अवसान: पर्यावरणविद् बहुगुणा के निधन पर देश में शोक, पीएम मोदी समेत इन दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा पिछले कई वर्षों से हिमालय में वनों के संरक्षण के लिए काम कर रहे थे, उनके निधन से पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े लोगों को गहरा दुख पहुंचा है।
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चिपको आंदोलन के नेता और विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का आज निधन हो गया। पर्यावरणविद् बहुगुणा पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हुए थे, जिसके बाद उन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती करवाया गया था। यहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शुक्रवार की दोपहर 12 बजे 95 वर्ष की उम्र में उन्होंने अस्पताल में आखिरी सांस ली है।
पीएम मोदी ने जताया दुख
पर्यावरणविद् बहुगुणा के निधन की खबर मिलते ही देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर प्रधानमंत्री, राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन समेत अन्य लोगों ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा जी का निधन हमारे देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने की सदियों पुरानी परंपरा को जोड़े रखा। उनकी सादगी और करुणा की भावना को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।
Passing away of Shri Sunderlal Bahuguna Ji is a monumental loss for our nation. He manifested our centuries old ethos of living in harmony with nature. His simplicity and spirit of compassion will never be forgotten. My thoughts are with his family and many admirers. Om Shanti.
विज्ञापन विज्ञापन— Narendra Modi (@narendramodi) May 21, 2021
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने दी श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने की दिशा में किए गए उनके प्रयासों को हमेशा याद रखा जाएगा। नायडू ने ट्वीट कर कहा, ‘‘वयोवृद्ध पर्यावरण संरक्षक, हिमालय के पर्यावरण की रक्षा के लिए चिपको आंदोलन के प्रणेता, सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन से एक युग का अंत हो गया। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। पुण्यात्मा को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि! उनके परिजनों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक संवेदना! ओम शांति।’
तीरथ रावत ने दुख जताया
सुंदरलाल बहुगुणा के निधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शोक प्रकट किया। ट्वीट पर लिखा कि चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन का अत्यंत पीड़ादायक समाचार मिला। यह खबर सुनकर मन बेहद व्यथित हैं। यह सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
चिपको आंदोलन के प्रणेता, विश्व में वृक्षमित्र के नाम से प्रसिद्ध महान पर्यावरणविद् पद्म विभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के निधन का अत्यंत पीड़ादायक समाचार मिला। यह खबर सुनकर मन बेहद व्यथित हैं। यह सिर्फ उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण देश के लिए अपूरणीय क्षति है। pic.twitter.com/j85HWCs80k
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) May 21, 2021
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने शोक व्यक्त किया
वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा- 'चिपको आंदोलन के प्रणेता, पर्यावरण चेतना के प्रखरतम संवाहक, पद्मविभूषण श्री सुंदरलाल बहुगुणा के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।' चौहान ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है।
चिपको आंदोलन के प्रणेता थे बहुगुणा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने वाले सुंदरलाल बहुगुणा ने 70 के दशक में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया,इसी दौरान चिपको आंदोलन की भी शुरुआथ की गई। उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में पेड़ों की कटाई व्यापक तौर से शुरू हुई, 1974 में बहुगुणा के नेतृत्व में कटाई का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ । इस विरोध में स्थानीय महिलाएं पेड़ों से चिपक कर खड़ी हो गईं, जिसके बाद पूरी दुनिया इसे चिपको आंदोलन के नाम से जाना