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असम समझौते और सीएए को लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, केंद्र को नोटिस
Fri, 07 Feb 2020 10:37 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 07 Feb 2020 10:37 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असम समझौते को प्रभावी रूप से लागू करने और नागरिकता संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र से इस याचिका पर जवाब भी मांगा है।
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असम सामाजिक न्याय मंच की ओर से दी गई याचिका में असम समझौते, 1985 को लागू करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के दिशानिर्देश देने की मांग की गई है और असम के मूल निवासियों की खास संस्कृति, विरासत और परंपराओं को सहेजने और बरकरार रखने की भी मांग की गई है। पीठ ने इसी के साथ नागरिकता संशोधन कानून को चुनौती देने वाली लंबित याचिकाओं के साथ ही इस याचिका को भी शामिल कर दिया।
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क्या है असम समझौता?
लंबे आंदोलन के बाद असम समझौता 15 अगस्त 1985 को हुआ था। समझौते में कहा गया था कि 25 मार्च 1971 के बाद असम में आए विदेशियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकाला जाए। दूसरे राज्यों के लिए यह समय सीमा 1951 थी। वहीं, नागरिकता संशोधन कानून में नई समय सीमा 2014 तय की गई है। इसी का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई समय सीमा से असम समझौते का उल्लंघन हो रहा है।
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यह भी कहा जा रहा है कि नए कानून से असम समझौते के नियम-6 का भी उल्लंघन हो रहा है। इस नियम के तहत असम के मूल निवासियों की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भाषाई पहचान और उनके धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए सांविधानिक, कार्यकारी और प्रशासनिक व्यवस्था की गई है।