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रिपोर्ट: संसदीय समिति ने कहा- घरेलू निर्यातकों की मदद के लिए अमेरिका, ईयू के साथ मुक्त व्यापार समझौता करे सरकार
Sun, 12 Sep 2021 04:16 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 12 Sep 2021 04:16 AM IST
सार
राज्यसभा के सभापति को सौंपी एक रिपोर्ट में एफटीए में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए कहा गया है। साथ ही समिति ने इस बात पर चिंता जताई है कि 2019-20 की तुलना में देश के निर्यात में गिरावट आई है।
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मुक्त व्यापार समझौता (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : pixabay
विस्तार
एक संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि केंद्र सरकार को अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए क्योंकि यह समझौता नहीं होने के चलते घरेलू निर्यातकों को नुकसान हो रहा है।
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वाईएसआर कांग्रेस सांसद विजयसाई रेड्डी की अध्यक्षता वाली वाणिज्य पर संसद की स्थायी समिति ने शनिवार को राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति ने इस बात पर चिंता जताई है कि 2019-20 की तुलना में देश के निर्यात में गिरावट आई है। 2020 में निर्यात 15.73 प्रतिशत घटा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात का देश की कुल आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में भारत को निर्यात प्रोत्साहन और नए निर्यात बाजारों तक पहुंच के लिए कदम उठाना चाहिए। इससे वैश्विक निर्यात में हमारा हिस्सा बढ़ सकेगा।
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समिति ने कहा है कि इस वजह से अमेरिका और यूरोपीय संघ में भारतीय निर्यातक अन्य निर्यातक देशों के साथ प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाते हैं। समिति ने अपनी सिफारिश में कहा है कि वाणिज्य विभाग को हमारे प्रमुख व्यापारिक भागीदारों के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए कदम उठाना चाहिए।
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हमें ऐसे व्यापार करार करने चाहिए जो देश के लिए लाभदायक हों और घरेलू बाजार तथा निर्यातकों के हितों की दृष्टि से संतुलित हों। समिति ने इस बात पर भी चिंता जताई कि सड़क की तुलना में रेल ढुलाई का हिस्सा मात्र 35 प्रतिशत है। अन्य विकसित देशों में यह इसके उलट होता है।