फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Picking inexperienced sculptor for Shivaji Maharaj statue job was a wrong call: Athawale

Maharashtra: ‘शिवाजी की मूर्ति के लिए अनुभवहीन मूर्तिकार को चुनना गलत था’, आठवले बोले- विपक्ष राजनीति ना करे

Sun, 01 Sep 2024 11:51 PM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Sun, 01 Sep 2024 11:51 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शिवाजी की मूर्ति गिरने के मामले में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के माफी मांगने के बाद अब विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुभवहीन मूर्तिकार को मूर्ति बनाने के लिए काम सौंपना गलत फैसला था। 

विज्ञापन
Picking inexperienced sculptor for Shivaji Maharaj statue job was a wrong call: Athawale
रामदास आठवले - फोटो : amar ujala

विस्तार

केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी रामदास अठावले ने कहा है कि राजकोट किले में शिवाजी महाराज की मूर्ति का निर्माण काम एक अनुभवहीन मूर्तिकार को सौंपना एक गलती थी। मालवन तालुका में किले का दौरा करने के बाद उन्होंने सामाजिक न्याय राज्य मंत्री से मामले में विस्तृत जांच की मांग की है। 

विज्ञापन


मीडिया से बात करते हुए अठावले ने कहा, "अनुभवी मूर्तिकारों की कोई कमी नहीं है; एक नौसिखिए को जिम्मेदारी क्यों दी गई?" उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग और नौसेना के संबंधित अधिकारियों की भी जांच की जानी चाहिए।
विज्ञापन


आरपीआई (ए) प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा माफी मांगे जाने के बाद विपक्ष को इस घटना का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चुनाव से पहले मूर्ति गिरने से सियासत गरमाई
इस साल के अंत में महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने को लेकर राज्य में सियासत तेज है। इस मूर्ति का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। मूर्ति गिरने के बाद विपक्षी दल महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। विरोधियों के आरोप के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राज्य की जनता से माफी मांगी। बीते दिन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भी राज्य की जनता से माफी मांगी, जिसके बाद मामला और गरमा गया है।

महाराष्ट्र का मूर्ति प्रकरण क्या है?
दरअसल, इसी 26 अगस्त को सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिर गई।  सिंधुदुर्ग जिले में 4 दिसंबर, 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। 35 फुट की इस प्रतिमा का अनावरण नौसेना दिवस समारोह के हिस्से के रूप में किया गया था।


इस आयोजन का उद्देश्य समुद्री रक्षा और सुरक्षा के प्रति मराठा नौसेना और छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत एवं आधुनिक भारतीय नौसेना के साथ इसके ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान करना था। इसके लिए राज्य सरकार ने धन भी मुहैया कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिमा पर महाराष्ट्र सरकार ने 2.36 करोड़ रुपये खर्च किए थे।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed