संसद बजट सत्र: धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- इतिहास को दोबारा लिखने की कोई योजना नहीं, बस व्यापक बनाने की कोशिश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) भारतीय इतिहास को फिर से लिखने के लिए कोई परियोजना शुरू नहीं की है, लेकिन उन सभी प्रमुख आंकड़ों और घटनाओं को शामिल करने पर काम कर रही है, जो इतिहास की किताबों का हिस्सा नहीं हैं।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इतिहास को दोबारा लिखने की कोई योजना नहीं है, लेकिन इतिहास को व्यापक बनाया जा रहा है। उन्होंने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य मनीष तिवारी के पूरक प्रश्न के उत्तर में यह टिप्पणी की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) भारतीय इतिहास को फिर से लिखने के लिए कोई परियोजना शुरू नहीं की है, लेकिन उन सभी प्रमुख आंकड़ों और घटनाओं को शामिल करने पर काम कर रही है, जो इतिहास की किताबों का हिस्सा नहीं हैं।
उन्होंने पीएम मोदी के मनगढ़ दौरे का जिक्र किया, जहां 1913 में अंग्रेजों ने 1500 आदिवासियों का संहार किया था। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने गुरु गोबिंद साहिब के पुत्र साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की याद में ‘वीर बाल दिवस’ मनाने का भी फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या भारत को तेलुगु क्रांतिकारी अल्लूरी सीताराम राजू या ओडिशा के बक्सी जगबंधु के बारे में नहीं पता होना चाहिए, ये सभी वर्तमान भारतीय इतिहास की किताबों का हिस्सा नहीं हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले- हम अंतराल को भर रहे
केंद्रीय मंत्री ने कहा, लगभग 1100-1200 वर्षों तक भारत विदेशी शासन के अधीन था और उस दौर में कई सभ्यताओं ने संस्कृति के गौरव, सम्मान और उत्थान के लिए काम किया। इन सभी को इतिहास के पन्नों में आना चाहिए। आईसीएचआर इस तरह के अंतराल को भर रहा है। हम प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं, व्यक्तित्वों और घटनाओं को शामिल करके ‘अंतराल’ भर रहे हैं।
उच्च शिक्षण संस्थानों में खाली हैं 14600 से ज्यादा संकाय पद
देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में 14,600 से ज्यादा संकाय पद रिक्त हैं। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने सोलापुर से भाजपा सांसद जयसिद्देश्वर शिवाचार्य महास्वीमीजी के सवाल का जवाब देते हुए सोमवार को लोकसभा में कहा कि सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र व अतिरिक्त पद सृजित होने की वजह से ये पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी रिक्तियों से जल्द से जल्द नियुक्तियां करने के लिए अभियान चला रखा है।
जीएसटी बकाया एजी के सर्टिफिकेट के बाद ही
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कुछ राज्यों के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अनुदान बकाया हैं। इसका कारण उनकी ओर से अकाउंटेंट जनरल(एजी) सत्यापित प्रमाणपत्र नहीं जमा करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 से केरल ने एक भी प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया है। एक अनुपूरक प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री कहा कि 31 मई 2022 तक सभी राज्यों को 86,912 रुपये जीएसटी अनुदान के रूप में जारी किए गए हैं। यह केंद्र सरकार नहीं, परिषद तय करती है कि किन-किन राज्यों को जीएसटी अनुदान जारी जाना है।
प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे के निपटान को ईपीआर
प्लास्टिक पैकेजिंग से निकलने वाले कचरे की चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र के विकास की अनुमति देने के लिए विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व दिशानिर्देश (ईपीआर) जारी किए गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने यह जानकारी दी। दिशानिर्देश में कचरे के निपटान के लिए अनिवार्य लक्ष्य भी दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
तीन साल में 1.12 लाख मजदूरों ने की खुदकुशी
केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि 2019 से 2021 तक कुल 1.12 लाख दिहाड़ी मजदूरों ने आत्महत्या की। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान 66,912 गृहिणी, 53,661 स्व-नियोजित व्यक्ति, 43,420 वेतनभोगी और 43,385 बेरोजगारों ने भी आत्महत्या की। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि 35,950 छात्र और 31,839 खेती से जुड़े किसान और खेतिहर मजदूरों ने भी इस अवधि में खुदकुशी की है।
क्रिप्टो पर विनियमन के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी
देश में क्रिप्टो लेनदेन, वेब3 क्षेत्र को व्यापक रूप से अनियमित बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस दिशा में विनियमन के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करने होंगे। सीतारमण ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कहा कि दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल मुद्राओं के खुदरा और थोक इस्तेमाल के संदर्भ में एक पायलट परियोजना शुरू की है जिसके परिणामों का इंतजार किया जा रहा है। सदन में द्रमुक सांसद टी सुमति के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीतारमण ने कहा कि क्रिप्टो माइनिंग, लेनदेन या पूंजी भारत में अभी व्यापक तौर पर अनियंत्रित है।
4164 करोड़ की अघोषित विदेशी संपत्ति के 648 खुलासे
काला धन (अघोषित विदेशी आय व संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के अनुपालन के लिए तीन माह की मोहलत दिए जाने पर 30 सितंबर, 2015 तक 4,164 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति से जुड़े 648 खुलासे किए गए थे। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खुलासों के आधार पर जुर्माने व कर के तौर पर 2,476 करोड़ रुपये जमा हुए थे।
सम्मिश्रण से कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य
अंतर-मंत्रालयी समिति की ओर से 2025 तक भारत में इथेनॉल सम्मिश्रण के लिए योजना तैयार की गई है। ई शून्य (स्वच्छ पेट्रोल) की तुलना में ई 20 (पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल सम्मिश्रण) का उपयोग करके दो पहिया वाहनों में लगभग 50 और चार पहिया वाहनों में लगभग 30 फीसदी कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का अनुमान लगाया गया है। हाइड्रोकार्बन उत्सर्जन में भी 20 फीसदी की कमी का अनुमान है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने यह जानकारी दी।
लोकसभा में सांसदों ने रखी मांग, झारखंड में लागू करें एनआरसी
लोकसभा में चर्चा के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के अपने संसदीय क्षेत्र गोड्डा में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की मांग करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैटियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जबकि सांथल जनजाति के लोगों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आदिवासी समुदाय को मिलने वाले लाभ उन लोगों को नहीं दिए जाएं, जो धर्म परिवर्तन कर लेते हैं।
जोशीमठ के लिए मास्टरप्लान की जरूरत
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के लोकसभा सदस्य तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जोशीमठ का बड़ा हिस्सा सामान्य स्थिति में है, लेकिन भू-धंसाव की वजह से सभी चिंतित हैं। उनकी चिंता दूर करने के लिए मास्टरप्लान की जरूरत है।
स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा रोकने को मजबूत कानून हो : थरूर
शशि थरूर ने सोमवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान केंद्र सरकार से स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ होने वाली हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानून बनाने का आग्रह किया। थरूर ने कहा, 75 फीसदी स्वास्थ्यकर्मी कभी न कभी मारपीट का सामना करते हैं। सरकार 2109 में एक विधेयक लेकर आई थी, लेकिन बिना कोई कारण बताए इसे वापस ले लिया गया। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए एक समग्र विधेयक पेश किया जाना चाहिए।