Parliament: पारित हुआ नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल, मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- अनूठे शोध के लिए खुलेंगी नई राहें
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
देशभर के विश्वविद्यालयों में शोधपरक शिक्षा को बढ़ावा देने वाला राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन विधेयक (NRF) 2023 सोमवार को लोकसभा से पास हो गया। यह बिल निजी क्षेत्र की मदद से 50 हजार करोड़ रुपये के फंड की व्यवस्था करेगा। ताकि भारत के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, अनुसंधान संस्थानों और आरएंडडी लैब्स में अनुसंधान और विकास की संस्कृति विकसित हो सके।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस विधेयक के तहत शोध की विभिन्न विधाओं के लिए विभिन्न फंड सृजित किए जाएंगे। अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन फंड विभिन्न वित्तीय गतिविधियों के लिए फंड देगा। फाउंडेशन के समर्थन से सृजनात्मक क्षेत्र में अनूठे शोध के लिए फंड होगा। साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड एक्ट, 2008 के तहत परियोजनाओं को जारी रखने के लिए विज्ञान व इंजीनियरिंग रिसर्च फंड और कुछ अन्य विशेष उद्देश्य के फंड विशिष्ट परियोजनाओं के रिसर्च पर काम करेंगे।
नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (NRF) देश में उच्च स्तरीय रणनीतिक वैज्ञानिक शोधों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों पर आधारित है। एनआरएफ एक सर्वोच्च निकाय है, जो देश में वैज्ञानिक शोधों के लिए उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा-निर्देश जारी करेगा। उसके यह दिशा-निर्देश नई शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुरूप होंगे।
लोकसभा में डॉ. सिंह ने कहा कि यह अधिनियम गणितीय विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और पृथ्वी विज्ञान, स्वास्थ्य और कृषि सहित प्राकृतिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के लिए उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करेगा। इससे मानविकी और सामाजिक विज्ञान के वैज्ञानिक और तकनीकी इंटरफेस को भी बढ़ावा मिलेगा ताकि इस तरह के अनुसंधान के लिए जरूरी समर्थन को बढ़ावा दिया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि,यह विधेयक, पांच वर्षों (2023-28) के दौरान 50,000 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के अनुसार देश में वैज्ञानिक अनुसंधान की उच्च स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने के लिए एक शीर्ष निकाय एनआरएफ की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) एनआरएफ का प्रशासनिक विभाग होगा जो एक नियंत्रण बोर्ड द्वारा नियंत्रित होगा, जिसमें विभिन्न विषयों के प्रतिष्ठित अनुसंधानकर्ता और पेशेवर शामिल होंगे। चूंकि एनआरएफ का दायरा व्यापक है और यह सभी मंत्रालयों को प्रभावित करता है, इसलिए प्रधानमंत्री इस बोर्ड के पदेन अध्यक्ष होंगे और केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री पदेन उपाध्यक्ष होंगे। एनआरएफ का कामकाज भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता में एक कार्यकारी परिषद द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।
एनआरएफ की अध्यक्षता पीएम मोदी करेंगे
जून में जब केंद्रीय कैबिनेट ने इस विधेयक को मंजूर किया था, तो इसका मकसद उद्योगजगत, अकादमिक और सरकारी विभागों व शोध संस्थानों के बीच सामंजस्य स्थापित करना था। एनआरएफ नीतिगत खाका तैयार करने में 15 से 25 प्रख्यात शोधकर्ता शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करेंगे और एनआरएफ के उपाध्यक्ष शिक्षा मंत्री और विज्ञान व तकनीक मंत्री होंगे।