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Bengal: ममता बनर्जी के रिश्तेदारों की संपत्ति में तेजी से इजाफे का आरोप, कलकत्ता हाईकोर्ट में PIL दाखिल
Mon, 29 Aug 2022 07:13 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 29 Aug 2022 07:13 PM IST
सार
याचिकाकर्ता के वकील तरुणज्योति तिवारी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साल 2013 में सत्ता में आने के बाद से बनर्जी के परिवार के सदस्यों की संपत्ति तेजी से बढ़ी है।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हाल के वर्षों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रिश्तेदारों की संपत्ति में तेजी से वृद्धि का आरोप लगाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा इसकी जांच की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता के वकील तरुणज्योति तिवारी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साल 2013 में सत्ता में आने के बाद से बनर्जी के परिवार के सदस्यों की संपत्ति तेजी से बढ़ी है। मुख्यमंत्री बनर्जी के पांच भाई हैं।
वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि उनके सभी रिश्तेदार अलग-अलग रहते हैं और उनके लिए वह पूर्व पूर्व लोकसभा सांसद के रूप में देय पेंशन या मुख्यमंत्री के रूप में वेतन और भत्ते नहीं लेती हैं।
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तिवारी ने एक प्रेस नोट में दावा किया कि याचिकाकर्ता के मन में ममता बनर्जी के लिए सर्वोच्च सम्मान है। रिट याचिका के साथ संलग्न दस्तावेज परिवार के सदस्यों की आय से अधिक संपत्ति दिखाते हैं।
याचिकाकर्ता ने की केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग
याचिकाकर्ता ने कहा कि जनहित याचिका में यह प्रार्थना की गई है कि उच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग (आईटी) को जांच का आदेश दे।
ममता बनर्जी ने दिया ये जवाब
तृणमूल कांग्रेस की स्टुडेंट विंग के एक कार्यक्रम में बनर्जी ने कहा कि वह पूर्व सांसद के रूप में अपनी देय एक लाख रुपये प्रतिमाह पेंशन नहीं लेती हैं और 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने सरकारी खजाने से एक भी पैसा नहीं लिया है।
बनर्जी ने कहा कि उन्हें किसी से पता चला है कि उनके परिजनों की संपत्ति को लेकर आरोपों के साथ एक मामला दर्ज किया गया है। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि सिर्फ उनकी दिवंगत मां ही उनके साथ रहीं हैं और कोई अन्य रिश्तेदार नहीं। अन्य सभी अलग-अलग जगह रहते हैं। हम केवल रक्षा बंधन, काली पूजा, दुर्गा पूजा, भाई दूज त्योहार साथ मनाते हैं।
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याचिकाकर्ता के वकील तरुणज्योति तिवारी ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साल 2013 में सत्ता में आने के बाद से बनर्जी के परिवार के सदस्यों की संपत्ति तेजी से बढ़ी है। मुख्यमंत्री बनर्जी के पांच भाई हैं।
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वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि उनके सभी रिश्तेदार अलग-अलग रहते हैं और उनके लिए वह पूर्व पूर्व लोकसभा सांसद के रूप में देय पेंशन या मुख्यमंत्री के रूप में वेतन और भत्ते नहीं लेती हैं।
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तिवारी ने एक प्रेस नोट में दावा किया कि याचिकाकर्ता के मन में ममता बनर्जी के लिए सर्वोच्च सम्मान है। रिट याचिका के साथ संलग्न दस्तावेज परिवार के सदस्यों की आय से अधिक संपत्ति दिखाते हैं।
याचिकाकर्ता ने की केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग
याचिकाकर्ता ने कहा कि जनहित याचिका में यह प्रार्थना की गई है कि उच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों की संपत्ति की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग (आईटी) को जांच का आदेश दे।
ममता बनर्जी ने दिया ये जवाब
तृणमूल कांग्रेस की स्टुडेंट विंग के एक कार्यक्रम में बनर्जी ने कहा कि वह पूर्व सांसद के रूप में अपनी देय एक लाख रुपये प्रतिमाह पेंशन नहीं लेती हैं और 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने सरकारी खजाने से एक भी पैसा नहीं लिया है।
बनर्जी ने कहा कि उन्हें किसी से पता चला है कि उनके परिजनों की संपत्ति को लेकर आरोपों के साथ एक मामला दर्ज किया गया है। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि सिर्फ उनकी दिवंगत मां ही उनके साथ रहीं हैं और कोई अन्य रिश्तेदार नहीं। अन्य सभी अलग-अलग जगह रहते हैं। हम केवल रक्षा बंधन, काली पूजा, दुर्गा पूजा, भाई दूज त्योहार साथ मनाते हैं।