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ब्लैक आउट बनेगा इतिहास, कभी नहीं होगी बिजली की पूर्ण कटौती
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 08 Jul 2016 04:33 AM IST
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देश में बिजली का ग्रिड फेल या ब्लैक आउट इतिहास बन जाएगा। बिजली मंत्रालय की मदद से एक ऐसी परियोजना पर काम किया जा रहा है, जिसकी मदद से बिजली की कभी पूर्ण कटौती नहीं होगी। ग्रिड फेल होने की स्थिति में भी आपके घरों में एक बल्ब व पंखे चलने लायक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। इस परियोजना को ब्राउन आउट नाम दिया गया है।
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आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला व बिजली मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में ऑपरेशन ब्राउन आउट परियोजना पर काम किया जा रहा है।
बिजली, कोयला, नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा व खान मंत्री, पीयूष गोयल ने बताया कि ब्राउट आउट परियोजना के हिट होने पर पूरी तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्राउट आउट के जरिए सभी घरों में डीसी लाइन डाली जाएगी और ग्रिड फेल जैसी स्थिति में भी इन घरों में बिजली की एक न्यूनतम आपूर्ति बनी रहेगी और उसकी मदद से बल्ब, पंखे वगैरह चल सकें गे।
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उन्होंने बताया कि मकसद यह है कि किसी भी सूरत में हर घर को बिजली की न्यूनतम आपूर्ति होती रहे चाहे उस समय देश भर में एक लाख मेगावाट बिजली ही क्यों न उपलब्ध हो।
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गोयल ने बताया कि यह पायलट परियोजना बिहार के सहरसा, राजस्थान के एक गांव के एक लाख घरों के लिए शुरू की गई है। इन एक लाख घरों में डीसी लाइन डालकर इस अवधारणा का मूल्यांकन व उसके नतीजों की जांच की जाएगी।
अगर यह सफल रहा तो देश भर में इस परियोजना को चलाया जाएगा। फिर देश से ब्लैक आउट की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बिजली मंत्रालय की तरफ से इस पायलट परियोजना के लिए 80 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
बिजली कानून संशोधन बिल मसौदे में बदलाव
बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि पिछले एक साल से संसद में अटके बिजली कानून संशोधन बिल के मसौदे में वह बदलाव करके उसे फिर से राज्यों के पास भेज रहे हैं ताकि राज्यों के बीच इस बिल को लेकर सहमति बनाई जा सके।
उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से यह बदलाव किया जा रहा है कि संशोधित बिल को मानना या नहीं मानना राज्यों की इच्छा पर निर्भर करेगा। अगर राज्य चाहेंगे तो इस संशोधित बिल के मुताबिक, अपने राज्य में काम कर सकते हैं या नहीं भी कर सकते हैं। उन्हें इस प्रावधान से संशोधित बिल के संसद में पारित होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि शीतकालीन सत्र में वह इस बिल को संसद से पारित कराने की कोशिश करेंगे।