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Abdul Kalam: पूर्व राष्ट्रपति कलाम के निजी दस्तावेज होंगे संरक्षित, परिजनों ने राष्ट्रीय अभिलेखागार को सौंपे
Tue, 29 Apr 2025 12:01 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:01 PM IST
सार
भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) को पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के निजी कागजात सौंपे गए। इसमें मूल पत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, यात्रा रिपोर्ट और विभिन्न विश्वविद्यालयों और संगठनों में उनके द्वारा दिए गए व्याख्यान शामिल हैं।
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dr. apj abdul kalam अब्दुल कलाम
- फोटो : PTI
विस्तार
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के निजी दस्तावेज संरक्षित किए जाएंगे। परिजनों ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मूल पत्राचार और विभिन्न संस्थानों में दिए गए व्याख्यान से जुड़े निजी कागजातों भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार को सौंपे हैं। इसमें कई तस्वीरें भी शामिल हैं।
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भारत के मिसाइल मैन कहे जाने वाले एपीजे अब्दुल कलाम एक प्रख्यात वैज्ञानिक थे। वे 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) ने सोमवार को कलाम के निजी कागजात प्राप्त किए। इसमें मूल पत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, यात्रा रिपोर्ट और विभिन्न विश्वविद्यालयों और संगठनों में उनके द्वारा दिए गए व्याख्यान शामिल हैं।
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अफसरों ने कहा कि यह दस्तावेज पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की भतीजी एपीजेएम नाजेमा मरैकयार और पूर्व राष्ट्रपति के पोते एपीजेएमजे शेख सलीम ने भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार को सौंपे। एनएआई के महानिदेशक अरुण सिंघल ने एक समारोह में दस्तावेजों को प्राप्त करने के लिए मरैकयार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एनएआई ने कहा कि 15 अक्तूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण परिवार में जन्मे कलाम ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया। भौतिकी और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने भारत के मिसाइल विकास कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया और 1998 के पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षणों में अहम भूमिका निभाई।
एनएआई ने कहा कि कलाम भारत के युवाओं को प्रेरित करने के लिए बहुत भावुक थे। उन्होंने विंग्स ऑफ फायर, इग्नाइटेड माइंड्स और इंडिया 2020 जैसी कई प्रभावशाली किताबें लिखीं। उनका जीवन सादगी, दृढ़ता और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है। जुलाई 2015 में पूर्व राष्ट्रपति कलाम का निधन हो गया, वे अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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एनएआई करता है अभिलेखों का संरक्षण
एनएआई भारत सरकार के गैर-वर्तमान अभिलेखों का संरक्षक है। यह शोधकर्ताओं के उपयोग के लिए अभिलेखों को ट्रस्ट में रखता है। सार्वजनिक अभिलेखों के विशाल संग्रह के अलावा एनएआई में सभी क्षेत्रों के प्रतिष्ठित भारतीयों के निजी कागजात का समृद्ध संग्रह भी है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।