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भ्रष्टाचार पर वार: 20 हजार के भुगतान पर 100 रुपये सुविधा शुल्क मांगना पड़ा भारी, डाक विभाग के दो बाबू नपे
Tue, 13 Oct 2026 04:32 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 13 Oct 2026 04:32 PM IST
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सीबीआई
- फोटो : ANI
डाक विभाग के दो कर्मचारी, 'सौ' रुपये का सुविधा शुल्क बतौर 'रिश्वत' लेने के चक्कर में नप गए। सीबीआई ने उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था। लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने अब इन कार्मिकों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। दोनों में से एक कार्मिक को तीन साल की सजा व 15 हजार रुपये जुर्माना तो दूसरे को छह माह कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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यह केस प्रतापगढ़ के कुंडा सब पोस्ट ऑफिस के दो डाक कार्मिकों के रिश्वत मामले से जुड़ा है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने इन आरोपियों के खिलाफ 30.11.2019 को मामला दर्ज किया था। आरोप था कि सब पोस्ट मास्टर संतोष कुमार सरोज और पोस्टल असिस्टेंट सूरज प्रसाद मिश्रा ने एक कमीशन एजेंट से गैर-कानूनी रिश्वत मांगने की आपराधिक साज़िश रची थी।
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आरोपी अधिकारियों ने रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खातों में जमा किए गए हर 20,000 रुपये पर 100 रुपये की तय रकम की मांग की, जिसे उन्होंने "सुविधा खर्च" का नाम दिया। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर यह पैसा नहीं दिया गया तो वे एजेंट का काम रोक देंगे और उसमें रुकावटें पैदा करेंगे। सीबीआई ने 30.11.2019 को जाल बिछाया और आरोपी सूरज प्रसाद मिश्रा को 2,00,040 रुपये जमा करने की प्रक्रिया के लिए 1,000 रुपये की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
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जांच के बाद, सीबीआई ने 31.12.2019 को आरोपी संतोष कुमार सरोज और सूरज प्रसाद मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी ठहराया और उसी के अनुसार सज़ा सुनाई गई है। पोस्टल असिस्टेंट सूरज प्रसाद मिश्रा को तीन साल की जेल और 15,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि सब पोस्ट मास्टर संतोष कुमार सरोज को छह महीने की जेल और 5,000 रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।