{"_id":"59cf4e0f4f1c1bbe538b5276","slug":"piyush-goel-taking-a-meeting-with-railway-board-after-people-died-by-stampede-in-mumbai","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल मंत्री बोलेे- अब देश के सभी स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज अनिवार्य","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
रेल मंत्री बोलेे- अब देश के सभी स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज अनिवार्य
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 30 Sep 2017 08:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महानगरी मुंबई के दो उप-नगरीय रेलवे स्टेशनों को जोड़ने वाले फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पर मची भगदड़ में 23 लोगों की मौत के एक दिन बाद शनिवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पहले ‘यात्रियों के लिए सुविधा’ माना जाने वाले एफओबी अब देश के सभी रेलवे स्टेशनों के लिए अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
रेल मंत्री ने यह घोषणा शुक्रवार से ही रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की गई मैराथन बैठकों के बाद की। रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि अब एफओबी को यात्री सुविधा नहीं, बल्कि अनिवार्य माना जाएगा।
विज्ञापन
इससे पहले किसी स्टेशन पर पहले एफओबी को जरूरी समझा जाता था और इसके बाद के एफओबी को ‘यात्री सुविधा’ माना जाता था।
शनिवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद जारी बयान में रेलवे ने यह भी कहा कि अपने निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए 15 महीने के भीतर मुंबई की सभी उप-नगरीय ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और इसके बाद पूरे देश की ट्रेनों में ये कैमरे लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
परियोजनाएं लागू करने में देरी और लालफीताशाही के लिए गोयल ने रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को और अधिकार देने का फैसला किया ताकि वे यात्रियों की संरक्षा के उपायों पर धनराशि खर्च कर सकें।
मंत्री ने संरक्षा के मुद्दों को सुलझाने के लिए एक समयसीमा भी तय की है । महाप्रबंधकों को किसी परियोजना के लिए कोष की मंजूरी के एक हफ्ते के भीतर वित्तीय आयुक्तों को जानकारी देनी होगी और वित्तीय आयुक्त 15 दिनों के भीतर इसकी पुष्टि करेंगे।
विचारों में मतभेद की स्थिति में मामला अंतिम निर्णय के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा और उसे इन्हीं 15 दिनों के भीतर फैसला करना होगा।
बैठक जारी रहने के दौरान गोयल ने ट्वीट किया था, ‘समयबद्ध तरीके से मुंबई के सभी उप-नगरीय स्टेशनों में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी बेहतर करने के लिए योजना बनाई जाएगी। इसके अलावा बीएमसी, एमएमआरडीए, सिडको जैसी एजेंसियों और राज्य सरकार के साथ लंबित मुद्दों को एक हफ्ते में सुलझाया जाएगा।’