Patra Chawl Scam: संजय राउत की पत्नी से नौ घंटे तक पूछातछ, ED दफ्तर में जांच एजेंसी ने पूछे सवाल
प्रवर्तन निदेशालय पात्रा चॉल घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राउत को गिरफ्तार करने के बाद उनके संपर्क तलाशने में जुटा है। खासतौर पर प्रवीण राउत, सुजीत पाटकर और राउत की पत्नी वर्षा राउत का एक-दूसरे से क्या संबंध हैं, इसकी छानबीन चल रही है।
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पात्रा चॉल घोटाले में आरोपों का सामना कर रहे शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर पहुंची। यहां उनसे सवाल-जवाब किए गए। ईडी ने उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले ईडी ने उन्हें शुक्रवार को समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया था।
शिवसेना सांसद संजय राउत के भाई सुनील राउत ने कहा कि मेरी भाभी वर्षा राउत ईडी के सम्मन के बाद आज सुबह 11 बजे ईडी के कार्यालय गई थीं। पूछताछ का सही जवाब देने के 8-9 घंटे बाद वह ऑफिस से चली गई। हम अंतिम क्षण तक शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहेंगे।
राउत के करीबियों पर ईडी की नजर
वहीं प्रवर्तन निदेशालय पात्रा चॉल घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राउत को गिरफ्तार करने के बाद उनके संपर्क तलाशने में जुटा है। खासतौर पर प्रवीण राउत, सुजीत पाटकर और राउत की पत्नी वर्षा राउत का एक-दूसरे से क्या संबंध हैं, इसकी छानबीन चल रही है। इसी क्रम में ईडी ने मंगलवार को मुंबई में दो स्थानों पर छापे मारे थे।
सूत्रों का कहना है कि ईडी ने दीवान बिल्डर्स के बांद्रा दफ्तर और दूसरा बांद्रा में ही नेशनल हेराल्ड केस में छापा मारा। ईडी अधिकारी पता लगाने में जुटे हैं कि संजय राउत और उनकी पत्नी वर्षा राउत के बैंक खाते में पैसे कैसे ट्रांसफर किए गए। आरोप है कि प्रवीण राउत ने संजय राउत और उनके रिश्तेदारों के खाते में 1.6 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।
1039.79 करोड़ का है पात्रा चॉल घोटाला
मुंबई पश्चिमी उपगनर के गोरेगांव स्थित सिद्धार्थ नगर के पात्रा चॉल के 47 एकड़ जमीन पर 672 परिवारों के घरों के पुनर्विकास के लिए साल 2007 में सोसायटी द्वारा महाराष्ट्र हाउसिंग डेवलपमेंड अथॉरिटी (म्हाडा) और गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच करार हुआ था। इस करार के तहत कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर म्हाडा को देने थे। उसके बाद बची हुई जमीन प्राइवेट डेवलपर्स को बेचनी थी। डीएचआईएल के राकेश वधावन, सारंग वधावन, प्रवीण राउत और गुरू आशीष इस कंपनी के निदेशक थे। आरोप है कि कंपनी ने म्हाडा को गुमराह कर पात्रा चॉल की एफएसआई 9 अलग-अलग बिल्डरों को बेच कर 901 करोड़ रुपये जमा किए। उसके बाद मिडोज नामक एक नया प्रोजेक्ट शुरू कर फ्लैट बुकिंग के नाम पर 138 करोड़ रुपये वसूले गए। लेकिन 672 लोगों को उनका मकान नहीं दिया गया। इस तरह पात्रा चॉल घोटाले में 1039.79 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। उसके बाद 2018 में म्हाडा ने गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया।
पात्रा चॉल का संजय राउत कनेक्शन
गुरु कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक रहे प्रवीण राउत, संजय राउत के करीबी हैं। ईडी ने प्रवीण को फरवरी 2022 में गिरफ्तार कर लिया था। बताते हैं कि पात्रा चॉल घोटाले से प्रवीण ने 95 करोड़ रुपये कमाए और वह पैसा अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को बांटा था। इसमें से 55 लाख रुपये संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में आए थे। इस रकम से राउत ने दादर में फ्लैट खरीदा था। ईडी वर्षा राउत से पूछताछ कर चुकी है। वर्षा ने बताया था कि ये पैसे उन्होंने फ्लैट खरीदने के लिए प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी से लिए थे। ईडी की पूछताछ के बाद वर्षा ने पैसे माधुरी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।