फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pension: Retired employees will get benefit of old pension, this condition will have to be fulfilled

Pension: सेवानिवृत्त कर्मियों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ, NPS से OPS में आने के लिए पूरी करनी होगी यह शर्त

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 15 May 2024 09:07 PM IST
विज्ञापन
सार
सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत ऐसे कर्मचारियों को एनपीएस से ओपीएस में आने का विकल्प प्रदान किया था, जो 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के लिए केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल हुए थे। ऐसे कर्मियों को 31 अगस्त 2023 तक किसी एक विकल्प का चयन करने की मोहलत दी गई थी।
loader
Pension: Retired employees will get benefit of old pension, this condition will have to be fulfilled
NPS-OPS। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार में सेवारत कर्मचारियों के अलावा रिटायर्ड कर्मियों को भी पुरानी पेंशन का फायदा देने की कवायद शुरू हुई है। इन्हें एनपीएस छोड़कर पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल होने का अवसर दिया गया है। भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन के अंतर्गत आने वाले 'पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग' के पास इस बाबत अनेकों सवाल आ रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी जानना चाहते हैं कि वे एनपीएस से ओपीएस में किस तरह शिफ्ट हो सकते हैं। विभाग का कहना है कि कुछ विशेष शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मी ही एनपीएस से पुरानी पेंशन व्यवस्था में शामिल हो सकते हैं। जैसे योग्य रिटायर्ड कर्मचारी को एनपीएस के तहत सरकारी अंशदान और उस पर मिले प्रतिलाभ को ब्याज सहित वापस करना होगा। इसी तरह से कुछ दूसरी शर्तें भी रहेंगी।



ऐसे रिटायर्ड कर्मियों पर लागू होता है ये नियम
सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत ऐसे कर्मचारियों को एनपीएस से ओपीएस में आने का विकल्प प्रदान किया था, जो 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के लिए केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल हुए थे। ऐसे कर्मियों को 31 अगस्त 2023 तक किसी एक विकल्प का चयन करने की मोहलत दी गई थी। ये आदेश मार्च 2023 में जारी किए गए थे। कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे जो उक्त आदेश से पहले रिटायर हो गए। उन्होंने पूछा है कि क्या उन्हें भी अपनी सेनानिवृत्ति के पश्चात एनपीएस से ओपीएस में शामिल होने का विकल्प मिलेगा। सरकार ने कहा है कि वे भी ओपीएस में आ सकते हैं।


इस विकल्प का फायदा ले सकते हैं रिटायर्ड कर्मी
'पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग' द्वारा 3 मार्च 2023 को एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया था। इसमें कहा गया कि केंद्र सरकार के ऐसे सिविल कर्मचारी, जो उस पद या रिक्ति के सापेक्ष नियुक्त किया गया है, जिसे भर्ती/नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की अधिसूचना की तारीख अर्थात 22 दिसंबर 2003 से पूर्व, विज्ञापित/अधिसूचित किया गया था, को केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली, 1972 (अब 2021) के अधीन कवर किए जाने के लिए एक बार का विकल्प दिया गया था। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार के ऐसे कर्मचारी, जो इन निर्देशों को लागू करने से पहले ही रिटायर हो गए हैं, वे किस तरह से इस विकल्प का फायदा ले सकते हैं।  

कार्यालय ज्ञापन को दोबारा से स्पष्ट करने का आग्रह
केंद्र सरकार के ऐसे कर्मचारी, जो तीन मार्च 2023 को निर्देश जारी होने से पूर्व सेवानिवृत्त हो गए थे, उन्हें लेकर कई तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन के अंतर्गत आने वाले 'पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग' ने 20 अक्तूबर 2023 को कार्यालय ज्ञापन जारी किया था। उसमें यह स्पष्ट किया गया है कि केंद्र सरकार के ऐसे कर्मचारी, जो अन्यथा ओपीएस के अंतर्गत कवरेज के पात्र हैं और वे पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, ऐसे कर्मियों पर केंद्र सरकार का 3 मार्च 2023 को जारी वह कार्यालय ज्ञापन लागू होता है, जिसमें रिटायर्ड कर्मियों को ओपीएस में शामिल होने का विकल्प प्रदान किया था। इस बात को दोबारा से स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है।

ब्याज सहित वापस लौटानी होगी राशि
विभाग का कहना है कि योग्य कर्मियों पर उपरोक्त कार्यालय ज्ञापन लागू करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। चूंकि इस मामले में, कर्मचारी पहले ही एनपीएस के अंतर्गत हितलाभ प्राप्त कर चुका है। अब वह कर्मचारी, केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के अधीन हितलाभ प्राप्त करने के लिए, यदि वह पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के दिनांक 3 मार्च 2023 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत कवरेज के लिए पात्र पाया जाता है, तो सरकारी कर्मचारी द्वारा एनपीएस के तहत सरकारी अंशदान और उस पर प्रतिलाभ को ब्याज सहित वापस करना अपेक्षित होगा।

