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Corona: कम संक्रामक पाया गया कोरोना का पिरोला वेरिएंट, अलग-अलग प्रयोगशालाओं में हुआ अध्ययन

Wed, 06 Sep 2023 05:46 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 06 Sep 2023 05:46 AM IST
सार

वैज्ञानिकों का कहना है कि जन स्वास्थ्य के लिहाज से कोरोना के सभी वेरिएंट घातक हैं लेकिन इनमें से कई ऐसे हैं जो ज्यादा तेजी से फैलते हैं और लोगों को गंभीर रुप से बीमार कर देते हैं जबकि कुछ ऐसे भी हैं, जिनसे संक्रमित होने के बाद हल्के लक्षण नजर आते हैं।

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Pirola variant of Corona found to be less infectious, study conducted in different laboratories
राजस्थान कोरोना अपडेट - फोटो : Social Media

विस्तार

अमेरिका की प्रयोगशालाओं में कोरोना का नया पिरोला वेरिएंट कम संक्रामक पाया गया है। हाल ही में सामने आए बीए.2.86 वेरिएंट के कई अमेरिकी राज्यों में शोध हुए हैं और सबके नतीजे लगभग एक जैसे ही सामने आए हैं। बीए.2.86 को पिरोला भी कहा जाता है। अध्ययनों में पता चला है कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणालियां पिरोला वेरिएंट को पहचान सकती हैं और उससे लड़ भी सकती हैं।

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वैज्ञानिकों का कहना है कि जन स्वास्थ्य के लिहाज से कोरोना के सभी वेरिएंट घातक हैं लेकिन इनमें से कई ऐसे हैं जो ज्यादा तेजी से फैलते हैं और लोगों को गंभीर रुप से बीमार कर देते हैं जबकि कुछ ऐसे भी हैं, जिनसे संक्रमित होने के बाद हल्के लक्षण नजर आते हैं। कुछ ही समय पहले दुनिया में बीए.2.86 वेरिएंट पाया गया जिसकी जांच से पता चला है कि यह कम संक्रामक है। इससे कहीं अधिक संक्रामक कोरोना के एक्सबीबी परिवार से जुड़े वेरिएंट हैं।
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भारत में अभी स्थिति नियंत्रित
कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. राजीव जयदेवन का कहना है कि विश्व स्तर पर कोरोना वायरस के लगातार नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं। भारत की मौजूदा स्थिति काफी नियंत्रित है। हालांकि नए वेरिएंट और विदेशों से आवागमन पर हमारी निगरानी कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। सरकार खासतौर पर प्रशासन को इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
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चीन-स्वीडन में भी ऐसे ही परिणाम
पिरोला वेरिएंट को लेकर अमेरिका के अलावा चीन और स्वीडन के वैज्ञानिकों के शोध के नतीजे भी अमेरिका जैसे ही मिले हैं। पिरोला वेरिएंट को अभी तक का काफी घातक वेरिएंट माना जा रहा था लेकिन तब साक्ष्य भी नहीं थे और विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इसकी जांच में लगा हुआ था। अब अलग-अलग देशों ने घरेलु स्तर पर इस वेरिएंट की जांच शुरू की है जिसके परिणाम सामने आने लगे हैं।


डॉ. डैन बोले, यह खतरनाक नहीं
अमेरिका के बेथ इस्राइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर के सेंटर फॉर वायरोलॉजी एंड वैक्सीन रिसर्च के निदेशक डॉ. डैन बारोच ने कहा, दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं ने शोध में दिखाया है कि बीए.2.86 वर्तमान वेरिएंट की तुलना में अधिक प्रतिरक्षा से बच नहीं सकता है। यह खतरनाक नहीं है।

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