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इंजीनियर को गुलाबी शर्ट और जींस पहनकर कोर्ट जाना पड़ा महंगा, जज ने लगाया 5 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 29 Aug 2018 09:02 AM IST
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हाईकोर्ट में कैजुअल ड्रेस पहन कर जाना सिंचाई विभाग वाराणसी के अधिशासी अभियंता विजय कुशवाहा को महंगा पड़ गया। कोर्ट ने बिना ड्रेस कोड के आने पर उन पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ उनके सर्विस रिकार्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का निर्देश दिया है। अधिशासी अभियंता अपने ही विभाग के सेवानिवृत्ति कर्मचारी की पेंशन आदि भुगतान के मामले में तलब थे। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी अमित स्थालेकर और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ कर रही है।
अधिशासी अभियंता जब कोर्ट में दाखिल हुए तो उन्होंने गुलाबी रंग की हाफ शर्ट और जींस की पैंट पहनी थी। उनको देखकर कोर्ट ने सवाल किया कि क्या प्रदेश सरकार के प्रथम श्रेणी के अधिकारी इसी प्रकार के कपड़े पहनते हैं। क्या यह सरकार द्वारा अनुमन्य ड्रेस कोड है। हमें उम्मीद है कि एक सरकारी अधिकारी को यह पता होगा कि हाईकोर्ट में हाजिर होते समय उनको क्या ड्रेस पहननी है।
कोर्ट ने विजय कुशवाहा पर व्यक्तिगत रूप से पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाते हुए यह राशि एक माह में महानिबंधक के समक्ष जमा करने का निर्देश दिया है। महानिबंधक इसे विधिक सेवा प्राधिकरण के खाते में जमा कराएंगे। यदि नहीं जमा करते हैं तो इसकी वसूली भू राजस्व की तरह करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हम विजय कुशवाहा के इस कार्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उनके सर्विस रिकार्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि देने और सिंचाई विभाग के सचिव को उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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मामला सिंचाई विभाग बंधी प्रखंड के अवकाश प्राप्त कर्मचारी चंद्रिका प्रसाद का था। चंद्रिका राम की सेवानिवृत्ति पर उनका सेवानिवृत्ति परिलाभ और पेंशन विभाग ने रोक दिया था। चंद्रिका की मृत्यु हो गई तो उनकी पत्नी निर्मला देवी ने भुगतान के लिए याचिका दाखिल की। बताया कि उनको भुगतान के लिए दौड़ाया जा रहा है। कोर्ट ने याची को 2011 से 2014 तक भुगतान नहीं करने पर इस अवधि का छह फीसदी ब्याज के साथ बकाया भुगतान करने का आदेश दिया है।
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अधिशासी अभियंता जब कोर्ट में दाखिल हुए तो उन्होंने गुलाबी रंग की हाफ शर्ट और जींस की पैंट पहनी थी। उनको देखकर कोर्ट ने सवाल किया कि क्या प्रदेश सरकार के प्रथम श्रेणी के अधिकारी इसी प्रकार के कपड़े पहनते हैं। क्या यह सरकार द्वारा अनुमन्य ड्रेस कोड है। हमें उम्मीद है कि एक सरकारी अधिकारी को यह पता होगा कि हाईकोर्ट में हाजिर होते समय उनको क्या ड्रेस पहननी है।
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कोर्ट ने विजय कुशवाहा पर व्यक्तिगत रूप से पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाते हुए यह राशि एक माह में महानिबंधक के समक्ष जमा करने का निर्देश दिया है। महानिबंधक इसे विधिक सेवा प्राधिकरण के खाते में जमा कराएंगे। यदि नहीं जमा करते हैं तो इसकी वसूली भू राजस्व की तरह करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हम विजय कुशवाहा के इस कार्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उनके सर्विस रिकार्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि देने और सिंचाई विभाग के सचिव को उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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मामला सिंचाई विभाग बंधी प्रखंड के अवकाश प्राप्त कर्मचारी चंद्रिका प्रसाद का था। चंद्रिका राम की सेवानिवृत्ति पर उनका सेवानिवृत्ति परिलाभ और पेंशन विभाग ने रोक दिया था। चंद्रिका की मृत्यु हो गई तो उनकी पत्नी निर्मला देवी ने भुगतान के लिए याचिका दाखिल की। बताया कि उनको भुगतान के लिए दौड़ाया जा रहा है। कोर्ट ने याची को 2011 से 2014 तक भुगतान नहीं करने पर इस अवधि का छह फीसदी ब्याज के साथ बकाया भुगतान करने का आदेश दिया है।