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पीयूष गोयल ने साधा कांग्रेस पर निशाना: कहा- राहुल अपनी पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा, नेतृत्व से कई नेता नाराज
Tue, 13 Oct 2026 03:55 PM IST
देवेश त्रिपाठी
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 13 Oct 2026 03:55 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और राजीव रंजन सिंह ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और राहुल गांधी के चुनाव आयोग संबंधी आरोपों पर निशाना साधा। गोयल ने दावा किया कि कांग्रेस का अपने पुराने फैसलों और चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की नियुक्तियों का रिकॉर्ड उसके मौजूदा आरोपों से मेल नहीं खाता।
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और ललन सिंह (राजीव रंजन सिंह) ने नई दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा 'रेड फ्लैग' बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेता खुद राहुल गांधी के खिलाफ अपनी बात रख रहे हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है लेकिन अपने खुद के कामों और अपने ट्रैक रिकॉर्ड को पूरी तरह नजरअंदाज करती है। उन्होंने राहुल गांधी के रवैये और संविधान के हर पहलू को कमजोर करने की कोशिश पर सवाल उठाए।
'कांग्रेस का रही वोट चोरी का झूठा दावा'
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के कई नेता राहुल गांधी के खिलाफ अपनी बात रख रहे हैं। शशि थरूर ने खुद कहा कि एसआईआर के कारण केरल में कांग्रेस चुनाव जीती है। रमेश चेन्नीथला ने खुद कहा कि एसआईआर के कारण केरल में कांग्रेस चुनाव जीती है। केरल के मुख्यमंत्री ने भी एसआईआर की तारीफ की है। अधीर रंजन चौधरी ने भी चुनाव आयोग की तारीफ की है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने अच्छे से चुनाव करवाया है। अब उनकी खुद की पार्टी बेबुनियाद और झूठे वोट चोरी के दावे कर रही है।"
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उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र तरीके से देशहित और जनहित में काम करने के लिए पूरी तरह से स्वायत्तता दी है। चुनाव आयोग के अधिकारियों को राजनीतिक लाभ देने का प्रयास नहीं किया गया। उन्हें ईमानदारी से काम करने दिया गया।
पीयूष गोयल ने बताया चुनाव आयुक्तों को लेकर क्या रहा कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड?
कांग्रेस के ट्रैक रिकॉर्ड पर पीयूष गोयल ने कहा, "राहुल गांधी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर को पार्टी टिकट पर उम्मीदवार बनाया गया, एक को यूनियन कैबिनेट में लिया गया, दो चीफ इलेक्शन कमिश्नरों को गवर्नर बनाया गया और एक बार चीफ इलेक्शन कमिश्नर के यह कहने पर कि उनके नीचे काम करने वाला इलेक्शन कमिश्नर कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहा है, उसे निकालने से इनकार कर दिया गया। ऐसा पक्षपात हमने शायद ही किसी सरकार में देखा गया होगा।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अक्सर चीफ इलेक्शन कमिश्नर टीएन शेषन की ईमानदारी का बड़ा गुणगान करती थी। हालांकि 1999 में उन्हें आडवाणी के सामने कांग्रेस के टिकट पर खड़ा होने का मौका दिया गया। क्या यह उन्हें रिवार्ड करने का काम नहीं था?
कांग्रेस के राजनीतिक रिवॉर्डों को एक-एक कर गिनाया
उन्होंने कहा, "एमएस गिल 1996 से 2001 तक चीफ इलेक्शन कमिश्नर थे। 2000 में सिटिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर को पद्म विभूषण से नवाजा गया। क्या यह उनकी कारनामों को रिवार्ड देना नहीं था? रिटायरमेंट के 3 साल बाद वे कांग्रेस ज्वाइन करते हैं, 2004 में राज्यसभा में आते हैं, 2008 में उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनाया जाता है। इससे ज्यादा आपको क्या सबूत चाहिए कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के ऑफिस को कितने निचले स्तर पर गिरा दिया और अधिकारियों का कैसे दुरुपयोग किया।"
उन्होंने कहा, "टीकाराम मीणा केरल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर थे। एक वर्ष बाद उन्हें कांग्रेस की राजस्थान मेनिफेस्टो टीम में ले लिया गया। मई 2026 में रतन यू केलकर केरल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर थे। चुनाव के तुरंत बाद वर्तमान मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने उन्हें अपना चीफ सेक्रेटरी घोषित कर दिया। क्या यह राजनीतिक रोटियां सेंकना नहीं है कि आप चुनाव में मदद कीजिए और हम आपको पद पर नियुक्त कर देंगे।"
गोयल बोले- चुनाव आयुक्त चुनने की प्रक्रिया को मोदी सरकार ने बदला
उन्होंने कहा कि पहले इलेक्शन कमिश्नर कैसे चुना जाता था? सरकार चुनती थी। जिसे चाहा, उसे चीफ बना दिया। यह मोदी सरकार है, जिसने 2023 में कानूनी प्रावधान किया। इसके तहत नेता प्रतिपक्ष को सिलेक्शन कमेटी का सदस्य बनाया गया। अब पीएम के साथ नेता प्रतिपक्ष भी तय करते हैं कि कौन चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनेगा।
