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पीलीभीत : दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने वाले को फांसी की सजा, झाड़ी में छिपा दी थी लाश
अमर उजाला ब्यूरो, पीलीभीत
Updated Thu, 27 Sep 2018 06:14 AM IST
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फांसी
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11 वर्षीय बालिका से दरिंदगी और फिर उसकी हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार शुक्ला ने आरोपी रघुवीर को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। माधोटांडा थाना क्षेत्र में 22 फरवरी 2016 को पेड़ के नीचे एक झाड़ी में बच्ची की लाश मिली थी।
एक ग्रामीण ने वारदात के दिन सुबह सवा दस बजे थाना माधोटांडा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी शाम सात बजे घर से खाना खाकर निकली तो देर रात तक नहीं आई। काफी तलाशने पर खाली प्लॉट में सेमल के पेड़ के नीचे एक झाड़ी में बेटी की लाश पड़ी मिली। उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। जांच में खुलासा हुआ कि भैंरोकलां गांव निवासी रघुवीर बालिका को रुपये का लालच देकर बुलाता था।
यह बात बालिका ने अपनी मां को भी बताई थी। रघुवीर ने दरिंदगी के बाद हत्या कर शव को झाड़ी में फेंक घटना को छिपाने की कोशिश की थी। रघुवीर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सरकारी पक्ष ने छह गवाह अदालत में पेश किए। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार शुक्ला ने इसे जघन्यतम अपराध मानते हुए रघुवीर को मृत्युदंड और 55 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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एक ग्रामीण ने वारदात के दिन सुबह सवा दस बजे थाना माधोटांडा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी शाम सात बजे घर से खाना खाकर निकली तो देर रात तक नहीं आई। काफी तलाशने पर खाली प्लॉट में सेमल के पेड़ के नीचे एक झाड़ी में बेटी की लाश पड़ी मिली। उसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। जांच में खुलासा हुआ कि भैंरोकलां गांव निवासी रघुवीर बालिका को रुपये का लालच देकर बुलाता था।
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यह बात बालिका ने अपनी मां को भी बताई थी। रघुवीर ने दरिंदगी के बाद हत्या कर शव को झाड़ी में फेंक घटना को छिपाने की कोशिश की थी। रघुवीर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सरकारी पक्ष ने छह गवाह अदालत में पेश किए। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार शुक्ला ने इसे जघन्यतम अपराध मानते हुए रघुवीर को मृत्युदंड और 55 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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