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Nagaland Shutdown: नगालैंड में वसूली के विरोध में अनिश्चितकालीन बंद, जनजीवन ठप; सामान के लिए लोग पहुंच रहे असम

Sun, 28 Apr 2024 11:28 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 28 Apr 2024 11:28 AM IST
सार

कन्फेडरेशन ऑफ नागालैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (सीएनसीआई) के आह्वान पर बाजार बंद किया गया है। सीएनसीआई का कहना है कि जबरन वसूली को लेकर व्यापारिक समुदाय का उत्पीड़न अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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People rush to Assam to buy goods as indefinite business shutdown in Nagaland affects normal life
नगालैंड में वसूली के विरोध में अनिश्चितकालीन बंद (प्रतिकात्मक) - फोटो : एएनआई

विस्तार

नगालैंड में नगा राजनीतिक समूह की ओर से जबरन वसूली के विरोध में शनिवार को बाजार और कार्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गए। इससे यहां के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए पड़ोसी राज्य का रुख अपना रहे हैं। इससे असम में लोगों की होड़ लग गई है। 

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व्यापारिक समुदाय का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं 
नगालैंड के कॉमर्शियल कैपिटल दीमापुर में बंदी रही, जिसके बाद कन्फेडरेशन ऑफ नागालैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CNCCI) के आह्वान पर बाकी जिले भी इस अभियान में शामिल हो गए। सीएनसीआई का कहना है कि जबरन वसूली को लेकर व्यापारिक समुदाय का उत्पीड़न अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसने सरकार से समूहों से निरंतर जबरन वसूली, धमकी और समन को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।
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पूरे राज्य में बाजार बंद रहे, जिसके कारण नागालैंड के लोग, विशेष रूप से असम के साथ अंतर-राज्यीय सीमा पर रहने वाले लोग आवश्यक वस्तुओं को खरीदने के लिए पड़ोसी राज्य में गए। लोगों की आवाजाही और यातायात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
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बंद में छह घंटे की ढील
सीएनसीआई ने एलान किया की अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी बंद जारी रहेगा, लेकिन जनता को आवश्यक वस्तुओं की खरीद की अनुमति देने के लिए सोमवार को दोपहर से शाम छह बजे तक केवल छह घंटे की ढील दी जाएगी। सीएनसीसीआई के अध्यक्ष खेकुघा मुरू ने कहा कि यह फैसला इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया कि लोगों को जानकारी दिए बिना ही कई जिलों में बंद लागू हो गया था। वहीं, बैंकों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।

पुलिस को कड़े कदम उठाने का निर्देश
राज्य के गृह आयुक्त विकेई केन्या ने पुलिस को कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है क्योंकि इस तरह की गतिविधियां कानून लागू करने वाली एजेंसी के साथ-साथ राज्य सरकार पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिया कि वह हालातों पर नजर बनाए रखें। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जबरन वसूली करने वालों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। 


पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा
वहीं, डीसीसीआई ने शनिवार को दीमापुर के उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। डीसीसीआई ने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत स्पष्ट करे कि एनपीजी द्वारा कराधान कानूनी था या अवैध। उसने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि क्या कारोबारी समुदाय को जीएसटी का भुगतान करना चाहिए या एनपीजी के कराधान का। उसने यह भी मांग की कि जबरन वसूली, अपहरण से जल्द से निपटा जाना चाहिए।

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