Odisha: बचपन के छात्रावास पहुंचकर भावुक हुईं राष्ट्रपति मुर्मू, उस समय की 13 सहपाठियों से भी की मुलाकात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को दो किलोमीटर पैदल चलकर ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ का दर्शन करने पहुंची थीं। इस दौरान लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
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विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को उस खाट पर बैठी भावुक हो गईं, जिस पर वह 1970 के दशक में यहां यूनिट- II गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल में अपने छात्र दिनों के दौरान सोती थीं। अपने ओडिशा दौरे के दूसरे दिन मुर्मू ने अपने अल्मा मेटर और कुंतला कुमारी सबत आदिवासी छात्रावास का दौरा किया, जहां वह अपने स्कूल के दिनों में रहती थी। उसने 13 सहपाठियों से भी मुलाकात की और अपने सहपाठियों, अपने स्कूल के छात्रों और शिक्षकों के बीच रहने पर खुशी व्यक्त की।
गुरुवार को दो किलोमीटर पैदल चलकर भगवान जगन्नाथ का दर्शन की थीं
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ का दर्शन करने के लिए करीब दो किलोमीटर पैदल दूरी तय कीं। इस दौरान लोगों ने उनका जोरदार अभिनंदन किया। राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा का वीडियो ट्विटर हैंडल पर भी साझा किया है।
यहां देखें वीडियो...
#WATCH | People greet President Droupadi Murmu as she walks about 2km to seek the blessings of Lord Jagannath at the Puri Jagannath Temple, in Odisha.
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(Source: President's Office) pic.twitter.com/AF7XnpujlW — ANI (@ANI) November 10, 2022
घुटने के बल बैठकर प्रार्थना की
ओडिशा के मयूरंभज जिले से ताल्लुक रखने वाली और आदिवासी समुदाय से आने वाली मुर्मू ने मंदिर के सिंहद्वार के सामने 34 फुट ऊंचे अरुण स्तंभ को भी छूआ। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की प्रतिमाओं के समक्ष घुटने के बल बैठकर प्रार्थना की।
पैदल मंदिर की ओर चलने लगीं
आज दिन में भुवनेश्वर पहुंचीं राष्ट्रपति ने बीच में ही अपने काफिले को रोककर गाड़ी से उतरीं और आम श्रद्धालु की तरह पैदल मंदिर की ओर चलने लगीं। वह भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए हाथ ऊपर करके चल रही थीं। उन्होंने रास्तों में खड़े लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया।
भारत सदियों पुराने अपने गौरव को बहाल करने की राह में: उपराष्ट्रपति धनखड़
इस बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अभूतपूर्व तरीके से भारत का उदय हो रहा है। वह सदियों पुराने अपने गौरव को बहाल करने की राह में है। धनखड़ 'नए भारत के निर्माण के लिए बुनियादी ढांचे, सूचना और नवाचार' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शताब्दी समारोह के तहत किया जा रहा है।