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पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है लेकिन अपने खुद के कामों और अपने ट्रैक रिकॉर्ड को पूरी तरह नजरअंदाज करती है। उन्होंने राहुल गांधी के रवैये और संविधान के हर पहलू को कमजोर करने की कोशिश पर सवाल उठाए।
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'कांग्रेस का रही वोट चोरी का झूठा दावा'
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के कई नेता राहुल गांधी के खिलाफ अपनी बात रख रहे हैं। शशि थरूर ने खुद कहा कि एसआईआर के कारण केरल में कांग्रेस चुनाव जीती है। रमेश चेन्नीथला ने खुद कहा कि एसआईआर के कारण केरल में कांग्रेस चुनाव जीती है। केरल के मुख्यमंत्री ने भी एसआईआर की तारीफ की है। अधीर रंजन चौधरी ने भी चुनाव आयोग की तारीफ की है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने अच्छे से चुनाव करवाया है। अब उनकी खुद की पार्टी बेबुनियाद और झूठे वोट चोरी के दावे कर रही है।"
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#WATCH | Delhi: Asking 10 questions to Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Union Minister Piyush Goyal says, "I challenge Rahul Gandhi to answer these 10 questions...Several people consider Rahul Gandhi the biggest red flag because of whom the Congress is losing again and again. Youth calls bad omen, a red flag. Rahul Gandhi is the biggest red flag for Congress..." He also says, "Rahul Gandhi and his colleagues misbehaved with a woman journalist who is 3 months pregnant...She was only covering their protest. I don't think the 140 crore people of the country or any journalist would ever forgive this..."
— ANI (@ANI) October 13, 2026
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र तरीके से देशहित और जनहित में काम करने के लिए पूरी तरह से स्वायत्तता दी है। चुनाव आयोग के अधिकारियों को राजनीतिक लाभ देने का प्रयास नहीं किया गया। उन्हें ईमानदारी से काम करने दिया गया।
पीयूष गोयल ने बताया चुनाव आयुक्तों को लेकर क्या रहा कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड?
कांग्रेस के ट्रैक रिकॉर्ड पर पीयूष गोयल ने कहा, "राहुल गांधी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर को पार्टी टिकट पर उम्मीदवार बनाया गया, एक को यूनियन कैबिनेट में लिया गया, दो चीफ इलेक्शन कमिश्नरों को गवर्नर बनाया गया और एक बार चीफ इलेक्शन कमिश्नर के यह कहने पर कि उनके नीचे काम करने वाला इलेक्शन कमिश्नर कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहा है, उसे निकालने से इनकार कर दिया गया। ऐसा पक्षपात हमने शायद ही किसी सरकार में देखा गया होगा।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अक्सर चीफ इलेक्शन कमिश्नर टीएन शेषन की ईमानदारी का बड़ा गुणगान करती थी। हालांकि 1999 में उन्हें आडवाणी के सामने कांग्रेस के टिकट पर खड़ा होने का मौका दिया गया। क्या यह उन्हें रिवार्ड करने का काम नहीं था?
कांग्रेस के राजनीतिक रिवॉर्डों को एक-एक कर गिनाया
उन्होंने कहा, "एमएस गिल 1996 से 2001 तक चीफ इलेक्शन कमिश्नर थे। 2000 में सिटिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर को पद्म विभूषण से नवाजा गया। क्या यह उनकी कारनामों को रिवार्ड देना नहीं था? रिटायरमेंट के 3 साल बाद वे कांग्रेस ज्वाइन करते हैं, 2004 में राज्यसभा में आते हैं, 2008 में उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनाया जाता है। इससे ज्यादा आपको क्या सबूत चाहिए कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के ऑफिस को कितने निचले स्तर पर गिरा दिया और अधिकारियों का कैसे दुरुपयोग किया।"
उन्होंने कहा, "टीकाराम मीणा केरल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर थे। एक वर्ष बाद उन्हें कांग्रेस की राजस्थान मेनिफेस्टो टीम में ले लिया गया। मई 2026 में रतन यू केलकर केरल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर थे। चुनाव के तुरंत बाद वर्तमान मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने उन्हें अपना चीफ सेक्रेटरी घोषित कर दिया। क्या यह राजनीतिक रोटियां सेंकना नहीं है कि आप चुनाव में मदद कीजिए और हम आपको पद पर नियुक्त कर देंगे।"
गोयल बोले- चुनाव आयुक्त चुनने की प्रक्रिया को मोदी सरकार ने बदला
उन्होंने कहा कि पहले इलेक्शन कमिश्नर कैसे चुना जाता था? सरकार चुनती थी। जिसे चाहा, उसे चीफ बना दिया। यह मोदी सरकार है, जिसने 2023 में कानूनी प्रावधान किया। इसके तहत नेता प्रतिपक्ष को सिलेक्शन कमेटी का सदस्य बनाया गया। अब पीएम के साथ नेता प्रतिपक्ष भी तय करते हैं कि कौन चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनेगा।