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Parliament Session: कांग्रेस का सांसदों के लिए व्हिप, विशेष सत्र के दौरान संसद में मौजूद रहने का निर्देश
Thu, 14 Sep 2023 04:45 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 14 Sep 2023 04:45 PM IST
सार
कांग्रेस द्वारा जारी तीन लाइन के व्हिप में कहा गया कि राज्यसभा में कांग्रेस के सभी सदस्य सदन की कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहें। वे पार्टी के रुख का समर्थन करें।
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संसद
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सदस्यों को सदन में मौजूद रहने को लेकर व्हिप जारी किया है। व्हिप 18 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र के लिए जारी किया गया है। राज्यसभा में अपने सदस्यों के लिए जारी व्हिप में कांग्रेस ने कहा कि इस विशेष सत्र के दौरान राज्यसभा में बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
तीन लाइन के इस व्हिप में कहा गया कि राज्यसभा में कांग्रेस के सभी सदस्य सदन की कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहें। वे पार्टी के रुख का समर्थन करें। लोकसभा में भी कांग्रेस के सभी सदस्यों के लिए इसी तरह का व्हिप जारी किया है। संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा जो 22 सितंबर तक चलेगा।
इससे पहले सरकार ने बीते दिन में संसद के विशेष सत्र का एजेंडा जारी किया था। इस पर कांग्रेस ने भाजपा और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि आखिरकार सोनिया गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र के दबाव के बाद सरकार ने पांच दिवसीय विशेष सत्र के एजेंडे की घोषणा कर दी है। फिलहाल जो एजेंडा सामने आया है, उसमें कुछ भी नहीं है। इसके लिए नवंबर में शीतकालीन सत्र तक इंतजार किया जा सकता था। जयराम रमेश ने कहा, 'मुझे यकीन है कि सरकार हमेशा की तरह विधायी हथगोले आखिरी क्षण में छोड़ने के लिए तैयार है। पर्दे के पीछे कुछ और है! इसके बावजूद इंडिया गठबंधन की पार्टियां घातक सीईसी विधेयक का डटकर विरोध करेंगी।'
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ये बिल सूचीबद्ध
सरकार ने बुधवार को एजेंडा जारी कर बताया कि सत्र के पहले दिन 18 सितंबर को ‘संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 साल की संसदीय यात्रा’ पर चर्चा की जाएगी। साथ ही संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा के अलावा चार विधेयक भी सूचीबद्ध किए गए हैं।
जिन चार विधेयकों को सूचीबद्ध किया गया है, उनमें एडवोकेट संशोधन विधेयक 2023 और प्रेस एवं आवधिक पंजीकरण विधेयक 2023 राज्यसभा से पारित हो चुका है और लोकसभा में लंबित हैं। इसके साथ ही डाकघर विधेयक 2023 और मुख्य निर्वाचन आयुक्त, अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्त विधेयक 2023 भी सूचीबद्ध है।
17 सितंबर को होगी सर्वदलीय बैठक
सचिवालय सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्र के दौरान दोनों सदनों में प्रश्नकाल और गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा। इससे पहले सरकार ने 17 सितंबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया साइट एक्स के जरिए बताया कि इस महीने 18 सितंबर से शुरू होने वाले ससंद सत्र से पहले 17 सितंबर को शाम साढ़े चार बजे सभी दलों के सदन के नेताओं की बैठक बुलाई गई है। इस संबंध में आमंत्रण नेताओं को ई मेल से भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नेताओं को अलग से पत्र भी भेजे जाएंगे।
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तीन लाइन के इस व्हिप में कहा गया कि राज्यसभा में कांग्रेस के सभी सदस्य सदन की कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहें। वे पार्टी के रुख का समर्थन करें। लोकसभा में भी कांग्रेस के सभी सदस्यों के लिए इसी तरह का व्हिप जारी किया है। संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा जो 22 सितंबर तक चलेगा।
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इससे पहले सरकार ने बीते दिन में संसद के विशेष सत्र का एजेंडा जारी किया था। इस पर कांग्रेस ने भाजपा और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि आखिरकार सोनिया गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र के दबाव के बाद सरकार ने पांच दिवसीय विशेष सत्र के एजेंडे की घोषणा कर दी है। फिलहाल जो एजेंडा सामने आया है, उसमें कुछ भी नहीं है। इसके लिए नवंबर में शीतकालीन सत्र तक इंतजार किया जा सकता था। जयराम रमेश ने कहा, 'मुझे यकीन है कि सरकार हमेशा की तरह विधायी हथगोले आखिरी क्षण में छोड़ने के लिए तैयार है। पर्दे के पीछे कुछ और है! इसके बावजूद इंडिया गठबंधन की पार्टियां घातक सीईसी विधेयक का डटकर विरोध करेंगी।'
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ये बिल सूचीबद्ध
सरकार ने बुधवार को एजेंडा जारी कर बताया कि सत्र के पहले दिन 18 सितंबर को ‘संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 साल की संसदीय यात्रा’ पर चर्चा की जाएगी। साथ ही संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा के अलावा चार विधेयक भी सूचीबद्ध किए गए हैं।
जिन चार विधेयकों को सूचीबद्ध किया गया है, उनमें एडवोकेट संशोधन विधेयक 2023 और प्रेस एवं आवधिक पंजीकरण विधेयक 2023 राज्यसभा से पारित हो चुका है और लोकसभा में लंबित हैं। इसके साथ ही डाकघर विधेयक 2023 और मुख्य निर्वाचन आयुक्त, अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्त विधेयक 2023 भी सूचीबद्ध है।
17 सितंबर को होगी सर्वदलीय बैठक
सचिवालय सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्र के दौरान दोनों सदनों में प्रश्नकाल और गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा। इससे पहले सरकार ने 17 सितंबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया साइट एक्स के जरिए बताया कि इस महीने 18 सितंबर से शुरू होने वाले ससंद सत्र से पहले 17 सितंबर को शाम साढ़े चार बजे सभी दलों के सदन के नेताओं की बैठक बुलाई गई है। इस संबंध में आमंत्रण नेताओं को ई मेल से भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नेताओं को अलग से पत्र भी भेजे जाएंगे।