{"_id":"63667f4727ce49265c7543cd","slug":"plea-in-sc-seeks-sit-probe-into-allegations-of-poaching-of-mlas-in-telangana","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: तेलंगाना हॉर्स ट्रेडिंग मामले में शीर्ष कोर्ट में दाखिल हुई जनहित याचिका, एसआईटी से जांच की मांग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: तेलंगाना हॉर्स ट्रेडिंग मामले में शीर्ष कोर्ट में दाखिल हुई जनहित याचिका, एसआईटी से जांच की मांग
Sat, 05 Nov 2022 08:51 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 05 Nov 2022 08:51 PM IST
सार
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में चुनी हुई सरकारों को गिराने की साजिश की गई है। यह साजिश लोकतांत्रिक देश के बुनियादी ढांचे के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान मामले में शामिल आरोपी व्यक्तियों पर आगे मुकदमा चलाने के साथ इसे रोका भी जा सकता है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तेलंगाना में टीआरएस के विधायकों को खरीदने के प्रयास का मामला थमता नहीं दिख रहा है। अब इस मामले में बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले को लेकर एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में तेलंगाना में कथित हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी एसआईटी जांच की जाए। वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके यह मांग भी की है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, याचिका में दावा किया गया है कि खरीद-फरोख्त का पता लगाना आसान नहीं है और यह लोकतांत्रिक देश के बुनियादी ढांचे के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। एडवोकेट एम एल शर्मा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि विधायक जो वफादारी बदलने के लिए रिश्वत लेते हैं, वे लोक सेवक के रूप में, भ्रष्टाचार रोकथाम (पीसी) अधिनियम के तहत अपराध कर रहे हैं। विधायकों को रिश्वत देने वाले नेता भी पीसी अधिनियम के तहत अपराध करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में चुनी हुई सरकारों को गिराने की साजिश की गई है। यह साजिश लोकतांत्रिक देश के बुनियादी ढांचे के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान मामले में शामिल आरोपी व्यक्तियों पर आगे मुकदमा चलाने के साथ इसे रोका भी जा सकता है।
विज्ञापन
वकील एमएल शर्मा ने अपनी याचिका में IPC की धारा 420, 120B और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही इस याचिका में एक पक्षकार TRS भी पक्षकार बनाया गया है। जनहित याचिका में कहा गया है कि न्याय के हित को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को मामले में दखल देना चाहिए। उन्होंने याचिका में पद का दुरुपयोग करके राजनीतिक शक्ति हासिल करने की कोशिश करने का आरोप पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर लगाया है।
गौरतलब है कि गुरुवार को भाजपा पर आरोप लगाते हुए मुनुगोड़े विधानसभा क्षेत्र में एक प्रेस कांफ्रेंस करते हुए विधायकों की खरीद फरोख्त से जुड़े कई वीडियो साझा किए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि भाजपा उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। केसीआर ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भी ऐसी ही राजनीति को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने विधायक खरीद मामले के दस्तावेजों को सुप्रीम कोर्ट को भेजा है।
तेलंगाना के सीएम केसीआर ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि जब कभी लोकतंत्र पर खतरा मंडराया है तब अदालत ने देश की रक्षा की है । विधायकों के खरीद मामले के संपूर्ण दस्तावेजों को सवोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज देश के सभी मुख्यमंत्रियों व मीडिया हाउस को भी भेजे गए हैं। केसीआर ने कहा कि उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि विधायक खरीद में शामिल लोगों को दंडित करें।