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साइबर क्राइम: एडल्ट एप्स के जरिए बढ़े धोखाधड़ी के मामले, फेसबुक/इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों से एप का फैलाव

Mon, 31 Aug 2026 04:04 PM IST
नितिन गौतम डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 31 Aug 2026 04:04 PM IST
सार

साइबर ठगों ने धोखाधड़ी के लिए एक नई साजिश रची है। इसके तहत एडल्ट एप के जरिए सोशल मीडिया पर लोगों को निशाना बनाया जाता है और उनका अकाउंट खाली कर दिया जाता है। आइए समझते हैं कि क्या है ये ठगी का नया तरीका।

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अमर उजाला ग्राफिक्स - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एडल्ट एप्स के जरिए फाइनेंशियल फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फेसबुक/इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के जरिए एप का फैलाव हो रहा है। नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (एनसीटीएयू) ने इस बाबत लोगों को सचेत किया है। ये खतरपाक एप फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों में "Night Play", "Reloop", "Kyss", "Vimo", "Rivo", "Nexo", "Vixa" और इसी तरह के दूसरे नामों से चल रहे हैं। एप पर जाने के बाद लोगों से एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही वह फाइल डाउनलोड होती है, संबंधित व्यक्ति वित्तीय फ्रॉड का शिकार हो जाता है। साइबर अपराधी, बैंक खातों पर हाथ साफ कर देते हैं। 

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एनसीटीएयू के अनुसार, ये एप्स मुख्य रूप से फेसबुक और इंस्टाग्राम  पर विज्ञापनों के जरिए बांटे जाते हैं, जो एडल्ट कंटेंट वाली वेबसाइटों पर ले जाते हैं। वहां यूज़र को एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। वह फाइल इंस्टॉल होने के बाद, एप ऐसी अनुमतियां मांगता है जो उसे अतिरिक्त ऐप्स इंस्टॉल करने की सुविधा देती हैं। एक्सेसिबिलिटी अनुमति का गलत इस्तेमाल करके वह यूज़र के डिवाइस का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेता है। इसके चलते फाइनेंशियल फ्रॉड हो सकता है। कुछ एप्स वीपीएन भी इंस्टॉल करते हैं, जिसका इस्तेमाल खतरनाक/आपराधिक गतिविधियों से जुड़े इंटरनेट ट्रैफ़िक को रूट करने के लिए किया जा सकता है। एप यूजर को डिवाइस सेटिंग्स के ज़रिए इसे अनइंस्टॉल करने से रोक सकता है।
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धोखाधड़ी का तरीका
1. वितरण: खतरनाक एप को पोर्नोग्राफिक कंटेंट से जुड़े विज्ञापनों या लिंक के जरिए मुख्य रूप से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फैलाया जाता है। ये विज्ञापन फिशिंग वेबसाइटों पर रीडायरेक्ट करते हैं।
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2. रीडायरेक्शन: विज्ञापन पोर्नोग्राफिक कंटेंट वाली फ़िशिंग वेबसाइटों पर रीडायरेक्ट करते हैं। वेबसाइट के डोमेन मुख्य रूप से ".live" वाले होते हैं। यूज़र्स को गूगल प्ले स्टोर के बाहर के स्रोतों से एपीके डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए मनाया जाता है।
3. ऐप अपडेट: पहले, शुरुआती एप द्वारा गलत तरीके से ली गई अनुमतियों के आधार पर, ऐप अपडेट के बहाने एक दूसरा पैकेज डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाता है।
4. डिवाइस पर कब्ज़ा करने के लिए एक्सेसिबिलिटी अनुमति का दुरुपयोग: इंस्टॉलेशन के बाद, ऐप यूज़र्स से एक्सेसिबिलिटी और अन्य संवेदनशील अनुमतियाँ देने के लिए कहता है। एक बार चालू होने पर, मैलवेयर डिवाइस का नियंत्रण ले लेता है और बैकग्राउंड में चलता रहता है।
5. वीपीएन इंस्टॉलेशन: कुछ एप्स डिवाइस पर वीपीएन भी इंस्टॉल कर सकते हैं, जिससे सारा इंटरनेट ट्रैफ़िक हमलावर के नियंत्रण वाले सर्वर से होकर गुज़रता है। इससे यूज़र का भेजा गया डेटा असुरक्षित हो जाता है, जिसका बाद में खतरनाक या आपराधिक गतिविधियों के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है।
6. अनधिकृत लेनदेन: चूँकि मैलवेयर में प्रभावित डिवाइस का नियंत्रण लेने की क्षमता होती है, इसलिए ऐसे एप्स इंस्टॉल करने से वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है।

