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Hindi News ›   India News ›   PETA urges PM Narendra Modi to write letter ban meat from menus at government meetings 

पेटा ने मोदी को पत्र लिख किया आग्रह, सरकारी बैठकों में मेनू से मांस किया जाए प्रतिबंधित 

Tue, 25 Apr 2017 01:45 PM IST
amarujala.com- Presented By: अभिषेक तिवारी
amarujala.com- Presented By: अभिषेक तिवारी Updated Tue, 25 Apr 2017 01:45 PM IST
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PETA urges PM Narendra Modi to write letter ban meat from menus at government meetings 
पीएम नरेंद्र मोदी

पशु कल्याण समूह पेटा इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सभी सरकारी मीटिंग्स और इवेंट में मांस उत्पादों को प्रतिबंधित करने का आग्रह किया है। पेटा द्वारा लिखित पत्र में कहा गया कि हाल ही में जर्मनी के पर्यावरण मंत्री ने सरकारी बैठकों में मेनू से मांसाहारी पदार्थों को परोसे जाने को प्रतिबंधित कर दिया है।

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पेटा ने मोदी से आग्रह किया कि इस दिशा में ध्यान दें और पर्यावरण अनुकूलता को मद्देनजर रखते हुए मांस पदार्थों को सरकारी मीटिंग्स और इवेंट से पशुओं से उत्पन्न नॉनवेज को मेनू से प्रतिबंधित कर दिया जाए।  करने की कथित घटनाओं के बाद पीटा इंडिया से मोदी से इस दिशा में ध्यान देने के लिए कहा था। पीपुल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल (पेटा) ने कहा कि इस कदम से ग्रीन हाउस गैस को रोकने और जलवायु के मुद्दों से निपटने में मदद मिलेगी। 
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पेटा ने कहा कि मोदी एक शाकाहारी, दयालु, स्वस्थ और पर्यावरण को अनुकूल बनाए रखने में उनके खाने की महत्वपूर्ण भूमिका है। पेटा ने आगे कहा कि यह समय है कि केंद्र सरकार को अपने नेतृत्व का पालन करना चाहिए और अपने भोजन में नॉनवेज खाने को न शामिल कर पर्यावरण की रक्षा करने में योगदान देना चाहिए। 
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पत्र में यह लिखा गया है कि जर्मनी मंत्रालय पूरी तरह से मांस मुक्त था क्योंकि मांस उत्पादन से जलवायु परिवर्तन का एक प्रमुख कारण है, जिससे पूरे भारत के लोगों को गर्मी और गंभीर सूखा का सामना करना पड़ रहा है।


पत्र में यह कहा गया कि विश्व में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 51 प्रतिशत उत्पादन करने के अलावा मांस का उत्पादन भारी मात्रा में पानी, भूमि और खाद्य संसाधनों का उपयोग करता भी करता है। निकुंज शा ने पत्र में लिखा कि मुझे आशा है कि आप सहमत होंगे कि भारत को एक अच्छा उदाहरण स्थापित करना चाहिए। सभी सरकारी व सरकार प्रायोजित बैठकों और कार्यों के मेनू से पशुओं से उत्पन्न मांस पदार्थों को शामिल न किया जाए इससे पर्यावरण संरक्षण का गहरा संबंध है। 

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