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एक देश, एक राशन कार्ड, आवास योजना पर सितंबर में सिफारिशें दे सकती है संसदीय समिति
Tue, 18 Aug 2020 04:18 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 18 Aug 2020 04:18 AM IST
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One Nation One Ration Card
- फोटो : social media
श्रम पर संसदीय स्थायी समिति प्रवासी और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भोजन और किराये के आवास मुहैया कराने की दो योजनाओं पर हुई प्रगति को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं है। समिति एक सदस्य के मुताबिक, समिति सितंबर के पहले हफ्ते में अपनी सिफारिशें सौंप सकती है।
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उपभोक्ता मामलों, खाद्यान्न और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने सोमवार को प्रवासी मजदूरों, असंगठित और अनौपचारिक क्षेत्र के कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी कदमों के बारे में समिति को जानकारी दी। समिति में शामिल एक सदस्य ने कहा कि एक देश, एक राशन कार्ड और रियायती किराये पर हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (एआरएचसी) योजनाओं पर उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हुई।
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हम अपनी सिफारिशों और टिप्पणियों को तैयार कर रहे हैं। अंतिम रिपोर्ट अगले महीने के पहले हफ्ते में सौंपी जा सकती है। एआरएचसी के तहत सरकार दो मॉडल को लेकर आई थी। एक, केंद्र और राज्यों के सहयोग से निर्मित खाली पड़े घरों को किराये पर देना और दूसरा निजी व सरकारी क्षेत्र को खाली पड़ी जमीन पर आवास बनाकर प्रवासी तथा अनौपचारिक क्षेत्र के कामगारों को किराये पर देना। पंजाब को छोड़कर किसी अन्य राज्य में एआरएचसी योजना पर कोई खास प्रगति नहीं हुई।
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प्रवासी मजदूरों को अन्न मुहैया कराने की पहल के बारे में सदस्य ने कहा कि इस जुलाई में एक देश एक राशन कार्ड पहल के लाभार्थी करीब 2000 थे जबकि देश में 81 करोड़ राशन कार्डधारक हैं। उन्होंने कहा कि कई तकनीकी मुद्दों के चलते इस योजना की प्रगति में बाधा आ रही है और समिति इस बारे में भी अपनी सिफारिश करेगी। एक देश, एक राशन कार्ड योजना के तहत 24 प्रदेश और केंद्र शासित राज्य शामिल किए गए हैं।