वहां थे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में हमारे दूतावास ने काम जारी रखा है। स्थिति को देखते हुए दूतावास द्वारा कई सलाह जारी की गई हैं। हम अपने छात्रों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालयों, स्टूडेंट कॉन्ट्रैक्टर से संपर्क कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यूक्रेन में हमारे दूतावास ने काम जारी रखा है। स्थिति को देखते हुए दूतावास द्वारा कई सलाह जारी की गई हैं। हम अपने छात्रों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालयों, स्टूडेंट कॉन्ट्रैक्टर से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस पर यूके, यूएस, ऑस्ट्रेलिया, जापान आदि द्वारा कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। हमें देखना होगा कि इन प्रतिबंधों का हमारे हितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यह स्वीकार करना होगा कि किसी भी प्रतिबंध का हमारे संबंधों पर प्रभाव पड़ेगा। उम्मीद है कि विदेश मंत्री जयशंकर आज ही यूक्रेन के विदेश मंत्री से बात करेंगे।
राजनाथ सहित ये मंत्री रहे शामिल
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोभाल, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि भारत चाहता है कि शांति कायम होनी चाहिए। इस मसले पर भारत तटस्थ है। सुरक्षा परिषद की बैठक में भी भारत ने बातचीत के जरिए गतिरोध को हल करने की बात कही है।
इस बीच यूक्रेन में भारत के राजदूत पार्थ सत्पथी ने कहा है कि जब तक यूक्रेन में फंसा हर भारतीय सुरक्षित तरीके से स्वदेश वापस नहीं पहुंच जाता तब तक भारतीय दूतावास कीव में काम जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास यहां प्रशासन के संपर्क में है। भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की हालात पर करीबी नजर है।
राजनाथ बोले, यूक्रेन में हालात गंभीर
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूक्रेन में हालात को गंभीर बताया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार चिंतित है। अपने नागरिकों को निकालने की हमारी कोशिशें जारी हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि हमारे जो बच्चे वहां हैं उन्हें निकाला जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से इस बारे में काफी पहले एडवाइजरी जारी की थी। यही नहीं सरकार की ओर से यूक्रेन में विमान भी भेजे गए थे लेकिन किन्ही वजहों के चलते विमान को नहीं उतारा जा सका था।
दूतावास के पास स्कूल में भारतीय छात्र एकत्र हुए
वहीं, यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने कीव में दूतावास के पास एक स्कूल में 200 से अधिक भारतीय छात्रों को इकट्ठा किया है।
#WATCH यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने कीव में दूतावास के पास एक स्कूल में 200 से अधिक भारतीय छात्रों को इकट्ठा किया है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 24, 2022
(सोर्स: कीव, यूक्रेन में भारतीय दूतावास) pic.twitter.com/IqKEEaL25I