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भारतीय रेलवे: जनरल डिब्बों में ठंडी हवा के लिए यात्रियों को करना होगा इंतजार, पहले ट्रेनों में लगेंगे एसी 3-टीयर इकोनॉमी कोच
Wed, 10 Mar 2021 03:03 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 10 Mar 2021 03:03 PM IST
सार
नए कोच का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि जिसमें 81 यात्रियों के बैठने की सुविधा हो। इसे बनाने में तकरीबन तीन करोड़ की लागत आती है...
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railway coach
- फोटो : Amar Ujala (File)
विस्तार
यात्रियों को फिलहाल जनरल डिब्बों में एसी की सुविधाा के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। भारतीय रेलवे का पूरा फोकस ट्रेनों में थ्री-टियर इकोनॉमी कोच लगाने पर ही होगा। इसके बाद यात्री ट्रेनों के जनरल डिब्बों को एसी कोच में बदलने का काम शुरू हो सकेगा।
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रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला से कहा कि फिलहाल रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में जनरल डिब्बों में एसी लगाने को लेकर कोई काम नहीं चल रहा है। अभी हमारा फोकस थ्री-टियर इकोनॉमी कोच बनाने को लेकर है। हमने नए इकोनॉमी एसी 3 टियर कोच का 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रायल पूरा कर लिया है। मार्च के अंत तक 50 नए इकोनॉमी एसी 3 टियर कोच भारतीय रेलवे को मिल जाएंगे। वहीं मार्च 2022 तक रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में भी और 198 कोच बनकर तैयार हो जाएंगे।
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अधिकारी ने कहा कि आम आदमी की रेल यात्रा का अनुभव बेहद शानदार हो, इसे लेकर लगातार रेलवे प्रयास कर रहा है। भविष्य में रेलवे का पूरा फोकस सभी कोच में एसी सुविधा देने को लेकर है। जनरल एसी कोच के डिजाइन पर अभी काम चल रहा है। मौजूदा समय में स्लीपर कोच में करीब 72 बर्थ होती है।
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नए कोच का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि जिसमें ज्यादा यात्री बैठ सकेंगे। इस कोच में 81 यात्रियों के बैठने की सुविधा है। इसमें यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं भी होंगी। इसे बनाने में तकरीबन तीन करोड़ की लागत आती है। ये कोच लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लगाए जाएंगे, जो 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की स्पीड से चलेंगे। नॉन-एसी कोच 130 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ही चल सकते हैं।