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तमिलनाडु: सात जातियों को एक नाम के अंतर्गत लाने वाले बिल पर संसद ने लगाई मुहर
Tue, 23 Mar 2021 06:00 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 23 Mar 2021 06:00 AM IST
सार
- सात जातियों को एक नाम देवेंद्रकुल वेल्लार के अंतर्गत समाहित करने वाले संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश संशोधन विधेयक 2021 पर सोमवार को संसद की लगाई मुहर
- राज्यसभा में इस बिल के पारित होने के साथ ही संसदीय अनुमोदन प्रक्रिया भी हुई पूरी
- राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा जहां से मंजूरी के बाद यह बन जाएगा कानून
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संसद (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
चुनावी राज्य तमिलनाडु में सात जातियों को एक नाम देवेंद्रकुल वेल्लार के अंतर्गत समाहित करने वाले संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश संशोधन विधेयक 2021 पर सोमवार को संसद की मुहर लग गई। राज्यसभा में इस बिल के पारित होने के साथ ही संसदीय अनुमोदन प्रक्रिया भी पूरी हो गई। लोकसभा इस बिल को पिछले हफ्ते ही हरी झंडी दे चुका है। इसे अब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा जहां से मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा।
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विधेयक पर बहस का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने मोदी सरकार द्वारा बीआर आंबेडकर को उचित स्थान दिलाने के लिए उठाए गए कदमों को रेखांकित किया। उन्होंने विधानसभा चुनावों में ध्यान में रखते हुए बिल लाने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, यह प्रक्रिया 2015 में शुरू हुई थी जब राज्य सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव भेजा था और इसे पूरा करने में थोड़ा वक्त जरूर लगा।
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गौरतलब है कि तमिलनाडु में 6 अप्रैल को होने हैं चुनाव
आरक्षण को लेकर विपक्ष पर हमला बोलते हुए गहलोत ने पूछा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान घोषित करते हुए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का आरक्षण किसने खत्म किया? उन्होंने कहा कि यह यूपीए सरकार ने किया था।, हमारी सरकार ने कभी आरक्षण खत्म करने के बारे में नहीं सोचा।
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हमारी सरकार हमेशा आरक्षण के साथ : गहलोत
गहलोत ने कहा, हमारी सरकार हमेशा से आरक्षण के साथ है और रहेगी। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी यह था और नरेंद्र मोदी सरकार में भी आरक्षण रहेगा। ऐसे आरोप की सरकार आरक्षण खत्म करना चाहती है हकीकत से कोसों दूर है।