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Hindi News ›   India News ›   PM Modi at the Veledictory Ceremony of Sesquicentennial Celebrations of Allahabad High Court

मोदी बोले- कानून का लक्ष्य सबका कल्याण है, जानिए बड़ी बातें

Sun, 02 Apr 2017 03:26 PM IST
amarujala.com- Presented By: विकास जांगड़ा
amarujala.com- Presented By: विकास जांगड़ा Updated Sun, 02 Apr 2017 03:26 PM IST
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PM Modi at the Veledictory Ceremony of Sesquicentennial Celebrations of Allahabad High Court
पीएम नरेंद्र मोदी
इलाहाबाद हाईकोर्ट का 150वें स्थापना वर्ष समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ-साथ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर, प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अनेक केंद्रीय एवं राज्य सरकार के मंत्री, उच्चतम न्यायालय तथा अन्य राज्यों के हाईकोर्ट के जज समेत अनेक गणमान्य लोग भी शामिल हुए। 
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जानिए मोदी के भाषण की बड़ी बातें- 

- मुझे भरोसा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरेगी।

- देश की जनता और अदालतों पर से कानूनों के बोझ को कम करने की दिशा में हम कार्य कर रहें है और अभी तक हम 1200 कानूनों को खत्म कर चुके हैं।

- हमने 1200 कानूनों को खत्म किया है।

- sms से मुकदमे की तारीख मिले।तकनीक से सबका काम आसान होगा। वकीलों का काम आसान हुआ है। न्याय व्यवस्था में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो।

- देश के लोगों पर कानून का बोझ है। क्यों न वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हो? न्याय व्यवस्था में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होना चाहिए।

- साल 2022 के लिए संकल्प तय करे देश जिसमें 125 करोड़ लोग एक साथ काम करेंगे।
 

'कानून का लक्ष्य सबका कल्याण है'

PM Modi at the Veledictory Ceremony of Sesquicentennial Celebrations of Allahabad High Court
पीएम नरेंद्र मोदी
- न्याय व्यवस्था में जो हमारी जिम्मेदारी होगी उसे पूरा करेंगे।

- कानून का लक्ष्य सबका कल्याण है।

- सरकार CJI जस्टिस खेहर के संकल्प के साथ है।

- कानून सिर्फ अमीरों का नहीं है बल्कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए।

- भारतीय न्याय का तीर्थ स्थल है इलाहाबाद कोर्ट।

- पीएम मोदी ने कहा कि जब इलाहाबाद कोर्ट के 100 साल हुए थे, तब राष्ट्रपति राधाकृष्णन यहां आए थे

- 2022 में हम गांधीजी-राधाकृष्णन के मूल्यों पर देश को आगे ले जा सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि देश के सवा सौ करोड़ लोगों का सपना देश को सवा सौ करोड़ कदम आगे ले जा सकता है।

- गांधीजी ने आजादी के वक्त लोगों की उनकी क्षमता के हिसाब से ढाल दिया था। वकीलों का भी इसमें योगदान रहा है। गांधीजी ने आजादी का जज्बा जगाया।

- गांधीजी कहते थे कि हम कोई भी निर्णय करें तो इसकी कसौटी क्या हो। वे कहते थे कि अगर फैसला लेने में दुविधा हो तो सोचिए कि आखिरी छोर पर बैठे शख्स पर इसका असर क्या होगा। आप सही फैसला ले पाएंगे।
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