Manipur Violence: आज दफनाए जाएंगे कुकी-जो समुदाय के 35 लोगों के शव, HC ने दिया यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
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मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जारी हिंसा को आज पूरे तीन महीने होने जा रहे है। अब तक राज्य में 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। मारे गए लोगों में से कई के शव मॉर्चुरी में रखे हैं। इनमें से आज कुकी-जो समुदाय के 35 लोगों के शवों को सामूहिक रूप से दफनाया जाएगा। इसी को लेकर मणिपुर हाईकोर्ट ने भी यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
यह है मामला
गौरतलब है, मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
ITLF कर रहा आयोजन
कुकी-जो समुदाय का संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) चुराचांदपुर जिले के लम्का शहर के तुईबोंग शांति मैदान में शवों को दफनाने का कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस दौरान संगठन ने बताया कि इस मौके पर अध्यक्ष पा जिन हाओकिप भाषण भी देंगे।
हाईकोर्ट का निर्देश
मणिपुर हाईकोर्ट ने जिस जगह कुकी-जो समुदाय के 35 लोगों के शवों को सामूहिक रूप से दफनाया जाना है, वहां पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार और पीड़ित पक्षों को मामले के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया।
Manipur High Court directs status quo ante to be maintained at the proposed site where a mass burial of Kuki-Zo community members was to take place. The Court further directs Central, State govt and aggrieved parties to make an effort for an amicable settlement to the matter pic.twitter.com/8EoCemVbRB
— ANI (@ANI) August 3, 2023