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दिव्यांग से भेदभाव पर असम सरकार व जिम पर जुर्माना, अभियान चलाने का आदेश
Mon, 08 Apr 2019 02:06 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Mon, 08 Apr 2019 02:06 AM IST
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गुवाहाटी उच्च न्यायालय (फाइल)
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गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक दिव्यांग से भेदभाव करने के मामले में असम सरकार और जिम पर जुर्माना लगाया है। इस फैसले के जरिये अदालत ने राज्य में सेवाओं को ऐसे व्यक्तियों की पहुंच में ला दिया है।
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गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज उज्जल भुइयां ने पिछले महीने असम सरकार और एक प्रतिष्ठित जिम पर 2011 की रिट याचिका पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट ऑफ डिसेबल्ड पीपल के कार्यकारी निदेशक अरमान अली की याचिका पर अदालत ने यह फैसला सुनाया। याचिका में कहा गया था कि जिम में दिव्यांगों के अनुकूल सेवा नहीं है। जज ने राज्य सरकार को यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि समाज कल्याण विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए और ऐसे लोगों के प्रति जागरूकता अभियान चलाए।
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याचिका के अनुसार दरअसल अली ने इस जिम की सदस्यता के लिए 2011 में आवेदन दिया था। जिम ने सदस्यता के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की शर्त रखी। इतना ही नहीं उसे हतोत्साहित करने के लिए कड़े अभ्यास के लिए कहा। उस दौरान उसे जिम के कर्मचारियों और अन्य सदस्यों द्वारा अपमान और शर्मिंदगी से भी गुजरना पड़ा। अली ने कहा कि उससे लगभग अछूत की तरह व्यवहार किया गया। अंत में उसे जिम की ओर से एक महीने के लिए सशर्त सदस्यता का प्रस्ताव दिया गया, वह भी वार्षिक सदस्यता शुल्क के बराबर रुपये के बदले।
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