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पीएम मोदी ने गोद लिया एक और गांव, करेंगे इसका कायाकल्प
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 06 Mar 2016 08:45 AM IST
सार
- जयापुर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब नागेपुर को आदर्श गांव बनाएंगे।
- इससे पहले इसी ब्लाक के जयापुर गांव को मोदी ने सात नवंबर 2014 को गोद लिया था।
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नरेन्द्र मोदी
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विस्तार
जयापुर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब नागेपुर को आदर्श गांव बनाएंगे। आराजी लाइन ब्लाक का यह दूसरा गांव होगा जिसे पीएम गोद लेकर संवारेंगे।
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इससे पहले इसी ब्लाक के जयापुर गांव को मोदी ने सात नवंबर 2014 को गोद लिया था। जयापुर का एक साल में कायाकल्प हो चुका है। अब सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत मोदी सेवापुरी विधानसभा के अपने दूसरे गांव नागेपुर की किस्मत चमकाएंगे।
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नागेपुर गांव के चयन की सूचना शनिवार की शाम सीडीओ विशाख जी को प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त हुई। सीडीओ ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय के उपसचिव मयूर माहेश्वरी का पत्र आया है।
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पत्र में 20 मार्च तक नागेपुर गांव का विलेज डेवलपमेंट प्लान मांगा गया है। प्लान के लिए सभी विभागों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। बताया कि रविवार से नागेपुर गांव में सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। गांव के विकास के लिए विभागवार योजना बनाकर उसे प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा।
प्रधानमंत्री ने सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत जयप्रकाश नारायण के जन्मदिन पर 11 अक्तूबर 2014 को नई दिल्ली में की थी। इसके तहत देश का हर सांसद एक गांव गोद लेगा।
जहां पर विकास और निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाएगा। इसके लिए कोई अलग से बजट का प्राविधान नहीं है। सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से कराना प्राथमिकता है।
जयापुर से लगभग दस किलोमीटर दूर है नागेपुर। यह गांव मेहंदीगंज के पास है। गांव के पास में ही एक शीतलपेय कंपनी का प्लांट होने की वजह से यह पूरा इलाका डार्क जोन में तब्दील है।
भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने की वजह से सिंचाई के लिए भी खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि पिछले साल लोहिया ग्राम योजना में चयनित होने की वजह से गांव में विकास के कई काम हुए हैं। इस गांव में राजभर और कुर्मी बिरादरी के लोगों की बहुलता है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नागेपुर गांव को गोद लेना महज इत्तेफाक नहीं बल्कि इसकी तैयारी दो महीने से चल रही थी। पिछले हफ्ते प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी सुनील ओझा और गुजरात के सांसद सीआर पाटिल ने स्थानीय नेताओं के साथ इस गांव का दौरा कर यहां की स्थिति का जायजा लिया था। ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा नेताओं की रिपोर्ट के बाद ही पीएम ने इस गांव को गोद लेने की स्वीकृति दी है।
गांव में न तो सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मुहैया है और न ही बारिश के पानी की निकासी की मुकम्मल व्यवस्था। लोहिया गांव के रूप में चयनित होने के बाद सड़कों की दशा से तो सुधरी मगर पानी की समस्या यथावत है। उम्मीद है प्रधानमंत्री मोदी जी जयापुर की तरह नागेपुर का भी कायाकल्प कर देंगे।
-पारसनाथ राजभर, ग्राम प्रधान नागेपुर