संसद भवन बहिष्कार: गृहमंत्री बोले- कांग्रेस का साथ देने वालों की हालत उनके जैसी ही होगी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले नौ वर्षों में कभी भी देश के चुने हुए प्रधानमंत्री मोदी को स्वीकार नहीं किया। अब वे संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार कर रहे हैं। जनता सब कुछ देख रही है। उन्होंने कहा, उनके साथ कई अन्य दल भी आ गए हैं...
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कांग्रेस ने पिछले नौ वर्षों में कभी देश के चुने हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीकार नहीं किया। जनता सब कुछ देख रही है। अब कांग्रेस नए संसद भवन के उद्गाटन का वहिष्कार कर रही है। इसके साथ ही कुछ अन्य दल भी उसके साथ आ गए हैं। उन्होंने कहा, जो राजनीतक दल कांग्रेस के साथ बहिष्कार में शामिल हो रहे हैं, उनका हाल भी कांग्रेस जैसी ही हो जाएगी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले नौ वर्षों में कभी भी देश के चुने हुए प्रधानमंत्री मोदी को स्वीकार नहीं किया। अब वे संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार कर रहे हैं। जनता सब कुछ देख रही है। उन्होंने कहा, उनके साथ कई अन्य दल भी आ गए हैं। कांग्रेस के साथ जाने वालों की हालत भी वैसी ही होगी जैसी कि कांग्रेस की हो गई है। उन्होंने कहा, कांग्रेस और बाकी दलों बेवजह इसका वरिष्कार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में बहुत से राज्यों में विधानसभाओं के उद्घाटन किए, जिसमें राज्यपालों को नहीं बुलाया गया। उन्होंने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का उद्घाटन सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने किया। वहां के राज्यपाल को नहीं बुलाया। झारखंड विधानसभा का उद्घाटन वहां के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। राज्यपाल को नहीं बुलाया। मणिपुर विधानसभा का उद्घाटन वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री, सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन ने किया। तमिलनाडु विधानसभा के उद्घाटन में भी राज्यपाल को नहीं बुलाया गया था।
300 सीटों के साथ तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे नरेंद्र मोदी
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की जनता ने चुनकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। यह देश की जनता का जनादेश है। देश की जनता कांग्रेस की इच्छा पर निर्भर नहीं है। यह लोकतंत्र है। लोगों ने चुनकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया है। मगर कांग्रेस पार्टी और उनका राज परिवार प्रधानमंत्री को स्वीकारने के लिए तैयार नहीं है। प्रधानमंत्री को संसद में बोलने नहीं देती। वह जब भी कोई कार्यक्रम करते हैं। ये बहिष्कार करने लगते हैं। मैं कांग्रेस पार्टी के नेताओं को कहना चाहता हूं आपके बहिष्कार करने से कुछ नहीं होता। पूरे देश का आशीर्वाद नरेंद्र मोदी के साथ है। पूरे देश की जनता चाहती है कि नए भारत के निर्माण में लोकतंत्र का मंदिर भी नया बने। नई संसद के अंदर नए भारत की रचना के लिए मनन हो चिंतन हो।
आप जो कर रहे हैं, भारत की 130 करोड़ लोग देख रहे हैं। अगले चुनाव में जब मैंडेट लेने जाएंगे, जिनका विपक्ष का स्टेटस चला गया है। अगली बार इतनी भी सीटें नहीं आएंगी और मोदी 300 से अधिक सीटों के साथ तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
गृहमंत्री ने दिए 44,703 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, पहले की सरकारें अपने चाहने वालों को नौकरी मिलती थी। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार ने एक ट्रांसपेरेंट नीति बनाई और जो सही उम्मीदवार था, उसको नौकरी मिल रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ गुरुवार को असम के हिमंत बिस्वा सरमा के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में 44,703 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, जिस असम का युवा बंदूक लेकर चलता था। हिंसा होती थी। आज युवा सरकारी नौकरी मिलने के बाद 1 जून से असम की जनता की सेवा करेंगे। भाजपा सरकार ने चुनाव में वादा किया था कि पांच वर्ष में एक लाख नौकरी देंगे। भाजपा की सरकार ने पांच वर्ष का वादा ढाई वर्ष में ही पूरा करने वाली है। उन्होंने कहा, 44,703 नियुक्ति पत्र देने के साथ ही अब तक 87 हजार युवाओं को नौकरी दे चुकी है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि अगले छह महीनों में 22 हजार सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। आज जिन विभागों में में नियुक्ति पत्र दी गई उनमें, तृतीय वर्ग को 11,048, चतुर्थ वर्ग 13, 739, परिवहन 222, सामाजि न्याय 363, एलपी और यूपी 4437, शहीद परिवारों के 231, आसम पुलिस 12079 और स्वास्थ्य विभाग 5281 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए।
26 मई को देशव्यापी विरोध
अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस ने गुरुवार को मोदी सरकार पर नए संसद भवन का उद्घाटन करने के लिए देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को न बुलाकर आदिवासियों का अपमान करने का आरोप लगाया। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस ने 26 मई को इस कदम के खिलाफ देशव्यापी विरोध की घोषणा की है। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के प्रमुख शिवाजीराव मोघे ने यहां एआईसीसी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के बजाय नए संसद भवन का उद्घाटन करना लोकतंत्र का अपमान है। इस बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दिसंबर 2020 में नई संसद के शिलान्यास समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था और अब वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई संसद का उद्घाटन करने की अनुमति नहीं है।