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संसद सत्र: जम्मू-कश्मीर से जुड़े दो विधेयकों पर तीखी बहस; TMC सांसद सौगत रॉय की टिप्पणी पर जमकर बरसे अमित शाह
Tue, 05 Dec 2023 04:33 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 05 Dec 2023 04:33 PM IST
सार
लोकसभा में जम्मू कश्मीर से जुड़े दो विधेयकों पर चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई। टीएमसी सांसद सौगत रॉय की टिप्पणी पर गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एक देश में दो पीएम, दो संविधान, दो ध्वज कैसे हो सकते हैं।
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गृह मंत्री अमित शाह और टीएमसी सांसद सौगत रॉय
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से जुड़े दो विधयकों पर चर्चा हुई। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखे। चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद सौगत रॉय की टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकसभा सदन में जम्मू-कश्मीर विधेयकों पर हो रही चर्चा के दौरान कहा, एक देश में दो प्रधानमंत्री, दो संविधान और दो ध्वज कैसे हो सकते हैं। पहले जो चलता था वो गलत था। जिन्होंने ये सब किया था, वे सब गलत थे। लेकिन पीएम मोदी ने इस गलती को ठीक किया है।
उन्होंने कहा, हम 1950 से इस बात को दोहरा रहे हैं कि एक प्रधान, एक निशान, एक विधान होना चाहिए। उन्होंने कहा, यह कोई राजनीतिक नारा नहीं है। हम इस सिद्धांत में दृढ़ता से विश्वास करती है। हमने यह आखिरकार कर दिखाया। उन्होंने कहा कि रॉय की चर्चा के दौरान टिप्पणियां आपत्तिजनक थी। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के संदर्भ में की गई टिप्पणी पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आपकी सहमति या असहमति कोई मायने नहीं रखती। जो हमने किया वो पूरा देश चाहता था।
चर्चा के दौरान टीएमसी और सत्ता पक्ष के सांसदों के बीच हुई तीखी बहस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जब टीएमसी नेता ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख किया तो उन्हें उनके बलिदान को भी याद करना चाहिए था। बता दें चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद रॉय ने कहा था कि उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बने कॉलेज में पढ़ाया था। "एक निशान, एक प्रधान, एक संविधान" उनका नारा था, जो एक राजनीतिक नारा था।
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बता दें शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण(संशोधन) विधेयक,2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन(संशोधन) विधेयक,2023 पर चर्चा हो रही है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, पहले कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं होती थी। लेकिन मोदी सरकार आने के बाद इस तरह की घटनाएं नहीं होती हैं। अब सिर्फ लाल चौक में ही नहीं बल्कि कश्मीर के हर गली में भारत का ध्वज फहराया जाता है।
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उन्होंने कहा, हम 1950 से इस बात को दोहरा रहे हैं कि एक प्रधान, एक निशान, एक विधान होना चाहिए। उन्होंने कहा, यह कोई राजनीतिक नारा नहीं है। हम इस सिद्धांत में दृढ़ता से विश्वास करती है। हमने यह आखिरकार कर दिखाया। उन्होंने कहा कि रॉय की चर्चा के दौरान टिप्पणियां आपत्तिजनक थी। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के संदर्भ में की गई टिप्पणी पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आपकी सहमति या असहमति कोई मायने नहीं रखती। जो हमने किया वो पूरा देश चाहता था।
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चर्चा के दौरान टीएमसी और सत्ता पक्ष के सांसदों के बीच हुई तीखी बहस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जब टीएमसी नेता ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख किया तो उन्हें उनके बलिदान को भी याद करना चाहिए था। बता दें चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद रॉय ने कहा था कि उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर बने कॉलेज में पढ़ाया था। "एक निशान, एक प्रधान, एक संविधान" उनका नारा था, जो एक राजनीतिक नारा था।
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बता दें शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण(संशोधन) विधेयक,2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन(संशोधन) विधेयक,2023 पर चर्चा हो रही है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, पहले कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं होती थी। लेकिन मोदी सरकार आने के बाद इस तरह की घटनाएं नहीं होती हैं। अब सिर्फ लाल चौक में ही नहीं बल्कि कश्मीर के हर गली में भारत का ध्वज फहराया जाता है।