पीएम ने की समीक्षा: गरीबों को बिना बाधा मुफ्त खाद्यान्न देने, बीमा दावों के जल्द निपटारे के निर्देश
पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र के मंत्रालय गरीबों को मुफ्त अनाज निर्बाध रूप से मिल सके, इसके लिए राज्यों के साथ समन्वय बनाकर काम करें। लंबित बीमा दावों के जल्द निपटारे के कदम उठाए जाएं।
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देश में कोरोना की दूसरी लहर से बिगड़ते हालात के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम विभिन्न उच्चाधिकार समूहों के साथ बैठक की। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र के मंत्रालय गरीबों को मुफ्त अनाज निर्बाध रूप से मिल सके, इसके लिए राज्यों के साथ समन्वय बनाकर काम करें। लंबित बीमा दावों के जल्द निपटारे के कदम उठाए जाएं।
बैठक में उच्चाधिकार समूहों ने लोगों को आर्थिक व अन्य राहत के लिए किए गए उपायों को लेकर प्रजेंटेशन देते हुए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
PM directed Central Govt should work in close co-ordination with the states to ensure that the poor get the benefits of free food-grain without any issues. PM also said that steps should be taken to expedite the settlement of pending Insurance claims: PMO
— ANI (@ANI) April 30, 2021
पीएमओ ने बताया कि सप्लाई चेन व परिवहन से संबंधित उच्चाधिकार समूह ने पीएम को उसके द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इस पर पीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे सामान की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाएं। बता दें, बीते दिनों ऑक्सीजन टैंकरों को अलग-अलग राज्यों में रोके जाने की खबरें आई थी।
निजी क्षेत्र से समन्वय के लिए बने उच्चाधिकार समूह ने पीएम को बताया कि सरकार निजी क्षेत्र के साथ कैसे सक्रिय साझेदारी कर काम कर रही है। इनमें एनजीओ व अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में संगठनों के कार्यकर्ताओं की मदद लें
बैठक में पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा कि वे महामारी के चलते स्वासथ्य क्षेत्र पर बढ़ रहे बोझ को कम करने के लिए नागरिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की कैसे मदद ली जा सकती है, इस पर विचार करें। इन कार्यकर्ताओं की गैर विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में मदद ली जा सकती है।
पूर्व सैनिकों की मदद ली जाए
पीएम मोदी ने अधिकारियों से यह भी कहा कि पूर्व सैनिकों को कॉल सेंटरों में तैनात किया जा सकता है। ये होम क्वारंटीन किए गए लोगों से संवाद आदि का काम कर सकते हैं। पूर्व सैनिकों को इस कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाए।