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गोवा: आचार संहिता लागू होने के बाद से 'शिग्मोत्सव' के आयोजन पर संशय, कलाकारों को सता रहा डर; ईसी से की यह मांग
Sun, 17 Mar 2024 06:01 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sun, 17 Mar 2024 06:01 PM IST
सार
लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता पूरे देश में लागू हो गई है। जिसके बाद से गोवा के शिग्मोत्सव को लेकर कलाकारों की चिंता बढ़ गई है। जानें क्या है मामला....
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शिगमोत्सव
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता पूरे देश में लागू हो गई है। इस बीच, गोवा के वसंत महोत्सव शिग्मो में भाग लेने वाले कलाकारों को चिंता है कि समारोह पर प्रतिबंध ना लग जाए। गौरतलब है कि चुनाव 19 अप्रैल को शुरू होंगे, इसके बाद 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को सात चरण में होंगे। साथ ही मतगणना चार जून को होगी।
शिग्मोत्सव पर आचार संहिता पर असर
गोवा में पारंपरिक शिग्मोत्सव 19 मार्च को शुरू होगा, जबकि राज्य पर्यटन विभाग द्वारा प्रायोजित परेड 26 मार्च से 8 अप्रैल तक तटीय राज्य के प्रमुख शहरों में आयोजित की जाएगी। यह पहली बार नहीं होगा जब कलाकारों को आदर्श आचार संहिता के बीच वसंत उत्सव मनाने के लिए परेशान होना पड़ा हो, क्योंकि उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी ऐसा ही कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
कई महीनों से कर रहे थे मेहनत- विग्नेश
पोंडा तालुका(दक्षिण गोवा) के अदपाई में शिग्मोत्सव मंडल के प्रमुख विग्नेश नाइक ने दावा किया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने पर संगीत के लिए हमेशा समय की पाबंदी होती है। चुनाव से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम को बीच में ही रोक देते हैं। वहीं शुभम सुभाष नाइक ने कहा कि युवा डेढ़ माह से अधिक समय से परेड के लिए अभ्यास कर रहे हैं।
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'चुनाव आयोग के सामने रखेंगे बात'
शिग्मो मंडलों ने परेड के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की मांग को लेकर चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से संपर्क साधने का फैसला किया है। इस बीच, पर्यटन विभाक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे इस मुद्दे को चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने उठाएंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आचार संहिता के प्रतिबंधों के कारण शिग्मो उत्सव बाधित न हो।
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शिग्मोत्सव पर आचार संहिता पर असर
गोवा में पारंपरिक शिग्मोत्सव 19 मार्च को शुरू होगा, जबकि राज्य पर्यटन विभाग द्वारा प्रायोजित परेड 26 मार्च से 8 अप्रैल तक तटीय राज्य के प्रमुख शहरों में आयोजित की जाएगी। यह पहली बार नहीं होगा जब कलाकारों को आदर्श आचार संहिता के बीच वसंत उत्सव मनाने के लिए परेशान होना पड़ा हो, क्योंकि उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी ऐसा ही कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
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कई महीनों से कर रहे थे मेहनत- विग्नेश
पोंडा तालुका(दक्षिण गोवा) के अदपाई में शिग्मोत्सव मंडल के प्रमुख विग्नेश नाइक ने दावा किया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने पर संगीत के लिए हमेशा समय की पाबंदी होती है। चुनाव से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम को बीच में ही रोक देते हैं। वहीं शुभम सुभाष नाइक ने कहा कि युवा डेढ़ माह से अधिक समय से परेड के लिए अभ्यास कर रहे हैं।
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'चुनाव आयोग के सामने रखेंगे बात'
शिग्मो मंडलों ने परेड के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की मांग को लेकर चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से संपर्क साधने का फैसला किया है। इस बीच, पर्यटन विभाक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे इस मुद्दे को चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने उठाएंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आचार संहिता के प्रतिबंधों के कारण शिग्मो उत्सव बाधित न हो।