संसद: कोरोना पर हर्षवर्धन ने दिया बयान, कहा-मरीजों को दे रहे हैं बेहतर इलाज
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देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 120 से ऊपर पहुच गई है। जिसे लेकर राज्यसभा में आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पायलट, डॉक्टर अपनी जिंदगी को खतरे में डालकर दूसरों की जिंदगी बचा रहे हैं। हम मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहे हैं।
हिंदी भाषा पर प्रश्न पूछने की अनुमति न मिलने पर द्रमुक, कांग्रेस और राकांपा का वाकआउट
लोकसभा में हिंदी भाषा को लेकर पूरक प्रश्न पूछने की मांग करते हुए द्रमुक के सदस्यों ने मंगलवार को हंगामा किया और अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने और सहयोगी कांग्रेस एवं राकांपा के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया। इससे पहले पूरक प्रश्न पूछते हुए अरविंद शर्मा ने हिंदी को ‘राष्ट्रभाषा’ का दर्जा दिए जाने की मांग की।
इसके जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि हिंदी को 14 सितंबर, 1949 को संविधान ने हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया था। राजभाषा विभाग केंद्रीय सरकार के कामों में हिंदी के बढ़ते उपयोग को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हिंदी को किसी राज्य पर थोपा नहीं जाएगा।
बैंकिंग सेक्टर की खराब हालत पर जेपीसी गठन की उठी मांग
बैंकिंग सेक्टर के भारी संकट में होने और यस बैंक मामले की पृष्ठभूमि में पूरे बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति की जांच के लिए सोमवार को लोकसभा में एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित किए जाने की मांग की गई। शून्यकाल में कांग्रेस के मनीष तिवारी ने यह मामला उठाते हुए कहा कि बैंकिंग सेक्टर संकट में है और इसे लाखों करोड़ों निवेशकों की जिंदगीभर की कमाई दांव पर लगी है।
उन्होंने कहा कि आम निवेशकों को संकट से उबारने के बजाय केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार यस बैंक को बचाने के लिए जो स्कीम लेकर आई है उसका मकसद बैंक के प्रमोटरों की इक्विटी को बचाने का प्रावधान करना है। तिवारी ने कहा कि यस बैंक मामला बैंक के प्रमोटरों की गलती से हुआ है लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त मंत्री मिलकर प्रमोटरों को बचाने में लगे हैं।
रमेश ने समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग की राय के बारे में सरकार से जवाब मांगा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को राज्यसभा में सरकार से सवाल किया कि समान नागरिक संहिता के संबंध में विधि आयोग द्वारा पेश किए गए एक परामर्श पत्र पर क्या कदम उठाए गए हैं? इस परामर्श पत्र में कहा गया है कि समान नागरिक संहिता इस मौके पर न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।
रमेश ने उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विधि आयोग ने 2018 में परिवार संबंधी कानून पर एक परामर्श पत्र जारी किया था जिसमें विवाह, तलाक, बच्चों का अभिभावक सहित विभिन्न विषयों को शामिल किया गया।उन्होंने कहा कि परामर्श पत्र में कहा गया है कि इस मौके पर समान नागरिक संहिता न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सरकार ने विधि आयोग की सिफारिशों पर क्या कदम उठा हैं।
राज्यसभा में हर्षवर्धन ने कोरोना पर दिया बयान
राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना को लेकर सतर्क है। मरीजों को उच्च स्तरीय सुरक्षा दी जा रही हैं। विदेश से आने वाले लोगों पर मुहर लगाई जाएगी।
तीन अप्रैल तक जारी रहेगी संसद की कार्यवाही
भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद की कार्यवाही तीन अप्रैल तक जारी रहेगी। उन्होंने सांसदों से कहा कि वह अपने लोकसभा क्षेत्र जाएं और लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरुक करें।