नहीं खोला जाएगा जीपीएफ खाता
वापस की जाने वाली रकम पर ब्याज की गणना की दर और रीति, इस विभाग के 29 अप्रैल 2002 के कार्यालय ज्ञापन संख्या 38/34/2001 पीएंडपीडब्लू (एफ) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, होगी। अर्थात, पेंशन हितलाभों की प्राप्ति की तारीख से सरकार को धन वापस करने की तारीख तक के लिए ब्याज की गणना, समय समय पर जारी अनुदेशों के अनुसार, सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) पर यथा लागू दर और ऐसी रीति के तहत की जाएगी। इस तरह के केस में सरकारी कर्मियों की अधिवर्षिता/सेवानिवृत्ति की तारीख के अगले दिन से पेंशन मंजूर की जाती है। मतलब, जैसे कोई कर्मचारी 31 जनवरी 2023 से अधिवर्षित या सेवानिवृत्त हुआ हो, तो पेंशन, अगले दिन अर्थात एक फरवरी 2023 से शुरु हो जाएगी। सेवानिवृत्त अधिकारियों को ओपीएस के तहत कवर करने के लिए, उनका जीपीएफ खाता नहीं खोला जाएगा। यदि सेवानिवृत्त कर्मचारी द्वारा संचित धनराशि नहीं निकाली गई है, तो एनपीएस खाता बंद कर दिया जाएगा। निकासी के समय निधि में प्रतिलाभ के साथ सरकारी अंशदान, सरकारी खाते में अंतरित कर दिया जाएगा। ऐसी रकम पर किसी प्रकार के ब्याज का सवाल ही नहीं उठता।

22 दिसंबर 2003 से पहले पूरी हुई थी भर्ती प्रक्रिया
केंद्र सरकार के उन कर्मियों को, जो एक जनवरी 2004 को या उसके बाद सरकारी सेवा में आए थे, लेकिन उनकी भर्ती प्रक्रिया उक्त तिथि से पहले ही पूरी हो चुकी थी। इसमें पदों के विज्ञापन से लेकर भर्ती की सभी औपचारिकताएं शामिल थी। किन्हीं कारणों से ऐसे कर्मचारी, जनवरी 2004 के बाद सेवा में आए थे। 22 दिसंबर 2003 को एनपीएस लागू होने से पहले उन कर्मियों का फाइनल रिजल्ट आ चुका था, लेकिन उन्हें ज्वाइनिंग पहली जनवरी 2004 के बाद मिली थी। ऐसे में उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल सका। उन्हें एनपीएस में शामिल कर दिया गया। केंद्रीय कर्मचारियों से बड़ी संख्या में, केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत पेंशन योजना के लाभ का विस्तार करने के अनुरोध प्राप्त हुए। कर्मियों ने उच्च न्यायालयों और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरणों की शरण ली। वहां से जब उनके पक्ष में फैसले हुए तो केंद्र सरकार ने 3 मार्च 2023 को उन सभी कर्मियों को ओपीएस में शामिल होने का विकल्प प्रदान किया था। इसके लिए कर्मचारियों को 31 अगस्त तक अपना विकल्प देना था।

रिटायर्ड लोगों के लिए कही गई ये बात
'पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा इस संबंध में गत वर्ष 20 अक्तूबर को कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया था। इसमें कहा गया, कुछ ऐसे केंद्रीय कर्मी, जो अब रिटायर हो चुके हैं, उन्होंने पूछा है कि क्या वे भी ओपीएस में शामिल हो सकते हैं। क्या उक्त आदेश, उन लोगों पर भी लागू होगा, जो यह आदेश आने से पहले से ही रिटायर हो गए थे। यानी उनका रिटायरमेंट 3 मार्च 2023 से पहले हो चुका था। इस बाबत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग का कहना था, हां वे भी उक्त विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां पर ऐसे कर्मियों को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। जैसे, उन्होंने रिटायरमेंट पर एनपीएस का सारा लाभ ले लिया है, तो वह वापस करना होगा। रिटायरमेंट पर एनपीएस से मिला पैसा वापस करेंगे तो ही वे ओपीएस का लाभ तभी ले सकते हैं। इसके बाद भी विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं कि योग्य रिटायर्ड कर्मियों को किस तरह एनपीएस से ओपीएस में शिफ्ट कर सकते हैं। 'पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा पिछले दिनों एक बार फिर से कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया है। इसमें वे सभी बातें स्पष्ट की गई हैं, जिसके माध्यम से एनपीएस में रिटायर्ड हुए कर्मी, ओपीएस का लाभ ले सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed