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Parliament: एक दिन पहले ही समाप्त हुआ संसद का विशेष सत्र, लोकसभा में 137 और राज्यसभा में 128 फीसदी कामकाज
Fri, 22 Sep 2023 01:25 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Fri, 22 Sep 2023 01:25 AM IST
सार
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि 17वीं लोकसभा में यह एकमात्र सत्र था, जब निचले सदन में स्थगन के कारण कोई समय बर्बाद नहीं हुआ।
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संसद
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विशेष सत्र 18 सितंबर को शुरू हुआ और चार बैठकों के बाद 21 सितंबर को संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। निर्धारित समय से एक दिन पूर्व ही स्थगित होने के बावजूद इस दौरान दोनों सदनों में उत्पादकता सौ फीसदी से ऊपर रही। लोकसभा में जहां 137 फीसदी कामकाज हुआ, वहीं राज्यसभा में 128 फीसदी काम हुआ।
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, लोकसभा ने 31 घंटे से अधिक समय तक कामकाज किया, जो निर्धारित समय 22 घंटे 45 मिनट से लगभग आठ घंटे अधिक रहा है। इस तरह, निचले सदन का कामकाजी समय अपने निर्धारित समय का करीब 137 फीसदी रहा। वहीं, राज्यसभा में निर्धारित समय 21 घंटे 45 मिनट के मुकाबले 27 घंटे 44 मिनट तक काम हुआ और इस तरह इसकी उत्पादकता 128 फीसदी रही।
लोकसभा में निर्बाध चली कार्यवाही
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि 17वीं लोकसभा में यह एकमात्र सत्र था, जब निचले सदन में स्थगन के कारण कोई समय बर्बाद नहीं हुआ। लोकसभा की कार्यवाही निर्बाध चली लेकिन राज्यसभा में स्थगन के कारण करीब डेढ़ घंटे का समय बर्बाद हुआ। आंकड़े दर्शाते हैं कि इस सत्र में अब तक दूसरी सबसे अधिक उत्पादकता रही। 2020 के मानसून सत्र में लोकसभा ने अपने निर्धारित समय से 145 फीसदी तक कामकाज किया था।
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कितनी बहस और कितना विधायी कार्य
रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा ने विशेष सत्र के दौरान अपना 64% समय बहस पर और 33% विधायी कार्य पर खर्च किया।
राज्यसभा ने अपना 51 फीसदी समय बहस पर और 45 फीसदी समय एकमात्र बिल (महिला आरक्षण) को पारित करने में बिताया।
लोकसभा में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर करीब 10 घंटे चर्चा चली। वहीं, राज्यसभा में इस पर 12 घंटे से ज्यादा समय चर्चा हुई।
यूएनएचआरसी ने विधेयक पारित होने पर भारत को दी बधाई
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भारत में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने का स्वागत किया। यह देश की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों पर आरक्षण देगा। प्रवक्ता रवीना शामदासानी के अनुसार, उच्चायुक्त ने सरकार से 'अनुसूचित जाति' और 'अनुसूचित जनजाति' के लिए मौजूदा आरक्षण के साथ-साथ नई प्रणाली को जल्द से जल्द लागू करने का आह्वान किया।
भारत में नॉर्वे की राजदूत ने कहा, बधाई हो भारत
भारत में नॉर्वे की राजदूत एलिन स्टेनर ने राज्यसभा में ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने पर भारत को बधाई दी। उन्होंने कहा, 700 मिलियन (70 करोड़) मजबूत महिला आबादी वाले देश के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखी।
संसदीय यात्रा और चंद्रयान-3 पर लंबी चर्चा लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 75 साल की संसदीय यात्रा पर शुरू की गई चर्चा छह घंटे 43 मिनट तक चली और इसमें 36 सदस्यों ने हिस्सा लिया। लोकसभा में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर चर्चा 12 घंटे 25 मिनट तक चली और इसमें 87 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया।
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पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, लोकसभा ने 31 घंटे से अधिक समय तक कामकाज किया, जो निर्धारित समय 22 घंटे 45 मिनट से लगभग आठ घंटे अधिक रहा है। इस तरह, निचले सदन का कामकाजी समय अपने निर्धारित समय का करीब 137 फीसदी रहा। वहीं, राज्यसभा में निर्धारित समय 21 घंटे 45 मिनट के मुकाबले 27 घंटे 44 मिनट तक काम हुआ और इस तरह इसकी उत्पादकता 128 फीसदी रही।
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लोकसभा में निर्बाध चली कार्यवाही
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि 17वीं लोकसभा में यह एकमात्र सत्र था, जब निचले सदन में स्थगन के कारण कोई समय बर्बाद नहीं हुआ। लोकसभा की कार्यवाही निर्बाध चली लेकिन राज्यसभा में स्थगन के कारण करीब डेढ़ घंटे का समय बर्बाद हुआ। आंकड़े दर्शाते हैं कि इस सत्र में अब तक दूसरी सबसे अधिक उत्पादकता रही। 2020 के मानसून सत्र में लोकसभा ने अपने निर्धारित समय से 145 फीसदी तक कामकाज किया था।
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कितनी बहस और कितना विधायी कार्य
रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा ने विशेष सत्र के दौरान अपना 64% समय बहस पर और 33% विधायी कार्य पर खर्च किया।
राज्यसभा ने अपना 51 फीसदी समय बहस पर और 45 फीसदी समय एकमात्र बिल (महिला आरक्षण) को पारित करने में बिताया।
लोकसभा में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर करीब 10 घंटे चर्चा चली। वहीं, राज्यसभा में इस पर 12 घंटे से ज्यादा समय चर्चा हुई।
यूएनएचआरसी ने विधेयक पारित होने पर भारत को दी बधाई
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भारत में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने का स्वागत किया। यह देश की संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों पर आरक्षण देगा। प्रवक्ता रवीना शामदासानी के अनुसार, उच्चायुक्त ने सरकार से 'अनुसूचित जाति' और 'अनुसूचित जनजाति' के लिए मौजूदा आरक्षण के साथ-साथ नई प्रणाली को जल्द से जल्द लागू करने का आह्वान किया।
भारत में नॉर्वे की राजदूत ने कहा, बधाई हो भारत
भारत में नॉर्वे की राजदूत एलिन स्टेनर ने राज्यसभा में ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने पर भारत को बधाई दी। उन्होंने कहा, 700 मिलियन (70 करोड़) मजबूत महिला आबादी वाले देश के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखी।
संसदीय यात्रा और चंद्रयान-3 पर लंबी चर्चा लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 75 साल की संसदीय यात्रा पर शुरू की गई चर्चा छह घंटे 43 मिनट तक चली और इसमें 36 सदस्यों ने हिस्सा लिया। लोकसभा में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर चर्चा 12 घंटे 25 मिनट तक चली और इसमें 87 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया।