पनामा पेपर्स लीकः खुलासे के बाद हरकत में आई सरकार, मोदी ने दिए जांच के आदेश
'पनामा पेपर्स' के खुलासों के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि पनामा पेपर्स लीक में सामने आए दस्तावेजों की जांच के लिए कई जांच एजेंसियों को मिलाकर एक समूह बनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को इंडियन एक्सप्रेस ने टेक्स हैवन के रूप में कुख्यात मुल्क पनामा की फर्म मोजाक फोंसेका के लाखों दस्तावेजों की जांच के बाद तकरीबन 500 भारतीयों के नामों का खुलासा किया है, जिन्होंने टेक्स नियमों का उल्लंघन कर विदेशों में पैसे जमा किया। इनमें अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या रॉय और कई उद्योगपतियों का नाम है।
जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पनामा पेपर्स लीक मामले का जांच का आदेश खुद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे खुलासों का सामाने आना स्वस्थ परंपरा है। विदेशो में गैर कानूनी तरीकों से धन जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जेटली ने बताया कि जांच के लिए बनाई गई एजेंसियों में सीबीडीटी और आरबीआई भी शामिल हैं।
11 मिलियन दस्तावेजों की जांच के बाद किया दावा
इंडियन एक्सप्रेस ने पनामा की लॉ फर्म मोजाक फोंसेका की गोपनीय फाइलों के 11 मिलियन दस्तावेजों की जांच के बाद दावा किया कि 500 भारतीय नागरिकों ने संभवतः टेक्स के नियमों का उल्लंघन किया या विदेशों में फर्जी कंपनियां बनाकर काला धन छिपाया।
समाचार पत्र ने दावा किया कि ऐश्वर्या रॉय ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड की एक फर्म में शेयर होल्डर थीं, जबकि अमिताभ बच्चन बहामास की चार शिपिंग कंपनियों के डायरेक्टर थे। इंडियाबुल्स के मालिक समीर गुलाटी ने बहामास और जर्सी की कंपनियों के जरिए लंदन में प्रॉपर्टी की खरीद की। डीएलएफ प्रमोटर केपी सिंह और परिजनों की भी ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कंपनियां हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी, पश्चिम बंगाल के राजनीतिज्ञ शिशिर बाजोरिया और आंध्र प्रदेश की लोकसत्ता पार्टी के पूर्व नेता अनुराग केजरीवाल का नाम भी काला धन छिपाने वालों की सूची में शामिल है।