भाषण दे रहे CM को लंदन से फोन कर PM मोदी ने सिखाया 'क्या बोलना है?'
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जस्टिस लोया मामले में एसआईटी जांच से सुप्रीम का इनकार भाजपा को कांग्रेस पर आक्रामक होने का मौका दे गया। लंदन से ही पीएम मोदी ने भी इस मौके को भुनाने का आदेश दे डाला। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भी अब अपने सुर बदल चुके हैं। राष्ट्रमंडल समिट में भाग लेने पहुंचे पीएम मोदी ने वहीं से पार्टी आलाकमान को कई निर्देश दे दिए। पीएम मोदी ने तो सीधे फोन कर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान तक को गुरुमंत्र दिया। जिसके बाद शिवराज के तेवर ही बदल गए और जनता का मुद्दा छटक गया। अब शिवराज की जुबान पर बस एक ही नाम है, वो राहुल गांधी।
बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंगरौली में एक सभा को संबोधित कर रहे थे, इसी बीच उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन कॉल आ गया। पीएम मोदी का ये कॉल सीएम के पास लंदन से आया था, लिहाजा सीएम के सेक्रेट्री चौंक गए। इसके बाद जब ये बात मुख्यमंत्री शिवराज को बताई गई तो वो मंच पर असहज हुए, थोड़ी देर तक तो उन्होंने इसे टालना चाहा लेकिन पीएम के फोन कॉल को नजरअंदाज करना इतना आसान नहीं था। जैसे-तैसे तुरंत फैसला कर शिवराज ने माइक से हटकर फोन पर बात की।
इस दौरान वहां बैठी जनता अपने मुख्यमंत्री के लौटने का इंतजार करने लगी। लेकिन सभी उस वक्त चौंक गए जब लौटे शिवराज बदले हुए नजर आए। इससे पहले किसानों और आम जन की बात करने वाले शिवराज एकदम राहुल गांधी को कोसने लगे। दरअसल जज लोया मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से ये परिस्थिति बदली है। शिवराज समेत पार्टी के कई नेता अब जज लोया मामले पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश करने लगे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जज लोया की मौत के मामले पर सुनवाई करते हुए एसआईटी जांच से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा था कि जांच के लिए दायर की गई याचिका का आधार कमजोर हैं, इसलिए उसकी मांगों को स्वीकारा नहीं जा सकता।