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Railway: वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर या AC कोच में चढ़े तो देना होगा इतना जुर्माना, इस वजह से लागू हुआ नया नियम
Thu, 01 May 2025 06:25 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 01 May 2025 06:25 PM IST
सार
यात्रियों के वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करने पर रोक लग गई है। अगर कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर और एसी कोच में पाया जाता है तो टीटीई उस पर जुर्माना लगाएंगे या उसे जनरल कोच में भेज देंगे।
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भारतीय रेल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जो लोग अक्सर ट्रेन के जरिए सफर करते है यह खबर उनके लिए है। भारतीय रेलवे ने 1 मई यानी आज से ट्रेन टिकट से जुड़े कई नियमों में बदलाव कर दिया हैं। अब से वेटिंग टिकट सिर्फ जनरल कोच में ही मान्य होगा। इसका साफ मतलब है कि अब वेटिंग टिकट के साथ यात्री स्लीपर और एसी कोच में यात्रा नहीं कर सकेंगे।
इस नियम के लागू होने से यात्रियों के वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करने पर रोक लग गई है। अगर कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर और एसी कोच में पाया जाता है तो टीटीई उस पर जुर्माना लगाएंगे या उसे जनरल कोच में भेज देंगे। हालांकि आईआरसीटीसी के जरिए बुक किए रेलवे टिकट कंफर्म नहीं होने की स्थिति में अपने आप ही कैंसिल हो जाते है। जबकि कुछ लोग काउंटर टिकट या बिना टिकट के ट्रेन में चढ़ जाते हैं। यह नियम लागू होने के बाद ऐसे यात्रियों के सफर पर भी रोक लग सकेगी।
आमतौर पर यह देखा जाता है कि, वेटिंग टिकट वाले यात्री स्लीपर और एसी कोच में घुसकर कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की सीट पर जबरन बैठने की कोशिश करते हैं, जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा होती है। इसके अलावा, स्लीपर और एसी कोच में वेटिंग टिकट वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने पर आने-जाने का रास्ता भी बंद हो जाता है, जिससे न सिर्फ यात्रियों को असुविधा होती है बल्कि उनकी यात्रा भी काफी मुश्किल हो जाती है।
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इतना लगता सकता है जुर्माना
अगर कोई व्यक्ति स्लीपर कोच में वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करता पकड़ा जाता है तो उस पर 250 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यात्रा का पूरा किराया भी वसूल किया जाएगा और दूरी के हिसाब से एक्स्ट्रा चार्ज भी देना पड़ सकता है। वहीं अगर काई यात्री थर्ड एसी या सेकंड एसी कोच में वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करता हैं तो उसे जुर्माना और भी ज्यादा देना पड़ सकता है। इस स्थिति में यात्री को 440 रुपये के साथ-साथ यात्रा का किराया भी भरना पड़ेगा। इसके साथ ही टीटीई को यह अधिकार है कि वह यात्री को जनरल कोच में भेज दे या अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतार दे।वहीं, फर्स्ट क्लास में बिना टिकट सफर करने पर भी भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने पर अधिकतम 1000 रुपये का जुर्माना और छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।
एडवांस रिजर्वेशन पीरियड घटकर 60 दिन हुआ
हाल में रेलवे ने अपने एडवांस टिकट बुकिंग की समय अवधि में भी बदलाव किया है। रेलवे के नए नियम के अनुसार,एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया है। यानी अब यात्री,सफर से दो महीने पहले ही टिकट बुक करवा पाएंगे.रेलवे का कहना है यह कदम रेलवे प्रबंधन में सुधार लाएगा।
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इस नियम के लागू होने से यात्रियों के वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करने पर रोक लग गई है। अगर कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर और एसी कोच में पाया जाता है तो टीटीई उस पर जुर्माना लगाएंगे या उसे जनरल कोच में भेज देंगे। हालांकि आईआरसीटीसी के जरिए बुक किए रेलवे टिकट कंफर्म नहीं होने की स्थिति में अपने आप ही कैंसिल हो जाते है। जबकि कुछ लोग काउंटर टिकट या बिना टिकट के ट्रेन में चढ़ जाते हैं। यह नियम लागू होने के बाद ऐसे यात्रियों के सफर पर भी रोक लग सकेगी।
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आमतौर पर यह देखा जाता है कि, वेटिंग टिकट वाले यात्री स्लीपर और एसी कोच में घुसकर कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की सीट पर जबरन बैठने की कोशिश करते हैं, जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा होती है। इसके अलावा, स्लीपर और एसी कोच में वेटिंग टिकट वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने पर आने-जाने का रास्ता भी बंद हो जाता है, जिससे न सिर्फ यात्रियों को असुविधा होती है बल्कि उनकी यात्रा भी काफी मुश्किल हो जाती है।
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इतना लगता सकता है जुर्माना
अगर कोई व्यक्ति स्लीपर कोच में वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करता पकड़ा जाता है तो उस पर 250 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यात्रा का पूरा किराया भी वसूल किया जाएगा और दूरी के हिसाब से एक्स्ट्रा चार्ज भी देना पड़ सकता है। वहीं अगर काई यात्री थर्ड एसी या सेकंड एसी कोच में वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करता हैं तो उसे जुर्माना और भी ज्यादा देना पड़ सकता है। इस स्थिति में यात्री को 440 रुपये के साथ-साथ यात्रा का किराया भी भरना पड़ेगा। इसके साथ ही टीटीई को यह अधिकार है कि वह यात्री को जनरल कोच में भेज दे या अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतार दे।वहीं, फर्स्ट क्लास में बिना टिकट सफर करने पर भी भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने पर अधिकतम 1000 रुपये का जुर्माना और छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।
एडवांस रिजर्वेशन पीरियड घटकर 60 दिन हुआ
हाल में रेलवे ने अपने एडवांस टिकट बुकिंग की समय अवधि में भी बदलाव किया है। रेलवे के नए नियम के अनुसार,एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया है। यानी अब यात्री,सफर से दो महीने पहले ही टिकट बुक करवा पाएंगे.रेलवे का कहना है यह कदम रेलवे प्रबंधन में सुधार लाएगा।
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