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संसद Live: लोकसभा में रविशंकर ने बीएसएनएल को लेकर दिया जवाब

Wed, 18 Mar 2020 12:35 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 18 Mar 2020 12:35 PM IST
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रविशंकर प्रसाद - फोटो : ANI

संसद में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बीएसएनएल को लेकर जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'हम दृढ़ता से मानते हैं कि बीएसएनएल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का अस्तित्व सार्वजनिक सेवा और संचार की संपूर्ण प्रणाली में निष्पक्षता दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। बीएसएनएल को खराब समय का सामना करना पड़ा। 2014-15, 2015-16 में इसमें सकारात्मक दिखाई दी।'

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बीएसएनएल को लेकर विपक्ष पर प्रसाद का निशाना
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीएसएनएल की स्थिति को लेकर बुधवार को लोकसभा में विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि यह विरासत में मिली स्थिति का मुद्दा है और 'बात निकलेगी तो दूर तक जाएगी।' सदन में प्रश्नकाल के दौरान बीएसएनएल के कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) दिए जाने से संबंधित पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए प्रसाद ने यह टिप्पणी की।
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द्रमुक सांसद दयानिधि मारन ने पूरक प्रश्न पूछते हुए आरोप लगाया कि मंत्री ने कर्मचारियों को वीआरएस देने के मामले में और कंपनी के मुनाफे को लेकर अधूरी जानकारी दी है। इस पर प्रसाद ने कहा, 'यह विरासत का मुद्दा है। अगर बात निकलेगी तो दूर तक जाएगी।' उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के करीब एक लाख कर्मचारियों ने वीआरएस का विकल्प चुना है और सबको अच्छी-खासी राशि दी जा रही है।
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तेल कीमतों में कमी का लाम उपभोक्ताओं को भी देने की राज्यसभा में उठी मांग
पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में उठा और तेदेपा के एक सदस्य ने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आयी भारी कमी का लाभ आम उपभोक्ताओं को भी मिलना चाहिए। तेदेपा सदस्य के रवींद्र कुमार ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया। 

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2019 में कच्चे तेल की कीमत 65 डॉलर प्रति बैरल थी जो फरवरी में घटकर 59 डॉलर हो गयी। उन्होंने कहा कि यह कीमत और घटकर 32 डॉलर हो गयी है। कुमार ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आयी भारी कमी का लाभ आम उपभोक्ताओं को नहीं मिला और सरकार ने उत्पाद शुल्कों में वृद्धि कर दी।

राज्यसभा में उठा मास्क, सेनेटाइजर की कमी व ऊंची कीमतों का मुद्दा
कोरोना वायरस का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में भी उठा और कांग्रेस के एक सदस्य ने देश में मास्क तथा सेनेटाइजर की कमी और उनकी ऊंची कीमतों का मुद्दा उठाया। कांग्रेस सदस्य रिपुन बोरा ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि शहरी क्षेत्रों में ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी साबुनों, मास्क, सेनेटाइजर की कमी महसूस की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को काफी ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुरोध किया कि वह इन उत्पादों की आपूर्ति की निगरानी करे और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करे। आप सदस्य संजय सिंह ने विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाते हुए देश में कोरोना वायरस जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की।

कांग्रेस ने फारूक अब्दुल्ला के मामले में केंद्र पर गुमराह करने का आरोप लगाया
नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की रिहाई का मुद्दा लोकसभा में उठाते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और सरकार से जवाब मांगा। लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल समाप्त होने पर सदन में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला और कई पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को देश की सुरक्षा के प्रति खतरा बताते हुए हिरासत में लिया गया था।

उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला और इन नेताओं को जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों फारूक अब्दुल्ला को रिहा कर दिया गया तो क्या अब वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नही हैं? अब ऐसा क्या हुआ कि केंद्र सरकार ने उन्हें रिहा कर दिया?

अगले 30-35 साल बाद कोयले का महत्व नहीं रह जाएगा
कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि अक्षय ऊर्जा का उपयोग बढ़ने के साथ ही अगले 30-35 साल में कोयले का महत्व नहीं रह जाएगा। उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान अधीर रंजन चौधरी, निशिकांत दुबे और सुदीप बंधोपाध्याय के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह टिप्पणी की।

जोशी ने कहा कि कोयला खदान वाले सभी राज्यों से आग्रह है कि वे इस प्राकृतिक संपदा का सही से दोहन करने के लिए सहयोग करें क्योंकि देश के विकास में इसका काफी महत्व है। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा के दूसरे माध्यमों का जिस तरह से विस्तार हो रहा है उससे लगता है कि 30-35 वर्षों बाद कोयले का महत्व नहीं रह जाएगा।

राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों का हंगामा, बैठक दो बजे तक के लिए स्थगित
राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस के सदस्यों ने अपने एक नेता को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने को लेकर हंगामा किया जिससे सदन की कार्यवाही करीब 12 बजे दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

जम्मू कश्मीर में पांच अगस्त के फैसले के बाद बिगड़ी सामाजिक शांति
कांग्रेस ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि गत पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर और लद्दाख को लेकर सरकार ने जो फैसले किये, उससे वहां सामाजिक शांति बिगड़ गई और ऐसी स्थिति में दोनों केंद्रशासित राज्यों में आर्थिक तरक्की भी नहीं हो सकती। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों के लिए अनुदानों की मांगों पर सदन में चर्चा की शुरूआत करते हुए केंद्र सरकार पर ‘संकीर्ण सोच’ के साथ यह फैसला लेने का आरोप लगाया और यह आरोप भी लगाया कि इस फैसले को 'कूटनीति और राजधर्म' के तहत नहीं लिया गया जिसके दूरगामी परिणाम देश को भुगतने होंगे।

पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी देश जैसे संबंध चाहता है भारत
केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी देश जैसे संबंध चाहता है। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी देश जैसे संबंध चाहता है। हमारी अटल स्थिति यह है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह के मुद्दों, यदि कोई हों तो उन्हें आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए।' 

मौजूदा वित्त वर्ष में रेल हादसों में एक भी मौत नहीं हुई
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों में रेल हादसों में लगातार कमी आई है और मौजूदा वित्त वर्ष में हुए रेल हादसों में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गोयल ने रेल दुर्घटनाओं से जुड़ा जो आंकड़ा पेश किया उसके मुताबिक वर्ष 2019-20 में देश में कुल 55 रेल हादसे हुए, हालांकि इनमें किसी की मौत नहीं हुई। 

इन हादसों में 73 रेल यात्री घायल हो गए। उन्होंने कहा कि 2018-19 में 59 रेल हादसे हुए थे जिनमें 16 रेल यात्रियों की मौत हो गई और 90 यात्री घायल हो गए। मंत्री के अनुसार वर्ष 2017-18 के दौरान 73 रेल हादसे हुए जिनमें 28 रेल यात्रियों की मौत हो गई और 182 यात्री घायल हो गए।

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