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संसद LIVE: विपक्ष के विरोध के बावजूद लोकसभा में पारित हुए दोनों कृषि विधेयक

Thu, 17 Sep 2020 09:51 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 17 Sep 2020 09:51 PM IST
खास बातें

संसद के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा के बाद गुरुवार को भारत-चीन सीमा पर जारी विवाद को लेकर ऊपरी सदन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा को नहीं मानता है और उसने यशास्थिति को बदलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच हुए समझौतों की अनदेखी कर रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे सैनिकों ने चीन की गतिविधियों के सामने 'सयंम' को बनाए रखा और भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक रूप से 'शौर्य' का भी प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा सैनिकों को इकट्ठा करना 1993 और 1996 में हुए समझौतों के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि भारत किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम किसी भी स्थिति में देश का सिर झुकने नहीं देंगे। फिलहाल लोकसभा में दो कृषि विधेयकों (कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020) पर चर्चा हुई। विपक्ष की ओर से जोरदार विरोध किए जाने के बाद भी विधेयक पारित हो गए। इससे पहले, इन विधेयकों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। पढ़ें कार्यवाही से जुड़े अपडेट्स-

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संसद - फोटो : पीटीआई

लाइव अपडेट

09:49 PM, 17-Sep-2020
गुरुवार को रात करीब 9.45 बजे तक चली लोकसभा की कार्यवाही में आखिरकार दोनों कृषि विधेयक 'कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020' और 'कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020' पारित हो गए। विपक्षी दलों ने इन विधेयकों का विरोध करते हुए इन्हें किसानों के लिए बेहद नुकसानदायक करार दिया था। विधेयक पारित होने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने कार्यवाही को कल दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
09:39 PM, 17-Sep-2020

हरसिमरत कौर ने दिखाई हिम्मत : अधीर रंजन

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने हरसिमरत कौर के इस्तीफे की सराहना की। उन्होंने लोकसभा में कहा, 'मैं मैडम हरसिमरत कौर की भावनाओं की सराहना करता हूं जिन्होंने इस कट्टर कानून का विरोध करके अपनी हिम्मत दिखाई है। ये तीन अध्यादेश जहरीले त्रिभुज के अलावा कुछ नहीं हैं।'
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09:33 PM, 17-Sep-2020

किसान विरोधी नहीं है नया विधेयक : नरेंद्र तोमर

कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि नया विधेयक किसान विरोधी नहीं है और यह किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाएगा। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों से इंस्पेक्टर राज खत्म होगा, भ्रष्टाचार समाप्त होगा और किसान व व्यापारी देश में कहीं भी खरीद और बिक्री के लिए स्वतंत्र होंगे।
09:08 PM, 17-Sep-2020

जदयू ने किया समर्थन, सपा ने उठाए सवाल

जदयू के संतोष कुमार ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इस विधेयक को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही हैं वो निराधार हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए यह एक तोहफा है और उनकी तकदीर बदलने वाला है। वहीं, भाजपा के वी राघवेंद्र ने कहा कि यह विधेयक किसानों को आत्मसम्मान दिलाने वाला साबित होगा।

सपा के एसटी हसन ने कहा कि यह बात कई दिन से सुन रहे हैं कि किसान की आय दोगुनी होगी, लेकिन जब उसके हाथ में कुछ नहीं है तो आमदनी दोगुनी कैसे होगी। हसन ने कहा कि सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन उसे यह भी जवाब देना चाहिए कि किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं।
09:04 PM, 17-Sep-2020

मोदी सरकार में बढ़ा कृषि के लिए बजट : तोमर

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि विधेयकों के लेकर कहा कि मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा बजटीय आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि साल 2009-10 में यूपीए सरकार के दौरान कृषि मंत्रालय का बजट 1200 करोड़ रुपये था और अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसे बढ़ा कर 1,34,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 
08:57 PM, 17-Sep-2020

कृषि विधेयक पारित होने तक चलेगी लोकसभा की कार्यवाही

मानसून सत्र में लोकसभा की कार्यवाही यूं तो दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक चलनी तय हुई था लेकिन गुरुवार को कृषि विधेयकों पर चर्चा जारी रखने के लिए इसे आठ बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया था। अब कार्यवाही के समय को तब तक के लिए बढ़ा दिया गया है जब तक ये विधेयक पारित नहीं हो जाते। विपक्षी नेताओं द्वारा विधेयकों के विरोध और एनडीए के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल की केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल द्वारा मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिए जाने के बावजूद यह फैसला लिया गया है। 
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08:34 PM, 17-Sep-2020

किसानों को खतरे में डाल रही है सरकार : टीआरएस सांसद

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सांसद भीमराव बसवंतराव पाटिल ने कहा कि अनुबंध कृषि के सहारे कॉरपोरेट को इस छेत्र में लातकर सरकार सैकड़ों किसानों को खतरे में डाल रही है जो मौखिक अनुबंध से खेती के लिए जमीन किराये पर लेते हैं। पाटिल ने कहा कि भूमि मालिक साफतौर पर गरीब किसानों के स्थान पर कॉरपोरेट का रुख करेंगे।  
08:21 PM, 17-Sep-2020

वाईएसआर कांग्रेस ने किया कृषि विधेयकों का समर्थन

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से लोकसभा में सांसद कृष्ण देवरायालु लावु ने कहा, 'हम कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य विधेयक का स्वागत करते हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि कृषि विपणन में एकाधिकार की प्रवृत्ति से बचा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्यों को एपीएमसी बाजार में नुकसान की भरपाई की जाए।' 
08:18 PM, 17-Sep-2020

कृषि विधेयक केवल बाहरी बदलाव लाएंगे : कांग्रेस सांसद

कांग्रेस सासंद ज्योति मणि ने कृषि विधेयकों को लेकर लोकसभा में कहा कि किसानों की स्थिति को सुधारने के लिए सरकार व्यापक दृष्टिकोण नहीं अपना रही है और केवल बाहरी परिवर्तन पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, 'यदि उपज की डिलीवरी से पहले सहमति राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो क्या होगा? क्या होगा अगर कंपनी गुणवत्ता के आधार पर उत्पादन को खारिज करती है? बिल कैसे सुनिश्चित करेगा किसानों की रक्षा होगी और उन्हें न्याय मिलेगा?
07:23 PM, 17-Sep-2020

संघवाद पर हमला कर रही है सरकार : महुआ मोइत्रा

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में कहा कि सरकार संघवाद की आत्मा पर हमले कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र पर कानून बनाकर, सरकार ने एक बार फिर से वही किया है जिस काम में वह सबसे माहिर है। वह वह खुद को उस अधिकार दे रही है जिसकी अनुमति उसे संविधान देता ही नहीं है।

मोइत्रा ने कहा कि एक राज्य से संबंधित विषय में सरकार का हस्तक्षेप अनावश्यक अस्पष्टता और ग्रामीण विभाजन पैदा करेगा। दूसरी ओर शिरोमणि अकाली दल ने भी कृषि विधेयकों का विरोध किया। पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में कहा कि पार्टी इन विधेयकों का पूरी तरह से विरोध करती है। उन्होंने कहा कि विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल सरकार से इस्तीफा देंगी।
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