सावधानी और सुरक्षा से जुड़े सुझाव
-सिर्फ़ गूगल प्ले स्टोर या दूसरे भरोसेमंद ऐप स्टोर से ही एप्स इंस्टॉल करें।
-विज्ञापनों, वेबसाइटों या संदिग्ध लिंक से APK फ़ाइलें डाउनलोड न करें।
-अनजान ऐप्स को 'एक्सेसिबिलिटी' की परमिशन न दें।
-इंस्टॉल किए गए ऐप्स को देखें और जिन एप्स को आप नहीं पहचानते, उन्हें हटा दें।
-Google Play Protect को चालू रखें और अपने Android डिवाइस को अपडेट रखें।
-अपने बैंक अकाउंट और यूपीआई ट्रांज़ैक्शन को नियमित रूप से चेक करते रहें।

अनइंस्टॉल करने के चरणh
तरीका 1: सुरक्षित मोड में रीबूट करें

चरण 1: अपने फ़ोन को सुरक्षित मोड में शुरू करें: पावर बटन को दबाकर रखें। सुरक्षित मोड विकल्प दिखाई देने तक पावर ऑफ बटन को दबाकर रखें। ओके या सुरक्षित मोड में रीस्टार्ट पर क्लिक करें। फ़ोन के रीस्टार्ट होने का इंतज़ार करें। स्क्रीन के नीचे "सुरक्षित मोड" दिखाई देगा।
चरण 2: ऐप को अनइंस्टॉल करें: सेटिंग्स खोलें। ऐप्स पर जाएं। संदिग्ध एप्लिकेशन चुनें। अनइंस्टॉल पर टैप करें। किसी भी अन्य अज्ञात या संबंधित एप्लिकेशन को हटा दें।

चरण 3: सामान्य रूप से रीस्टार्ट करें: फ़ोन को रीस्टार्ट करें। डिवाइस स्वचालित रूप से सुरक्षित मोड से बाहर आ जाएगा।

एक और तरीका ... 
चरण 1: डिफ़ॉल्ट होम स्क्रीन को पुनर्स्थापित करें (यदि आवश्यक हो): सेटिंग्स खोलें। ऐप्स → डिफ़ॉल्ट
ऐप्स → होम ऐप पर जाएं। अपने फ़ोन का मूल लॉन्चर चुनें (सिस्टम लॉन्चर, वन यूआई होम, पिक्सेल लॉन्चर, आदि)।
चरण 2: एक्सेसिबिलिटी एक्सेस अक्षम करें: सेटिंग्स खोलें। एक्सेसिबिलिटी पर टैप करें। इंस्टॉल्ड
सेवाएं या डाउनलोड किए गए ऐप्स खोलें। संदिग्ध एप्लिकेशन चुनें। एक्सेसिबिलिटी बंद करें।
चरण 3: व्यवस्थापक एक्सेस हटाएं: सेटिंग्स खोलें। सुरक्षा या सुरक्षा और गोपनीयता पर जाएं।
डिवाइस व्यवस्थापक ऐप्स या डिवाइस व्यवस्थापक खोलें। यदि संदिग्ध ऐप सक्षम है, तो उसे चुनें।
निष्क्रिय करें या बंद करें पर टैप करें।

डिवाइस सत्यापित करें: सेटिंग्स > एप्स खोलें। पुष्टि करें कि संदिग्ध एप्लिकेशन हटा दिया गया है। यदि एप नहीं हटाया जा सकता है या रीस्टार्ट करने के बाद वापस आ जाता है, तो अपने महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप लें और फैक्टरी रीसेट करें।

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